पाक राष्ट्रपति को जावेद ने सुनाई खरी-खरी

पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 14 अगस्त को आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने संबोधन दिया। इसी दौरान उन्होंने अखंड भारत और पाकिस्तान में हिंदू आबादी को लेकर अपनी बात रखी। जरदारी ने कहा, भारतीयों का नजरिया अलग है। उनकी अपनी सोच और अपने एजेंडा है। भारत अखंड भारत में विश्वास रखता है लेकिन हम मुसलमान हैं। वे नहीं हैं। हम ऐसे सोच वाले मुसलमान हैं जो सहन करते हैं। उन्होंने आगे कहा, पाकिस्तान में 4 प्रतिशत हिंदू आबादी है। वे यहां उतने ही आजाद हैं, जितने कहीं और। वे भारत के बजाय हमारे साथ रहना ज्यादा पसंद करेंगे।
जरदारी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए जावेद अखघ््तर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट की। जावेद अखघ््तर ने लिखा, ष्मिस्टर जरदारी, पाकिस्तान के वह शख्स हैं जो बेनजीर भुट्टो से शादी के बाद सुर्खियों में आए, कहते हैं कि उनका देश अपनी 3-4 प्रतिशत हिंदू आबादी को सहन करता है। मिस्टर जरदारी, मैं समझता हूं कि आप उन सभी के प्रति असंवेदनशील रहते हैं जो 10 परसेंट से कम हैं। जावेद अख्तर की पोस्ट में 10 परसेंट का जिक्र आसिफ अली जरदारी के पुराने राजनीतिक दौर से जोड़कर देखा जा रहा है।
बेनजीर भुट्टो की मौत से पहले जरदारी की सार्वजनिक छवि काफी विवादित रही थी। फरवरी 2008 में हुए पाकिस्तान के नेशनल इलेक्शन के प्रचार के दौरान पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) ने भी उन्हें सार्वजनिक तौर पर कम से कम सामने रखने की कोशिश की थी। उस दौर में जरदारी को पार्टी के लिए राजनीतिक बोझ के तौर पर देखा जाता था। वह भ्रष्टाचार के आरोपों में कई साल जेल में भी रह चुके थे। उन पर कथित तौर पर कमीशन और रिश्वत लेने के आरोप लगे थे। इन्हीं आरोपों के चलते उन्हें विरोधी मिस्टर 10 परसेंट भी कहने लगे थे।



