लेखक की कलम

भाजपा का केरल की जनता से वादा

दक्षिण भारत के राज्य केरल में आगामी 9 अप्रैल को विधानसभा का चुनाव होगा। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस राज्य में भी अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। हालांकि इस राज्य में वामपंथी दलों के संगठन और कांग्रेस गठबंधन के बीच ही मुकाबला होता रहा है लेकिन मंदिरों की इस धरती पर भगवा को थामने वाले भी बढ़े हैं। भाजपा यहां पर मुश्किल से
2 प्रतिशत वोट पाती थी लेकिन पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा को केरल की जनता ने 20 फीसद मतदान किया था। इतना ही नहीं मिनी विधनसभा चुनाव समझे गये स्थानीय निकाय चुनाव मंे भाजपा ने तिरुवनंतपुरम में अपना मेयर बनाने मंे सफलता प्राप्त कर ली। इससे भाजपा की उम्मीदें काफी बढ़़ी हैं। भाजपा को युवाओं और महिलाओं के मतदान का काफी भरोसा रहता है। इसलिए भाजपा ने केरल विधानसभा चुनाव के लिए घोषणा पत्र में राज्य के समग्र विकास और आर्थिक मजबूती के साथ ही महिलाओं व गरीब परिवारों के कल्याण के लिए कई घोषणाएं की हैं। राज्य के लगभग ढाई करोड़ मतदाताओं मंे सवा करोड़ से ऊपर महिला मतदाता हैं। भाजपा को इन पर ज्यादा भरोसा है। तिरुवनंतपुरम मंे अपना मेयर बनाने के बाद भाजपा ने उसे इनोवेशन हब बनाने का वादा किया है। भाजपा के नये
अध्यक्ष नितिन नवीन और केरल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर घोषणाओं को लागू करने के साक्षी बने हैं।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए अपना मेनिफेस्टो 31 मार्च को जारी कर दिया था। इस घोषणापत्र में राज्य के समग्र विकास, आर्थिक मजबूती और महिलाओं व गरीब परिवारों के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण वादे किए गए हैं। पार्टी ने ‘विकसित केरलम’ का लक्ष्य रखते हुए राज्य को वैश्विक पर्यटन केंद्र बनाने और विभिन्न शहरों को विशेष आर्थिक हब के रूप में विकसित करने की योजना पेश की है। घोषणापत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और केरल प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने जारी किया। केरल में 9 अप्रैल 2026 को वोट डाले जाएंगे।
जबकि मतगणना 4 मई को होगी। मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल 23 मई को समाप्त हो रहा है। राज्य की 140 सदस्यीय विधानसभा के लिए इस बार मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है, जहां यूडीएफ सत्ता में वापसी की कोशिश कर रहा है, वहीं एलडीएफ पिछले करीब एक दशक से सरकार चला रहा है। राज्य में लगभग 2.7 करोड़ मतदाता हैं। संशोधित मतदाता सूची के मुताबिक सूबे में कुल 2,69,53,644 वोटर्स रजिस्टर्ड हैं, जिनमें 1,31,26,048 पुरुष, 1,38,27,319 महिलाएं और 227 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल हैं।
भाजपा अपने घोषणापत्र को संकल्प पत्र का नाम देती है। इस घोषणापत्र में अलग-अलग शहरों को खास पहचान देने की बात कही गई है। इन्हें अलग-अलग सेक्टर में विकसित करने का वादा किया है, जैसे- तिरुवनंतपुरम को आईटी और इनोवेशन हब बनाया जाएगा। कोच्चि को भारत का शिपबिल्डिंग केंद्र बनाया जाएगा। कोझिकोड को हेल्थकेयर और मेडिकल इनोवेशन का हब बनाया जाएगा। त्रिशूर को सांस्कृतिक पर्यटन राजधानी बनाया जाएगा। कोल्लम को ब्लू इकोनॉमी और समुद्री निर्यात का केंद्र बनाया जाएगा और कन्नूर को डिफेंस इनोवेशन हब के रूप में विकसित किया जाएगा।
पार्टी का दावा है कि इन योजनाओं से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
भाजपा के घोषणा पत्र में महिलाओं और गरीब परिवारों के लिए भी घोषणापत्र में कई अहम योजनाएं शामिल की गई हैं। भाजपा ने भक्ष्य आरोग्य सुरक्षा कार्ड देने का वादा किया है, जिसके तहत जरूरतमंद महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की सहायता दी जाएगी, जिससे वे दवाइयों और जरूरी सामान की खरीद कर सकें। इसके अलावा गरीब परिवारों को साल में 2 मुफ्त एलपीजी सिलेंडर, एक ओणम और एक क्रिसमस के अवसर पर देने की बात कही गई है। साथ ही हर घर को प्रति माह 20000 लीटर मुफ्त पानी देने का भी वादा किया गया है। इसके साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर और स्वास्थ्य क्षेत्र पर भी खास जोर दिया गया है। पार्टी ने केरल में एक एआईआईएमएस स्थापित करने और तिरुवनंतपुरम से कन्नूर तक हाई-स्पीड रेल नेटवर्क विकसित करने की योजना पेश की है। इसके साथ ही सबरीमाला और गुरुवायूर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के बेहतर प्रबंधन के लिए देवस्वम बोर्ड में सुधार का वादा किया गया है। मुल्लापेरियार बांध को लेकर भाजपा ने कहा कि तमिलनाडु को पानी मिलता रहेगा, लेकिन केरल के हितों की भी पूरी सुरक्षा की जाएगी।
इस मौके पर बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) और यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि दोनों गठबंधन वर्षों से गेम फिक्सिंग की राजनीति कर रहे हैं और बारी-बारी से सत्ता में आते रहते हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 70 वर्षों से यही सिलसिला चल रहा है, लेकिन अब जनता इसे समझ चुकी है और बदलाव चाहती है। नवीन ने कहा कि केरल में भाजपा का वोट शेयर 2 प्रतिशत से बढ़कर 20 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो पार्टी के बढ़ते जनसमर्थन को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य अब विकसित केरलम बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
राज्य में 140 विधानसभा सीटों के लिए आगामी 9 अप्रैल 2026 को वोटिंग होने जा रही है। वहीं, चुनाव का परिणाम 4 मई को घोषित किया जाएगा। ऐसे में सभी दलों ने अपना चुनाव प्रचार तेज कर दिया है। इस चुनाव में सभी की नजर पुथुप्पल्ली विधानसभा सीट पर भी है। इस सीट पर कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया मार्कि्सस्ट (सीपीआईएम), भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय मुकाबला होने जा रहा है। पुथुप्पल्ली एक सामान्य श्रेणी सीट है जो कि अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित नहीं है। पुथुप्पल्ली विधानसभा सीट राज्य की कोट्टायम लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। इस सीट से साल 2021 में कांग्रेस के ओमन चांडी ने सीपीआईएम के उम्मीदवार जैक सी थॉमस को 9,044 वोटों के अंतर से हराया था। पुथुप्पल्ली केरल के पूर्व सीएम और कांग्रेस के दिवंगत नेता ओमन चांडी का गढ़ रही थी। ये सीट दशकों तक ओमन चांडी के नाम से जुड़ी रही। उनके निधन के बाद 2023 में हुए उपचुनाव में उनके बेटे चांडी ओमन ने जीत हासिल की थी। इस प्रकार कई सीटों पर त्रिकोणात्मक मुकाबला होगा।
इसी प्रकार कासरगोड जिले की मंजेश्वर सीट भी चर्चा में है। इस सीट से बीजेपी के के. सुरेंद्रन, सीपीएम के केआर जयनंद और आईयूएमएल से सीटिंग विधायक एकेएम अशरफ मैदान में हैं। मंजेश्वर सीट लंबे समय से यूडीएफ की सहयोगी पार्टी आईयूएमएल का मजबूत गढ़ रही है। यहां का सामाजिक समीकरण और संगठनात्मक पकड़ आईयूएमएल को बढ़त दिलाता रहा है। हालांकि इस सीट पर मुकाबला अब सीधा नहीं बल्कि त्रिकोणीय हो चुका है, जिससे चुनाव और दिलचस्प बन गया है। (अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)

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