सिलसिला के बाद लीड भूमिका में नहीं आए अमिताभ व रेखा

सिलसिला न सिर्फ अमिताभ और रेखा की लीड एक्टर के तौर पर आखिरी फिल्म साबित हुई, बल्कि इसने बॉलीवुड में रोमांस के मायने भी बदल दिए। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो यश चोपड़ा शुरू में इस फिल्म के लिए परवीन बॉबी और स्मिता पाटिल को कास्ट करना चाहते थे, लेकिन उन्हें हमेशा यह फीलिंग रहती थी कि कहानी में जो टेंशन और केमिस्ट्री चाहिए थी, वह सिर्फ अमिताभ, जया और रेखा के साथ ही मिल सकती है। कहा तो ये भी जाता है कि यश चोपड़ा ने खुद अमिताभ बच्चन से इस बारे में बात की थी। अमिताभ मान गए थे, लेकिन असली चैलेंज जया और रेखा को एक साथ लाना था, यश चोपड़ा के विजन और स्क्रिप्ट की मजबूती ने इस असंभव कास्टिंग को मुमकिन बना दिया था।
सिलसिला एक ऐसे शख्स अमित मल्होत्रा (अमिताभ बच्चन) की कहानी थी, जो अपनी गर्लफ्रेंड चांदनी (रेखा) को छोड़कर अपने भाई की प्रेग्नेंट मंगेतर शोभा (जया बच्चन) से शादी कर लेता है लेकिन, किस्मत उसे फिर से उसकी पुरानी प्रेमिका से मिलवा देती है। ऑडियंस के लिए फिल्म देखना किसी की पर्सनल लाइफ में झांकने जैसा था। मेरी तन्हाई और और अक्सर ये बातें करते हैं। जैसे डायलॉग या रेखा का दिल को छू लेने वाला एक्सप्रेशन लोगों को अमिताभ और रेखा के रियल-लाइफ रिश्ते की याद दिलाता था। फिल्म में जया बच्चन का किरदार भी उनकी रियल लाइफ इमेज से मेल खाता था। सिलसिला को आज मास्टरपीस माना जाता है, लेकिन जब यह 1981 में रिलीज हुई थी, तो इसे बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप घोषित कर दिया गया था। हालांकि, इस फिल्म के फ्लॉप होने के पीछे कई कारण थे। जैसे- लोग फिल्म देखने से ज्यादा किरदारों की पर्सनल लाइफ पर चर्चा करने में बिजी थे। उस दौर में समाज को एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स को स्वीकार करना मुश्किल लगता था। फिल्म के आखिर में अमिताभ का अपनी पत्नी (जया बच्चन) के पास लौटना फिल्मी और अधूरा लगा। सिलसिला के बाद, अमिताभ बच्चन और रेखा ने कभी लीड रोल में साथ काम नहीं किया। (हिफी)



