लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हमजा को गोली मारी गयी

पाकिस्तान के लाहौर में भारत के दुश्मन और लश्कर-ए-तैयबा के फाउंडिंग मेंबर में से एक, आतंकी अमीर हमजा को गोली मारी गई है। हमलावर अज्ञात है और लाहौर में एक न्यूज चैनल के बाहर इस गोलीकांड को अंजाम दिया गया है। पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की राजधानी में इस हमले के बाद अमीर हमजा को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। अमीर हमजा ने आतंकी हफीज सईद के साथ मिलकर लश्कर-ए-तैयबा आतंकी संगठन बनाया था।
भारत में कई आतंकी हमलों में अमीर हमजा का रोल था। लश्कर पाकिस्तान स्थित एक बड़ा आतंकवादी संगठन है। इसका गठन 1980 के दशक के अंत में हाफिज मुहम्मद सईद के नेतृत्व ने किया था। यह आतंकी समूह भारत के खिलाफ आतंकवादी हमले करने के उद्देश्य से काम करता है। इसे 2008 के मुंबई हमलों (26/11) सहित भारत में कई बड़े आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेदार माना जाता है। हमजा लश्कर के अंदर बड़ा नाम है और इसे हाफिज सईद का दाहिना हाथ माना जाता है। आतंकी समूह के फाउंडिंग मेंबर होने के नाते उसने 3 दशकों में लश्कर के कई प्रमुख पदों पर काम किया है। इसने खासकर लश्कर के प्रोपेगेंडा विंग और आम लोगों को बरगलाकर आतंकी बनाने के अभियानों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अमेरिका के ट्रेजरी विभाग के 2012 के एक बयान के अनुसार, हमजा लश्कर की केंद्रीय सलाहकार समिति का हिस्सा था और उसने हाफिज सईद के अंडर काम करते हुए समूह के बाहरी संबंधों को मैनेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 2010 तक, हमजा ने लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े धार्मिक संगठन में भी काम किया और सईद की देखरेख वाले लश्कर यूनिवर्सिटी ट्रस्ट में एक सीनियर पद पर काम किया। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के मुताबिक, 2010 तक हमजा लश्कर के प्रोपेगेंडा को फैलाने में सक्रिय रूप से शामिल था।



