विदेश

पश्चिम एशिया में शांति की पहल के संकेत

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के तीसरे सप्ताह में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि तेहरान किसी भी ऐसी पहल का स्वागत करेगा जो युद्ध को पूरी तरह समाप्त करने की दिशा में हो। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में सैन्य गतिविधियाँ तेज हो रही हैं और कई देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। राज्य मीडिया के अनुसार अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान युद्ध को समाप्त करने के लिए किसी भी सार्थक पहल के लिए तैयार है, बशर्ते वह संघर्ष को पूरी तरह खत्म करने की दिशा में हो।
उनका यह बयान उस समय सामने आया जब पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।इस बीच ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने कड़ा बयान जारी करते हुए इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को निशाना बनाने की चेतावनी दी है। गार्ड्स ने अपने आधिकारिक मंच पर कहा कि यदि नेतन्याहू जीवित हैं तो उन्हें खोजकर समाप्त करने की कार्रवाई जारी रहेगी। इस बयान ने क्षेत्र में पहले से ही मौजूद तनाव को और बढ़ा दिया है, उधर ईरान ने अमेरिका को भी चेतावनी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर संभावित हमलों की धमकी दी थी, जिसके बाद तेहरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी। ईरान ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने संयुक्त अरब अमीरात के क्षेत्र का उपयोग करते हुए उसके खिलाफ हमले किए हैं, हालांकि इस आरोप के समर्थन में कोई ठोस प्रमाण सार्वजनिक नहीं किया गया है। ईरान ने यह भी दावा किया है कि अमेरिका “झूठे हमलों” की रणनीति अपना रहा है और इसके लिए शाहेद-136 ड्रोन के एक नए संस्करण “लुकास” का इस्तेमाल किया जा रहा है।
ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार कुछ हमलों का उद्देश्य क्षेत्र में ईरान को बदनाम करना और उसके खिलाफ अंतरराष्ट्रीय माहौल तैयार करना हो सकता है। हालांकि तेहरान ने यह भी कहा है कि वह क्षेत्र में नागरिक ढांचे पर हुए हमलों की जांच में सहयोग देने को तैयार है।ईरान ने पड़ोसी देशों में हुई कुछ संदिग्ध घटनाओं का भी उल्लेख किया है। तुर्की, कुवैत और इराक में हुए कुछ हमलों को लेकर ईरानी अधिकारियों ने सवाल उठाए हैं और कहा है कि इन घटनाओं की निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। इसके साथ ही ईरान ने यह आरोप भी लगाया कि इजराइल अजरबैजान में ड्रोन हमलों की साजिश रचकर ईरान के विदेशी संबंधों को नुकसान पहुँचाने की कोशिश कर रहा है। खाड़ी देशों में भी सुरक्षा स्थिति गंभीर बनी हुई है। बहरीन, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने अपने नागरिकों को चेतावनी जारी करते हुए
कहा कि वे आने वाली मिसाइलों और ड्रोन को रोकने के लिए सक्रिय
कार्रवाई कर रहे हैं। इन देशों में कई स्थानों पर अलर्ट घोषित किया गया है। गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल ने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे। इसके बाद से क्षेत्र में सैन्य टकराव बढ़ गया है। (वी पी राहुल-हिफी फीचर)

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