अमरीका का जंगी बेड़ा जेराल्ड आर. फोर्ड भी ईरान की सीमा पर पहुंचा

अमेरिका ईरान के बीच तनाव लगातार तनाव बढ़ रहा है। इस बीच अमेरिका मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी भी बढ़ा रहा है। अभी हाल ही खबर आई है कि अमेरिका अब अपना सबसे बड़ा एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड वहां भेज रहा है। जेराल्ड को मिडिल ईस्ट पहुंचने में एक हफ्ता लगेगा। वहां पहले से अब्राहम लिंकन कैरियर और दूसरे युद्धपोत तैनात हैं। इस कदम से समुद्र और आसमान दोनों से ईरान पर सैन्य दबाव बढ़ने की आशंका है। यह एक न्यूक्लियर-पावर्ड कैरियर एयरक्राफ्ट है और इसमें 75 से ज्यादा सैन्य विमान तैनात किए जा सकते हैं। इनमें एफ-18 सुपर हॉर्नेट फाइटर जेट और ई-2 हॉकआई जैसे अर्ली वार्निंग विमान शामिल हैं। इसमें अत्याधुनिक रडार सिस्टम भी लगा है, जो हवाई यातायात और नेविगेशन को नियंत्रित करने में मदद करता है। यूएसएस जेराल्ड आर. फोर्ड इससे पहले यूरोप में तैनात होना था, लेकिन नवंबर में अचानक इसे कैरेबियन सागर में भेज दिया गया। यह इस साल वेनेजुएला में हुए अमेरिकी ऑपरेशन में भी हिस्सा ले चुका है। इसके अलावा हाल के हफ्तों में कई गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर, फाइटर जेट और निगरानी विमान भी मिडिल ईस्ट में भेजे गए हैं।
अमेरिकी नौसेना के पास कुल सिर्फ 11 एयरक्राफ्ट कैरियर हैं, इसलिए ये बहुत कीमती संसाधन हैं और इनकी तैनाती का कार्यक्रम पहले से तय होता है। पिछले साल जून में जब ईरान इजराइल के बीच जंग शुरू हुई थी, तब ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर हमलों के समय भी अमेरिका के पास क्षेत्र में दो कैरियर थे। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप साथ ही ये भी कह चुके हैं कि अगर ईरान के साथ कोई समझौता नहीं हुआ तो वे दूसरा कैरियर भेजने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगले एक महीने में ईरान के साथ समझौता हो सकता है, नहीं तो अंजाम बुरे होंगे। अमेरिकी जंगी जहाज यूएसएस अब्राहम लिंकन अरब सागर में ईरान पहुंच चुका है। ईरान के कई शहर इसकी स्ट्राइक रेंज में हैं।



