इंडोनेशिया में सड़क पर रह रहे भूकंप प्रभावित

इंडोनेशिया के पूर्वी हिस्से में 7.7 तीव्रता के भूकंप के कारण अब तक 53 मौतें हो चुकी हैं। भूकंप के एक दिन बाद बचाव टीमों ने 16 अगस्त को छह और शव बरामद किए। वहीं, बेघर हुए हजारों लोगों में से कई ने झटकों के डर से रात बाहर बिताई। कैथोलिक द्वीप फ्लोरेस में भूकंप के कारण भूस्खलन हुआ था। रेस्क्यू टीमों ने यहां के छह इलाकों में मलबे में लोगों की तलाश की। इस दौरान मंगराई, पूर्वी मंगराई और नागेकेओ पर विशेष ध्यान दिया गया, क्योंकि वहां पहुंचना मुश्किल था।सिक्का रीजेंसी की राजधानी मौमेरे में सर्च-एंड-रेस्क्यू ऑफिस के हेड फथुर रहमान ने कहा, हमने ज्यादातर लैंडस्लाइड साफ कर दिए हैं और पहले से अलग-थलग पड़े गांवों की सड़कें फिर से खोल दी हैं, हालांकि कम्युनिकेशन में रुकावट और बिजली कटौती से सर्च के काम में रुकावट आ रही है। ईस्ट नुसा तेंगारा प्रांत में 900 से ज्यादा घर तबाह हो गए और 450 और डैमेज हो गए, जिससे करीब 5,000 लोगों को टेम्पररी शेल्टर में रहना पड़ रहा है।
नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट एजेंसी के डिजास्टर प्रिवेंशन के चीफ अब्दुल मुहरी ने कहा कि अकेले फ्लोरंेस इलाके में कम से कम 241 घर डैमेज हुए। अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे ने कहा कि सुनामी की वॉर्निंग जारी होने और बाद में हटाए जाने पर लोग घबराकर भाग गए। मुहारी ने कहा कि अधिकारियों ने तब से कम से कम 995 आफ्टरशॉक रिकॉर्ड किए हैं, लेकिन लोगों ने सिर्फ 46 महसूस किए और 135 लोग घायल हुए।इंडोनेशिया के सबसे मशहूर टूरिस्ट डेस्टिनेशन में से एक, कोमोडो नेशनल पार्क के गेटवे, लाबुआन बाजो में कई लोगों ने आफ्टरशॉक की वजह से रात बाहर बिताई।



