लेबनान पर गहराता संकट और लंबी जंग की आशंका

एशिया के मध्य-पूर्व में चल रहा तनाव अब एक बड़े क्षेत्रीय संघर्ष का रूप लेता दिखाई दे रहा है। लेबनान के शिया उग्रवादी संगठन हिज्बुल्लाह और इजराइल के बीच टकराव लगातार तेज हो रहा है। संगठन के वरिष्ठ नेता नईम कासिम ने हाल ही में कहा है कि उनका समूह इजराइल के साथ “लंबी लड़ाई” के लिए तैयार है। दूसरी ओर इजराइल ने चेतावनी दी है कि यदि हिज्बुल्लाह की गतिविधियां जारी रहती हैं तो लेबनान को अपने बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान के रूप में “बढ़ती कीमत” चुकानी पड़ेगी।यह तनाव उस समय और बढ़ गया जब अमेरिकी-इजराइली हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के बाद हिज्बुल्लाह ने इजराइल पर हमला किया।
ईरान समर्थित इस संगठन के हमले के बाद लेबनान सीधे इस संघर्ष में खिंच आया। नईम कासिम ने अपने टेलीविजन संबोधन में कहा कि यह लड़ाई केवल सीमित सैन्य कार्रवाई नहीं बल्कि “अस्तित्व की लड़ाई” है। उनके अनुसार हिज्बुल्लाह ने लंबे संघर्ष के लिए तैयारी कर ली है और युद्ध के मैदान में इजराइल को अप्रत्याशित जवाब मिल सकता है।इसी बीच इजराइली सेना ने दक्षिणी लेबनान में कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया है। सेना ने लितानी नदी पर बने एक महत्वपूर्ण पुल को नष्ट कर दिया, जो जरारियेह और तय्र फल्सेह कस्बों को जोड़ता था। इजराइल का कहना है कि यह पुल हिज्बुल्लाह के लिए उत्तरी और दक्षिणी लेबनान के बीच सैनिक और हथियारों की आवाजाही का प्रमुख मार्ग था। युद्ध की शुरुआत के बाद यह पहला अवसर है जब इजराइल ने लेबनान की सार्वजनिक अवसंरचना पर हमले की आधिकारिक पुष्टि की है। इजराइल के रक्षा मंत्री इसराइल काट्ज ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है और यदि हिज्बुल्लाह को निरस्त्र नहीं किया गया तो लेबनान को और अधिक नुकसान उठाना पड़ेगा। उनका यह भी कहना है कि यदि स्थिति नहीं बदली तो लेबनान को क्षेत्रीय नुकसान तक झेलना पड़ सकता है। हालांकि लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने हाल ही में इजराइल के साथ सीधे वार्ता का प्रस्ताव दिया था, लेकिन अब तक इस पर कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली है। दूसरी ओर इजराइली हमलों के कारण दक्षिणी लेबनान में कई सड़कों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया है, जिससे उत्तरी क्षेत्रों और बेका घाटी के बीच संपर्क बाधित हो गया है। यह वही इलाका है जहां से हिज्बुल्लाह हथियारों की आपूर्ति करता रहा है।मानवीय संकट भी तेजी से गहराता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुतारेस ने बेरूत दौरे के दौरान दोनों पक्षों से युद्ध रोकने की अपील की है। उन्होंने संघर्ष से प्रभावित लोगों की मदद के लिए 325 मिलियन डॉलर की मानवीय सहायता योजना की घोषणा की है, क्योंकि हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हो चुके हैं। लगातार हो रहे हवाई हमलों में कई नागरिकों की मौत भी हुई है, जिनमें बच्चे और स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं। ऐसे में लेबनान में भय और असुरक्षा का माहौल गहरा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह टकराव जल्द नहीं रुका तो यह पूरे मध्य-पूर्व को एक बड़े युद्ध की ओर धकेल सकता है।स्पष्ट है कि हिज्बुल्लाह और इजराइल के बीच बढ़ता संघर्ष केवल दो पक्षों की लड़ाई नहीं रह
गया है।(वीपी राहुल-हिफी फीचर)



