हसीना ने यूनुस को बताया नाकारा, भारत की तारीफ

बांग्लादेश में भड़की हिंसा पर पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने दुख जताया है। हसीना ने उस्मान हादी की मौत पर कहा, यह दुखद हत्या उस अराजकता को दिखाती है जिसने मेरी सरकार को उखाड़ फेंका और यूनुस के राज में यह और बढ़ गई है। हिंसा आम बात हो गई है, जबकि अंतरिम सरकार या तो इससे इनकार करती है या इसे रोकने में नाकाम है। ऐसी घटनाएं बांग्लादेश को अंदर से अस्थिर करती हैं, लेकिन पड़ोसियों के साथ हमारे रिश्ते भी। भारत अराजकता, अल्पसंख्यकों पर जुल्म को देख रहा है। जब आप अपनी सीमाओं के अंदर बुनियादी व्यवस्था बनाए नहीं रख सकते, तो इंटरनेशनल लेवल पर आपकी क्रेडिबिलिटी खत्म हो जाती है। यह यूनुस के बांग्लादेश की सच्चाई है।
शेख हसीना ने इस्लामिस्ट असर और सिक्योरिटी की चिंताओं पर कहा, मैं भी इस चिंता से ग्रसित हूं और लाखों बांग्लादेशी भी, जो उस सुरक्षित, सेक्युलर देश को पसंद करते हैं जो कभी हमारा था। यूनुस ने कट्टरपंथियों को कैबिनेट में जगह दी है, दोषी आतंकवादियों को जेल से रिहा किया है और इंटरनेशनल आतंकवादी संगठनों से जुड़े ग्रुप्स को पब्लिक लाइफ में रोल निभाने की इजाजत दी है। वह कोई पॉलिटिशियन नहीं हैं और उन्हें किसी मुश्किल देश पर राज करने का कोई एक्सपीरियंस नहीं है। कट्टरपंथी इंटरनेशनल लेवल पर एक चेहरा दिखाने के लिए उनका इस्तेमाल कर रहे हैं। वो हमारे संस्थानों को अंदर से सिस्टमैटिक तरीके से कट्टरपंथी बना रहे हैं। यह न सिर्फ भारत के लिए, बल्कि दक्षिण एशिया की स्थिरता में दिलचस्पी रखने वाले हर देश के लिए चिंता की बात होनी चाहिए। बांग्लादेशी राजनीति का सेक्युलर चरित्र हमारी सबसे बड़ी ताकतों में से एक था और हम इसे कुछ बेवकूफ एक्सट्रीमिस्ट्स की सनक पर बर्बाद नहीं होने दे सकते। शेख हसीना ने प्रत्यर्पण की मांग पर कहा, ये बढ़ती मांगें जिनकी आप बात कर रहे हैं, वो सिर्फ यूनुस एडमिनिस्ट्रेशन की तरफ से आ रही हैं, जो हताश हैं और भटके हुए हैं।



