लेखक की कलम

विष्णु साय सरकार का सुशासन

मतदाता सरकार के कामकाज की समीक्षा करते हैं और उसी के आधार पर सत्ता सौंपी जाती है। हाल ही में सम्पन्न एक केन्द्र शासित प्रदेश समेत चार राज्यों के नतीजे यही संकेत देते हैं। पश्चिम बंगाल मंे वहां की जनता ने सरकार के कामकाज को सही नहीं माना तो भाजपा को सत्ता सौंप दी। इसी प्रकार तमिलनाडु मंे एमके स्टालिन की सरकार के कामकाज से मतदाता खुश नहीं थे लेकिन अन्नाद्रमुक पर भी उनको भरोसा नहीं था। इसलिए नई पार्टी टीवीके पर भरोसा जताया। इसके विपरीत असम मंे हिमंता विस्वा सरमा की सरकार के कामकाज से जनता खुश थी, इसलिए उनको फिर से सत्ता सौंप दी है। इस बात को वे राज्य अच्छी तरह समझने लगे हैं जहां अगले सालों मंे विधानसभा चुनाव होने हैं। भाजपा शासित छत्तीसगढ़ मंे विष्णुदेव साय की सरकार ने हालंाकि एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है और उनका राज्य नक्सलवाद से मुक्त हो गया है लेकिन इसके बाद समर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास और आदिवासी क्षेत्रों मंे विकास की न सिर्फ योजनाएं बनानी हैं बल्कि उनका कार्यान्वयन भी सुनिश्चित करना होगा। इसीलिए छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार-2026 अभियान की शुरुआत 1 मई से की गयी है जो 10 जून तक चलेगा। इसके तहत ग्रामीण और शहरी इलाकों मंे शिकायत निवारण शिविर लगाए जाएंगे और शिकायतों का समाधान भी सुनिश्चित किया जाएगा। इसके पूर्व राज्य मंे एजुकेशन हब और स्टार्टअप को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है। बिजली उपभोक्ताओं को भी राहत मिली है।
विष्णुदेव साय की छत्तीसगढ़ सरकार ने सुशासन तिहार 2026 अभियान शुरू किया है। यह पूरे राज्य में चलाया जाने वाला अभियान है, जिसका मकसद प्रशासन को सीधे लोगों तक पहुंचाकर उनकी शिकायतों का जल्द और असरदार तरीके से निपटारा करना है। यह अभियान 10 जून तक चलेगा, जिसके तहत ग्रामीण और शहरी इलाकों में बड़े पैमाने पर शिकायत निवारण शिविर लगाए जाएंगे। एक अधिकारी ने कहा कि गांवों और शहरों में प्रशासन लोगों तक पहुंचने का एक अनोखा तरीका अपना रहा है। अब नागरिकों को चिलचिलाती गर्मी में सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि अधिकारी खुद उनके दरवाजे तक पहुंचेंगे। इस पहल का मकसद शासन को लोगों के और करीब लाना है, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि शिकायतों को न सिर्फ सुना जाए, बल्कि उनका मौके पर ही समाधान भी किया जाए।
इस अभियान के तहत मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से लेकर जिला कलेक्टर तक पूरा प्रशासनिक अमला जमीन पर सक्रिय रूप से मौजूद रहेगा। घर-घर जाकर और विशेष शिविरों में आवेदनों पर मौके पर ही कार्रवाई की जाएगी, फाइलें तुरंत तैयार की जाएंगी और बिना किसी देरी के समाधान उपलब्ध कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया है कि लोगों की शिकायतों का समय पर समाधान ही सुशासन की असली नींव है। अधिकारी ने आगे बताया कि इन शिविरों में न सिर्फ आवेदन स्वीकार किए जाएंगे, बल्कि पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही योजनाओं का लाभ भी दिया जाएगा। साथ ही, सभी मामलों का समाधान ज्यादा से ज्यादा एक महीने के भीतर कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि मंत्री, सांसद, विधायक और अधिकारी नियमित रूप से इन शिविरों का दौरा करेंगे, नागरिकों से बातचीत करेंगे और व्यवस्थाओं की निगरानी करेंगे। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। इस पहल की एक अहम खासियत मुख्यमंत्री के अचानक किए जाने वाले दौरे होंगे। वे विभिन्न जिलों का दौरा करेंगे, विकास कार्यों का निरीक्षण करेंगे और ग्रामीणों से सीधे बातचीत करके उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश करेंगे।
इससे पूर्व मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में सिविल लाइंस स्थित उनके आवास पर हुई कैबिनेट की बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए एक्साइज पॉलिसी को मंजूरी दी गई, जिसमें एक्साइज विभाग को सभी जरूरी कार्रवाई करने का अधिकार दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि इस पॉलिसी का मकसद राज्य के राजस्व हितों की रक्षा करते हुए रेगुलेटरी निरंतरता सुनिश्चित करना है, जिसके विस्तृत प्रावधान अलग से नोटिफाई किए जाएंगे। मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ आबकारी नीति वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्ताव का अनुमोदन और इससे संबंधित समस्त अनुषांगिक कार्यवाहियों के लिए विभाग को अधिकृत किया गया। मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में उच्च कोटि का शैक्षणिक संस्थान स्थापित किये जाने हेतु श्री विले पारले कलावनी मंडल को उनके नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना के लिए सेक्टर-18 में चिन्हांकित लगभग 40 एकड़ भू-खण्ड का आबंटन लीज के रूप में एकमुश्त 90 वर्ष के लिए करने की स्वीकृति प्रदान की गयी।
इसी प्रकार एसव्हीकेएम एक ख्याति प्राप्त संस्था है, जो वर्ष 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत तथा वर्तमान में 30 शैक्षणिक संस्थान संचालित है, जोकि एक लाख से अधिक छात्रों को प्रति वर्ष प्री-प्राइमरी से लेकर डॉक्टोरल कार्यक्रमों में शिक्षा प्रदान करता है। वर्ष 2025 में एनआईआरएफ यूनिवर्सिटी रैकिंग में इस संस्था को 52वां रैंक प्राप्त हुआ है। नवा रायपुर में इस राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना से राज्य में आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को और मजबूती मिलेगी।
विष्णु साय मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में 04 नवीन उद्यमिता केन्द्रों की स्थापना के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया के साथ एमओयू का निर्णय लिया गया। इससे राज्य में आईटी/आईटीईएस उद्योग तथा तकनीकी स्टार्ट-अप इको सिस्टम को प्रोत्साहित करने में यह एमओयू महत्वपूर्ण होगा। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया के 68 केन्द्र संचालित है, जिनमें 60 भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्थित है। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से एआई, मेडटेक (हर्बल मेडिसिन एवं वन उत्पाद आधारित), स्मार्ट सिटी तथा स्मार्ट एग्री उद्यमिता केन्द्रों के माध्यम से आगामी तीन से पांच सालों में डोमेन विशेष के 133 स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देंगे। राज्य सरकार द्वारा छात्रों, उद्यमियों, शोधकर्ताओं तथा उद्योगों को ईएसडीएम उत्पादों के प्रोटोटाइप विकसित करने में सहयोग प्रदान करने के लिए एसटीपीआई के माध्यम से एक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास (ईएसडीडी) केन्द्र स्थापित किया जाएगा, जो प्रति वर्ष 30 से 40 हार्डवेयर, स्टार्टअप और एमएसएमई को सभी सहायता प्रदान करेगा।
जनता के हित को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने रायपुर में बिजली बिल भुगतान समाधान योजना 2026 लॉन्च की थी। इस मौके पर, उन्होंने बेनिफिशियरी को सर्टिफिकेट बांटे और कंज्यूमर से इस स्कीम का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाने की अपील की।
(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)

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