ईरान में 8वें दिन भी विरोध प्रदर्शन जारी

ईरान में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। लगातार देश में सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन बढ़ता जा रहा है। पूर्वी और पश्चिमी इलाकों में 2 जनवरी को हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। हालात सिर्फ तेहरान तक सीमित नहीं रहे, बल्कि धार्मिक शहरों में भी विरोध प्रदर्शन हुए। इस बीच ब्रिटेन के एक वरिष्ठ सांसद के बयान ने ईरान की सत्ता के गलियारों में हलचल और बढ़ा दी है। उनका दावा है कि सरकार गिरने की आशंका के बीच ईरान के सीनियर नेता देश से बाहर सेफ लैंडिंग की तैयारी में जुट गए हैं। ईरान में देशव्यापी प्रदर्शनों का यह आठवां दिन है। प्रदर्शनकारी महंगाई, बेरोजगारी और राजनीतिक दमन के खिलाफ खुलकर सरकार को चुनौती दे रहे हैं। मानवाधिकार संगठनों के मुताबिक अब तक कम से कम 7 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है और 30 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा 119 लोगों को गिरफ्तार किए जाने की भी पुष्टि की गई है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच ब्रिटेन के कंजर्वेटिव सांसद और पूर्व सुरक्षा मंत्री टॉम टगनहैट का बयान सुर्खियों में है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दावा किया कि ईरान की सत्ता में बैठे कई वरिष्ठ अधिकारी सरकार गिरने की आशंका से विदेशों में सुरक्षित ठिकाने तलाश रहे हैं। टगनहैट ने लिखा, कितने सीनियर नेता विदेशी खुफिया एजेंसियों से संपर्क कर रहे हैं और सुरक्षा के बदले गोपनीय जानकारियां सौंप रहे हैं? उन्होंने यह भी कहा कि नेतृत्व को शक है कि कई लोग सेफ लैंडिंग की तैयारी में हैं, लेकिन यह शक और डर हालात को संभालने में मदद नहीं करेगा।
प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी दी है। ट्रंप ने कहा कि अगर ईरानी प्रशासन ने शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की हत्या की, तो अमेरिका हस्तक्षेप करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि वॉशिंगटन लॉक्ड एंड लोडेड है। ट्रंप के इस बयान के बाद ईरान की प्रतिक्रिया भी तीखी रही। ईरान के विदेश मंत्रालय, संसद अध्यक्ष और शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने अमेरिका को चेताया कि किसी भी हस्तक्षेप के गंभीर क्षेत्रीय परिणाम होंगे और ईरान जवाबी कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा।



