
पिछले दिनों भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ आये थे। नितिन नवीन उन राज्यों की चुनाव तैयारियों को परख रहे हैं जहां अगले साल अर्थात 2027 मंे विधानसभा के चुनाव होने हैं। उत्तर प्रदेश से पहले वह उत्तराखंड इसी संदर्भ मंे गये थे। उत्तर प्रदेश मंे तीन दिन के प्रवास के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा था कि योगी की सरकार यहां हैट्रिक लगाएगी। यह भविष्यवाणी नितिन नवीन ने यूं ही नहीं कर दी थी। इसके पीछे योगी आदित्यनाथ की सरकार और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चैधरी का मणि-कांचन तालमेल है। पंकज चैधरी ने 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए अपने संगठन मंे जिस तरह अभेद्य समीकरण बनाए हैं, उनसे भाजपा की अगली सरकार भी बनना तय लग रहा है। उन्हांेने प्र्रत्येक बूथ पर ऐसी व्यवस्था कर रखी है कि भाजपा के पक्ष मंे बम्पर मतदान हो। इस व्यवस्था मंे बूथ प्रभारी से लेकर क्षेत्र अध्यक्ष तक की तैनाती बहुत सूझ-बूझ के साथ की गयी है।
केन्द्र सरकार मंे वित्त राज्यमंत्री और महराजगंज से 7 बार सांसद रह चुके पंकज चैधरी को 14 दिसम्बर 2025 को उत्तर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया था। उसी समय से उन्होंने अपनी रणनीति तय कर ली थी। उनकी निगाह मंे सबसे पहले 2024 का लोकसभा चुनाव आया जिसमंे समाजवादी पार्टी ने पीडीए की रणनीति और कांग्रेस के साथ गठबंधन करके 43 सांसद अपनी झोली मंे डाले। इस समीकरण को तोड़ने के लिए ही पंकज चैधरी ने उत्तर प्रदेश मंे ऐसा संगठन खड़ा किया है जो सपा के पीडीए समीकरण को पूरी तरह ध्वस्त कर सकता है। इसके साथ ही भाजपा के पक्ष मंे उस समीकरण को लाने का प्रयास भी पंकज चैधरी ने किया है। पंकज चैधरी का अपने महामंत्री (संगठन) धर्म पाल सिंह से भी बहुत अच्छा तालमेल है।
पंकज चैधरी की अगुवाई वाली टीम में 19 उपाध्यक्ष और 8 महामंत्री बनाए गये हैं। इसके अलावा 19 मंत्री भी मनोनीत किये गये हैं। उत्तर प्रदेश के सभी 6 क्षेत्रों में क्षेत्रीय अध्यक्ष भी इस दृष्टिकोण से बनाये गये है ताकि बूथ प्रभारी से लेकर क्षेत्रीय अध्यक्ष तक किलेबंदी को विपक्षी दल भेद न सकें। पंकज चैधरी ने 19 उपाध्यक्षों मंे जातीय और क्षेत्रीय समीकरण का ध्यान रखा है। इनमंे 4 ठाकुर जाति के हैं। ब्राह्मण समाज से 3 नेताओं को उपाध्यक्ष बनाया गया है। ओबीसी की अलग-अलग जातियों से 8 उपाध्यक्ष हैं। इसके साथ ही वैश्य समुदाय से 2 और दलित समुदाय से 2 नेताओ को उपाध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया है। ठाकुर अर्थात क्षत्रिय जाति से सुरेश राणा, रमेश सिंह, नीरज सिंह और कामेश्वर सिंह संगठन उपाध्यक्ष हैं। ब्राह्मण जाति से अर्चना मिश्रा, ब्रज बहादुर और शंकर गिरि को उपाध्यक्ष बनाया गया है। पंकज चैधरी ने अपनी टीम मंे कृतिका अग्रवाल और आलोक गुप्ता को वैश्य समुदाय का प्रतिनिधित्व करने के लिए उपाध्यक्ष बनाया तो दलित समुदाय से देवेश कोरी और प्रियंका रावत को यह पद दिया गया है। गैर जाटव दलित समुदाय के पासी और कोरी समाज को जोड़ने की बेहतर कोशिश मानी जा रही है।
पंकज चैधरी ने कुशवाहा, मौर्य और सैनी समुदाय से तीन नेताओं को उपाध्यक्ष बनाया है। इनमें सत्यपाल सैनी, दुर्विजय शाक्य और सुरेश मौर्य जैसे नेता हैं जो अपने समुदाय मंे अच्छा प्रभाव रखते हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश मंे भाजपा को मजबूती देने के लिए जाट समुदाय से मोहित बेनीवाल, कुर्मी समुदाय से धर्मेन्द्र सिंह, यादव समाज से राजेश यादव, पाल समाज से पूजा पाल और भूमिहार समुदाय से कृष्ण विहारी राय को उपाध्यक्ष बनाया गया है। पंकज चैधरी ने अपनी टीम में 8 महामंत्री बनाए हैं। इनमंे राजपूत समाज से रामप्रताप सिंह चैहान, शाक्य समाज से गीता शाक्य, ब्राह्मण वर्ग से अभिजात मिश्र, दलित समुदाय में पासी समाज से उपेन्द्र रावत, भूमिहार समाज से संजय राय, लोध जाति से शंकर लोधी और कुर्मी समाज से दिलीप पटेल व राजेश चैधरी हैं।
इसी प्रकार पंकज चैधरी ने अपनी टीम में 19 मंत्री बनाए हैं। इनमंे भूमिहार समाज से बसंत त्यागी और सहजानंद राय, ब्राह्मण समाज से अंकुर शर्मा, रजनी पांडे और यतेन्द्र शर्मा शामिल हैं। क्षत्रिय समाज का प्रतिनिधित्व शिवभूषण सिंह कर रहे हैं। कायस्थ समाज से अवधेश श्रीवास्तव और ओबीसी समुदाय से विजय शिवहरे, अनिल यादव, विजय राजभर, प्रमेन्द्र जांगड़ा विश्वकर्मा और किरण लोधी हैं। राकेश बिन्द निषाद समाज का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। दलित वर्ग से राहुल बाल्मीकि, दीपमाला संतोषी और आकांक्षा सोनकर को मंत्री बनाया गया है। संचित सिंह चैहान, महामेधा नगर और सुहासिनी जायसवाल भी अपने-अपने समुदाय की प्रभावशाली नेता हैं जिनको मंत्री पद का दायित्व सौंपा गया है।
पंकज चैधरी ने प्रदेश के सभी 6 जोन को पुख्ता करने का भी प्रयास किया है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश मंे गुर्जर समुदाय से नवाब सिंह नागर को, ब्रज क्षेत्र से पूरन लाल लोधी को, कानपुर मंे किशोर साहू को, अवध क्षेत्र से अवधेश द्विवेदी को, काशी क्षेत्र मंे अशोक चैरसिया और गोरखपुर क्षेत्र मंे विनोद राय को क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया गया है। इस प्रकार की संगठनात्मक किलेबंदी से विधानसभा चुनाव 2027 मंे भाजपा की विजय सुनिश्चित की जा रही है। पंकज चैधरी ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए जमीनी स्तर पर तैयारियां की हैं। उन्होंने राज्य की सभी 403 विधानसभा सीटों में बूथ सम्मेलनों का आयोजन काफी पहले से शुरू करवा दिया है। उन्होंने अपने 1 लाख 62 हजार बूथ अध्यक्षों और कमेटियों की सक्रियता का आकलन भी प्रारम्भ कर दिया है ताकि पार्टी की जमीनी पकड़ को और मजबूत किया जा सके।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चैधरी हर कदम सूझ-बूझ के साथ उठा रहे हैं ताकि पार्टी की प्रचंड बहुमत से जीत में किसी प्रकार की आशंका न रहे। वह कहते हैं कि 2022 के
विधानसभा चुनाव मंे भाजपा को जिन 18 जिलों मंे पराजय का सामना करना पड़ा था, वहां विशेष फोकस किया जा रहा है।
(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



