मलेशिया में तख्ता पलट के प्रयास: अनवर

ईरान के बाद अब यहूदियों की नजर मलेशिया पर है। इजराइल से जुड़े एक यहूदी संगठन ने मलेशिया में तख्तापलट के प्रयास शुरू कर दिए हैं। यह आरोप मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने लगाया है। इब्राहिम का कहना है कि यहूदी समूह ब्लूमवर्ग के जरिए अंतरराष्ट्रीय मीडिया में मलेशिया के बारे में निगेटिव खबरें फैला रहा है, जिससे अमेरिका का ध्यान आकृष्ट किया जाए। इब्राहिम ने तख्तापलट की साजिश की जांच कराने की बात कही है। द स्टार के मुताबिक मंगलवार (3 मार्च) को मलेशिया संसद में बोलते हुए अनवर ने कहा- मेरी सरकार को गिराने की साजिश की जा रही है। इस साजिश में एक यहूदी समूह, एक अंतरराष्ट्रीय मीडिया और यहां के कुछ विपक्षी नेता हैं। मैं ऐसा होने नहीं दूंगा, जल्द ही इसकी जांच कराकर दोषियों को गिरफ्तार करवाऊंगा। अनवर इब्राहिम ने कहा- मैंने गाजा और ईरान पर सख्त रूख अपनाया। इसके कारण यहूदी समूह मुझे निशाना बना रहे हैं। क्या गाजा और ईरान पर बोलना गुनाह है? मैं इसपर बोलता रहूंगा। जांच के बाद सब दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। उन्होंने मलेशिया के विपक्ष की भी आलोचना की है। अनवर ने कहा कि विपक्ष को यहूदी ही सरकार गिराने के लिए मिले हैं क्या? मलेशिया की जनता ऐसे लोगों को कभी माफ नहीं करेगी। मलेशिया में 2020 और 2021 में भी सरकार गिराने की साजिश का खुलासा हुआ था।
एशिया में स्थित मलेशिया एक मुस्लिम देश है, जहां पर 63।5 प्रतिशत मुसलमान रहते हैं। मलेशिया में इसके बाद बौद्ध लोगों की आबादी है। यहां पर करीब 18.7 प्रतिशत बौद्ध हैं। मलेशिया में हिंदू समुदाय की आबादी 6.1 प्रतिशत है। इसी तरह मलेशिया में ईसाई समुदाय की आबादी 9.1 प्रतिशत है। मलेशिया पहला देश है, जिसने खामेनेई की हत्या की निंदा की। मलेशिया ने खुलकर ईरान का सपोर्ट दिया। दिलचस्प बात है कि मलेशिया में यहूदियों की आबादी नगण्य है। इसके बावजूद अनवर इब्राहिम ने सरकार गिराने का आरोप यहूदी समूह पर लगाया है।



