ईरान के नये प्रस्ताव पर ठंडे पड़े ट्रंप

ईरान-अमेरिका युद्ध खत्म करने को लेकर तेहरान के प्रस्ताव पर इस बार राष्ट्रपति ट्रंप के तेवर ठंडे पड़ गए हैं, लेकिन परमाणु समझौते को लेकर अभी भी पेच फंसा हुआ है। इसलिए ट्रंप प्रशासन की ओर से 38 अप्रैल को ईरान के उस प्रस्ताव को स्वीकार करने की संभावना कम दिख रही है, जिसमें ईरान ने कहा है कि अगर अमेरिका अपनी नाकेबंदी हटा ले और परमाणु समझौते की वार्ता टाल दे, तो वह युद्ध खत्म कर सकता है और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोल सकता है। इस प्रस्ताव में ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा को स्थगित (टाल) करने की बात कही गई है, जिसे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने साफ तौर पर खारिज कर दिया। फॉक्स न्यूज को दिए गए साक्षात्कार में रुबियो ने कहा, “हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कोई भी समझौता ऐसा हो जो ईरान को कभी भी परमाणु हथियार बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने से पूरी तरह रोक सके।” व्हाइट हाउस ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ने ईरान के इस प्रस्ताव पर चर्चा की है और ट्रंप खुद इस पर बाद में बयान देंगे।
ईरान का यह प्रस्ताव सामने आया, जब ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची रूस की यात्रा पर थे। रूस लंबे समय से ईरान का प्रमुख समर्थक रहा है, लेकिन अभी यह स्पष्ट नहीं है कि मॉस्को इस मामले में क्या सहायता करेगा। युद्ध शुरू होने के बाद अब तक ईरान में कम से कम 3,375 लोग मारे गए हैं। लेबनान में इजरायल और ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के बीच लड़ाई फिर शुरू होने के बाद वहां 2,521 लोग मारे गए। इजरायल में 23 और खाड़ी के अरब देशों में एक दर्जन से ज्यादा लोग मारे गए। इसके अलावा लेबनान में 16 इजरायली सैनिक, क्षेत्र में 13 अमेरिकी सैनिक और दक्षिणी लेबनान में 6 संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक भी मारे गए हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना “मुख्य मुद्दा” है।



