अमेरिका-ईरान शांतिवार्ता हुई बेपटरी

स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता एक बार फिर बेपटरी हो गई है। डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के विरोध में ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने 21 जून को कुछ देर के लिए पहले दौर की वार्ता बीच में छोड़ दी। तस्नीम न्यूज एजेंसी ने विश्वस्त सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि ट्रंप के सख्त बयानों और सैन्य कार्रवाई की धमकियों के बाद ईरानी पक्ष ने इसे बातचीत के माहौल के खिलाफ माना और विरोध जताते हुए मीटिंग हॉल से बाहर निकल गया।
ईरान और अमेरिका के नेताओं के बीच शांति को लेकर स्विट्जरलैंड में बैठक चल रही है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने खुद के सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में ईरान पर फिर से हमला करने की धमकी दी। प्रॉक्सी को तुरंत गड़बड़ी फैलाने से रोकना चाहिए दरअसल, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर अपनी पोस्ट में कहा कि ईरान को लेबनान में अपने भारी-भरकम पैसे पाने वाले प्रॉक्सी को तुरंत गड़बड़ी फैलाने से रोकना चाहिए। अगर वे ऐसा नहीं करते हैं, तो हम ईरान पर फिर से बहुत जोरदार हमला करेंगे, ठीक वैसे ही जैसे हमने पिछले हफ्ते किया था, बल्कि उससे भी ज्यादा जोरदार। दूसरी तरफ स्विट्जरलैंज में अमेरिका और ईरान के बीच शांतिवार्ता को लेकर बैठक चल रही थी। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भी इस बैठक में शामिल हुए। वहीं इस बैठक के दौरान जेडी वेंस ने ईरान के बड़े अधिकारियों से मुलाकात भी की।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची भी बैठक में मौजूद थे। वहीं वेंस की तेहरान के बातचीत करने वालों से मुलाकात होनी थी, जिनमें संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर कालीबाफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची शामिल थे। यह मुलाकात ल्यूसर्न झील के पास स्विट्जरलैंड के पहाड़ी इलाके में एक रिजॉर्ट में होनी थी। इस सीधी बातचीत के दौरान पाकिस्तान और कतर के मध्यस्थ भी वहां मौजूद थे। आगे के कदम उठाने की योजना बनाई। बता दें कि इससे पहले ईरान की संयुक्त मिलिट्री कमांड ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की बात कही थी। ईरान ने कहा था कि लेबनान में इजरायली हमलों की वजह से यह बात कही थी। इसके साथ ही ईरान ने अमेरिका पर भी बदनीयती और युद्ध खत्म करने के अपने वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया था। ईरान ने अपने बयान में साफ तौर पर चेतावनी दी थी कि अगर आक्रामकता जारी रहती है, तो आगे के कदम उठाने की योजना बनाई गई है।



