इमरान व उनकी पत्नी बुशरा को 17-17 साल की कैद

पाकिस्तान की राजनीति में 20 दिसम्बर को एक बड़ा मोड़ आया है। फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एफआईए) की विशेष अदालत ने तोशाखाना-2 केस में पीटीआई के संस्थापक इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को 17-17 साल की सजा सुनाई। यह फैसला रावलपिंडी की अदियाला जेल में सुनाया गया, जहां इमरान खान इस समय बंद हैं। यह मामला मई 2021 का है, जब इमरान खान को एक आधिकारिक दौरे के दौरान सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस की ओर से एक महंगा बुल्गारी ज्वेलरी सेट तोहफे में मिला था।
आरोप है कि यह ज्वेलरी बेहद कम कीमत पर खरीदी गई और नियमों के अनुसार इसे सार्वजनिक खजाने में जमा नहीं कराया गया। जांच एजेंसियों का कहना है कि इससे सरकारी खजाने को नुकसान हुआ। विशेष जज सेंट्रल शाहरुख अरजुमंद ने कुल 80 से ज्यादा सुनवाइयों के बाद फैसला सुनाया। अदालत ने इमरान खान को पाकिस्तान पीनल कोड की धारा 34 और 409 के तहत 10 साल की कठोर कैद दी। इसके अलावा प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट की धारा 5(2) के तहत 7 साल की अलग सजा सुनाई गई। इसी तरह बुशरा बीबी को भी उन्हीं धाराओं के तहत कुल 17 साल की सजा दी गई। कोर्ट ने दोनों पर कुल 1 करोड़ 64 लाख पाकिस्तानी रुपये का जुर्माना भी लगाया है। अदालत ने साफ किया कि अगर जुर्माना अदा नहीं किया गया, तो सजा की अवधि और बढ़ाई जा सकती है। हालांकि फैसले में यह भी कहा गया कि इमरान खान की उम्र और बुशरा बीबी के महिला होने को ध्यान में रखते हुए सजा में नरमी बरती गई है। अदालत ने दोनों को दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 382-बी का लाभ भी दिया है, जिसके तहत पहले से जेल में बिताए गए समय को सजा में जोड़ा जाएगा। फैसले के तुरंत बाद इमरान खान और बुशरा बीबी की कानूनी टीम ने संकेत दिया कि इस निर्णय को हाई कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। दोनों को इस केस में दिसंबर 2024 में औपचारिक रूप से आरोपी बनाया गया था। अक्टूबर 2025 में दोनों ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए केस को राजनीति से प्रेरित साजिश बताया था।



