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ईरान के आदिवासी ने अमेरिका के हेलिकाप्टर को मार गिराया

मिडिल ईस्ट जंग के बीच ईरान को बड़ा झटका लगा है। आईआरजीसी के खुफिया प्रमुख मेजर जनरल माजिद खातमी की आज (6 अप्रैल) सुबह अमेरिका-इजरायल के हमले में मौत हो गई। ईरान ने इसकी पुष्टि की है। उधर, अमेरिका से जंग के बीच ईरान में दावा किया जा रहा है कि उसके एक आदिवासी बुजुर्ग ने अपनी राइफल से ही गोली चलाकर अमेरिका के ब्लैकहॉक हैलीकॉप्टर को मार गिराया है। दरअसल अमेरिका ने दो दिन तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर अपने उस पायलट को जिंदा बचा लिया है, जिसके एफ-15ई फाइटर जेट को ईरान ने मार गिराया था। यह फिल्मी रेस्क्यू मिशन किसी लिहाज से आसान नहीं था और इसमें अमेरिका के 4 एयरक्राफ्ट तबाह हो गए- फायरिंग लाइन में आकर दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर नष्ट हो गए जबकि अमेरिकी सेना को खुद अपने दो परिवहन विमानों को बम लगाकर उड़ाना पड़ा।
अब अमेरिका के जो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर नष्ट हुए हैं, उनके बारे में दावा किया जा रहा है कि इसे ईरान के एक आम आदिवासी ने मार गिराया है। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने तारीफ भी की है।
ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर अपनी बहुमुखी प्रतिभा, मजबूत बनावट और अत्याधुनिक तकनीक के कारण दुनिया के सबसे खास सैन्य हेलीकॉप्टरों में से एक माना जाता है। इसे सिकोर्स्की द्वारा बनाया गया है और यह 1970 के दशक से अमेरिकी सेना का मुख्य आधार रहा है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टर को मार गिराने के दावे के साथ ईरान की सरकारी मीडिया में इस आदिवासी बुजुर्ग को हीरो के रूप में देश के सामने लाया गया। एक टेलीविजन इंटरव्यू में इस शख्स ने ब्लैकहॉक पर कथित गोलीबारी की कहानी सुनाई और कहा कि उन्होंने फायरिंग इसलिए की क्योंकि उनकी बेटी ने उनसे आग्रह किया था। उन्होंने दावा किया, मैंने बच्चों से कहा कि वे बाहर न आएं। कुछ गोलियां चलाने के बाद, मैंने उसे (बेटी को) चिल्लाते हुए सुना कि पापा, गोली मारो। वह चिल्ला रही थी पापा जी गोली मारो, यह नीचे नहीं आया, गोली मारो। फिर इंटरव्यू के होस्ट ने बेटी से पूछा कि आप अपने पापा से ऐसा क्यों कह रही थी। इस पर उस छोटी बच्ची ने कहा लड़की- मिनाब की छोटी शहीद लड़कियों के लिए, हमारे प्रिय नेता के लिए। दुश्मनों, अमेरिका और इजरायल को नष्ट करने के लिए। फिर होस्ट ने सवाल किया कि तुम्हें ऐसा क्यों लगता है कि वे दुश्मन हैं और उन्हें गोली मार देनी चाहिए। इसपर लड़की कहती है, क्योंकि वे बच्चों के हत्यारे हैं।
बता दें कि जंग के पहले ही दिन अमेरिका ने ईरान के मिनाब शहर में लड़कियों के स्कूल पर हमला किया था। इस हमले में मरने वालों की संख्या अलग-अलग सूत्रों के अनुसार 168 से 180 के बीच है, जिनमें अधिकांश स्कूली छात्राएं थीं।

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