लेखक की कलम

युवाओं, किसानों व महिलाओं पर ‘ममता’

विधानसभा चुनावों से पहले युवाओं, किसानों और महिलाओं पर पश्चिम बंगाल में सियासी ममता की वारिश हो रही है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक कट्टा जमीन के मालिक किसानों को हर साल चार हजार रुपए देने की घोषणा की है। इसी प्रकार 10वीं पास बेरोजगार युवाओं को हर महीने 1500 रुपये भत्ता मिलेगा और लक्ष्मी भंडार योजना के तहत महिलाओं को मिलने वाली धनराशि में पांच सौ रुपये की बढ़ोत्तरी कर दी गयी है। मुख्यमंत्री ने यह व्यवस्था अंतरिम बजट में की है। वहां इसी साल विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनाव के बाद नयी सरकार पूर्ण बजट पेश करेगी। सवाल यह जरूर उठता है कि क्या मौजूदा ममता बनर्जी सरकार को अंतरिम बजट में इस प्रकार से ममता लुटाने का अधिकार है? हालांकि सरकार के कार्य ठप न हों, इसके लिए अंतरिम बजट प्रस्तुत किया जाता है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जानती हैं कि भाजपा अंतरिम बजट पर बारीकी से नजर रखे हुए है। केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि बजट में पश्चिम बंगाल का बहुत ध्यान रखा गया है। उधर, ममता बनर्जी भी अपना पक्ष मजबूत रखने के लिये मतदाता सूची के विशेष गहन परीक्षण (एसआईआर) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में तर्क रखे हैं। उन्होंने सबसे बड़ी अदालत को बताया कि राज्य में मतदाता सूची से 58 लाख लोगों के नाम काटे जा चुके हैं। चुनाव आयोग से इंसाफ न मिलने पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने किसानों और बेरोजगार युवकों को लेकर बड़ा ऐलान किया है। सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि 1 कट्ठा जमीन के मालिक को हर साल 4000 रुपये मिलेंगे। इसके साथ ही खेती करने वाले किसानों के लिए बिजली फ्री की जाएगी। ममता बनर्जी ने कहा कि लक्ष्मी भंडार योजना के तहत महिलाओं को पैसे मिल रहे हैं और अब युवा साथी योजना के तहत 10वीं पास बेरोजगार युवकों को हर माह 1500 रुपए दिए जाएंगे। यह राशि अगस्त से नहीं, बल्कि अप्रैल से मिलने लगेगी। उन्होंने कहा कि एग्रीकल्चर, इरिगेशन, पावर, यूथ डिपार्टमेंट ये कैंप 15 फरवरी से 26 फरवरी तक (छुट्टियों को छोड़कर) सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक लगाए जाएंगे। बंगाल में नई सरकार बनने के बाद नहीं, युवा साथी स्कीम का फायदा अप्रैल से मिलेगा। ममता बनर्जी कहा कि 1 अप्रैल से युवा साथी स्कीम के तहत बेरोजगार युवाओं को हर महीने 1500 टका दिए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी ऐलान किया कि 15 अगस्त से शुरू होने वाली इस स्कीम को आगे लाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि एप्लीकेशन लेने के लिए अखबारों में विज्ञापन दिए जाएंगे। कुछ दिन पहले, विधानसभा के बजट सेशन में अंतरिम बजट पेश करते हुए वित्त राज्य मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने युवा साथी स्कीम का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि 21 से 40 साल के बेरोजगार युवा, जिन्होंने सेकेंडरी स्कूल पास कर लिया है, उन्हें पांच साल तक हर महीने 1500 रुपए दिए जाएंगे। उन्होंने ऐलान किया कि यह स्कीम अगले अगस्त से शुरू होगी। सवाल यह उठता है कि क्या यह ऐलान अंतरिम बजट में किया जा सकता है या नहीं। बंगाल में विधानसभा चुनाव में अब सौ दिन भी नहीं बचे हैं। जाहिर है, इस प्रोजेक्ट का फायदा नई सरकार बनने के बाद मिलेगा। नई सरकार बनने के बाद बजट पेश किया जाएगा। कुल मिलाकर, इस प्रोजेक्ट को लेकर सवाल उठ रहे थे। ऐसे में, मुख्यमंत्री ने मंगलवार को नबन्ना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। वहां उन्होंने कहा कि नया वित्तीय वर्ष 1 अप्रैल से शुरू हो रहा है। युवा साथी प्रोजेक्ट की राशि 1 अप्रैल से दिए जाएंगे। यह पांच साल के लिए दिए जाएंगे फिर इसका फिर से रिव्यू किया जाएगा।
युवा साथी प्रोजेक्ट के लिए अप्लाई करने के बारे में ममता ने कहा, “294 विधानसभा सीटों में से हर एक में एक कैंप लगेगा। यानी पूरे राज्य में 294 कैंप लगेंगे। आप उस कैंप में आकर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक अप्लाई कर सकते हैं। हम इसका विज्ञापन पेपर में देंगे।” अप्लाई करने के बाद, उन्होंने ऐलान किया कि बेरोजगार युवाओं को 1 अप्रैल से इस प्रोजेक्ट से पैसे मिलेंगे।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केन्द्र सरकार पर पश्चिम बंगाल की उपेक्षा का आरोप लगाती हैं। लोकसभा में बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था और विकास को लेकर ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में कानून का राज नहीं बल्कि हिंसा और बम की राजनीति हावी है। वित्त मंत्री ने कहा कि टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने आरोप लगाया कि बजट में पश्चिम बंगाल का एक बार भी उल्लेख नहीं किया गया, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल पूर्वोदय योजना में एक महत्वपूर्ण राज्य है। ईस्टर्न इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है और इसका दुर्गापुर एंकर होगा। इसके साथ ही वाराणसी से सिलीगुड़ी तक हाईस्पीड ट्रेन परियोजना सिलीगुड़ी तक पहुंचेगी, जिसका लाभ उत्तर बंगाल को मिलेगा। सीतारमण ने कहा कि जूट उद्योग को लेकर जो घोषणाएं की गई हैं, उनका सीधा लाभ पश्चिम बंगाल को मिलेगा। उन्होंने बताया कि लेदर एक्सपोर्ट और ड्यूटी फ्री इम्पोर्ट की योजनाओं से भी राज्य के उद्योगों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि पूर्वोदय योजना के तहत पर्यटन स्थलों का भी विकास किया जाएगा और राज्य सरकार अपनी इच्छा के अनुसार इसमें भाग ले सकती है।
पश्चिम बंगाल में वोटिंग प्रतिशत बढ़ाने के लिए निर्वाचन आयोग ने बड़ा फैसला किया है। इस फैसले के तहत पहली बार रेसिडेंसियल यानी आवासीय बिल्डिंग्स में मतदान केंद्र बनाये जायेंगे। कोलकाता में ऐसे 78 केंद्र हो सकते हैं। जिन बिल्डिंग्स में वोटिंग होगी, उसकी लिस्ट फाइनल वोटर लिस्ट से पहले जारी कर दी जायेगी। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में रेसिडेंसियल बिल्डिंग्स में भी पोलिंग बूथ बनाये जायेंगे। चुनाव आयोग ने यह जानकारी दी है। आयोग की ओर से बताया गया है कि पश्चिम बंगाल असेंबली इलेक्शन में 78 अपार्टमेंट्स में पोलिंग बूथ बनाये जा सकते हैं। जिन आवासीय इमारतों में पोलिंग बूथ बनेंगे, उसकी सूची 25 फरवरी को जारी की जायेगी। यही वजह है कि इस बार मल्टीस्टोरी रेसिडेंसियल बिल्डिंग्स में पोलिंग बूथ बनाने का फैसला किया गया है। इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया का मानना है कि इससे बुजुर्ग से लेकर अन्य लोग भी आसानी से बूथ तक पहुंच सकेंगे। इससे वोट प्रतिशत बढ़ाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आवासीय इमारतों में बूथ बनाने पर ऐतराज जताया था।
कोलकाता सहित 7 जिलों में 69 बहुमंजिली इमारतों में बूथ बनाने की घोषणा हुई थी। आयोग ने पश्चिम बंगाल में आवासीय परिसरों की संख्या बढ़ाकर 78 कर दी है। 300 से अधिक पंजीकृत वोटर्स वाले रेसिडेंसियल कॉम्प्लेक्स में वोटिंग सेंटर बनाने के प्रस्ताव पर मिली-जुली प्रतिक्रिया आयी है। कुछ लोगों ने इसका विरोध किया है और कहा कि इससे उनकी निजता और शांति भंग होगी। हालांकि, कुछ लोगों ने इस पहल का समर्थन किया है। उन्हांेने कहा कि इससे मतदान में लोगों की भागीदारी बढ़ेगी।
(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)

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