वाराणसी में बूथ प्रबंधन का धर्म-किला

चुनाव में विजय हासिल करने के लिए बूथ प्रबंधन की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। इसीलिए भाजपा ने उत्तर प्रदेश में गत 22 जुलाई को 403 विधानसभा क्षेत्रों में एक साथ बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन आयोजित किये। गोरखपुर मंे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं इस सम्मेलन की अगुवाई की। वाराणसी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का चुनाव क्षेत्र है। इसलिए उसे विशेष महत्व का क्षेत्र माना जाता है। वाराणसी मंे बूथ अध्यक्षों को मार्गदर्शन का दायित्व प्रदेश के महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह को सौंपा गया था। धर्मपाल सिंह ने बूथ अध्यक्षों के सम्मेलन मंे इस तरह की व्यूह रचना का मंत्र दिया है जिससे भाजपा के पक्ष में वे मतदाता भी मतदान करेंगे जिन्होंने पूर्व मंे दूसरे दलों को समर्थन दिया था। महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने बूथ अध्यक्षों को उनका दायित्व ही नहीं समझाया बल्कि उनके महत्व को भी रेखांकित किया।
धर्मपाल सिंह ने कहा कि ‘बूथ जीतो, चुनाव जीतो’ यही पार्टी का मूल मंत्र है। पार्टी की सफलता मजबूत बूथ संरचना और प्रभावी बूथ प्रबंधन पर निर्भर करती है। भाजपा का बूथ सत्यापन कार्यक्रम सफल साबित हुआ है। इससे भाजपा को उत्तर प्रदेश मंे लगातार तीसरी बार सफलता मिलना तय है। माना जा रहा है कि बूथ मजबूत करने की कवायद में भाजपा की नजर मंे सपा, बसपा सहित अन्य राजनीतिक दलों के कुछ मजबूत चेहरे भी हैं। पार्टी बूथ अध्यक्षों के माध्यम से इन्हें चिन्हित कर उनकी काट निकालेगी। धर्मपाल सिंह ने वाराणसी में बूथ स्तर पर सभी वोटरों की मैपिंग करने का लक्ष्य भी दिया है। इस प्रकार धर्मपाल ंिसह ने जिस प्रकार की व्यूह रचना बूथ
अध्यक्षों के माध्यम से करने की रणनीति बनायी है, उससे प्रतिपक्ष के उम्मीदवारों का कोई भी दांव सफल नहीं हो सकेगा।
भारतीय जनता पार्टी को साल 2024 के लोकसभा चुनाव में खराब बूथ मैनेजमेंट का परिणाम भुगतना पड़ा था। इसके चलते 2019 के मुकाबले 2024 में भाजपा को कम सांसद मिले। इस खराब परिणाम
को इस बार अच्छे परिणाम में बदलने के लिए 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारी भारतीय जनता पार्टी के महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह बहुत सोच-समझ कर कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह पूरा फोकस बूथ प्रबंधन पर कर रहे हैं। धर्मपाल सिंह स्वयं पूरे प्रदेश का दौरा कर विधानसभा-वार सामाजिक समीकरणों, संगठन की स्थिति और बूथ स्तर की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं। मुख्य रूप से पार्टी बूथ मैनेजमेंट में काम कर रही है। इसलिए महामंत्री संगठन ने अपनी ओर से ही मोर्चा संभाल लिया है और वह ग्रासरूट लेवल तक पहुंच रहे हैं। बूथ स्तर से राज्य प्रभारी तक बेहतर संवाद भी होने का प्रयास धर्मपाल सिंह कर रहे हैं। स्थानीय भाजपा के संगठन पदाधिकारी बेहतर तालमेल रखें और समस्याओं को मिलकर हल करेंगे। महामंत्री संगठन अभी अपनी रणनीति को सार्वजनिक नहीं कर रहे हैं लेकिन बूथ स्तर से जिला स्तर तक के प्रभारी उससे अवगत हैं।
बीजेपी का लक्ष्य प्रदेश के सभी जिलों तक पहुंचकर स्थानीय परिस्थितियों का प्रत्यक्ष आंकलन करना और फीडबैक लेना है। प्रत्येक सीट के लिए प्रभावी सोशल इंजीनियरिंग का खाका तैयार किया जा रहा है। चुनाव के लिए सामाजिक ताने-बाने और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अलग-अलग रणनीति पर काम किया जा रहा है।
धर्मपाल सिंह शक्तिकेंद्र संयोजकों से संवाद कर रहे हैं और माइक्रो मैनेजमेंट का प्रशिक्षण दे रहे हैं। उनका विशेष जोर बूथ सशक्तिकरण, कार्यकर्ता सक्रियता, जनसंपर्क और संगठनात्मक समन्वय पर है, ताकि चुनावी तैयारी सबसे निचले स्तर तक मजबूत हो सके। सोशल इंजीनियरिंग और व्यापक जनसंपर्क को ध्यान में रखते हुए धर्मपाल सिंह अनुसूचित जाति मोर्चा के पदाधिकारियों के साथ भी संवाद कर रहे हैं। उद्देश्य है कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक संगठन की पहुंच और सहभागिता को और मजबूत बनाया जाए। अब तक झांसी, ललितपुर, जालौन, कानपुर देहात, बरेली और अमरोहा सहित अनेक जनपदों का संगठन महामंत्री दौरा कर चुके हैं। प्रत्येक जिले में संगठन की कमियों की बारीकी से समीक्षा कर रहे हैं। कमियों को समयबद्ध ढंग से दूर करने के निर्देश दिए जा रहे हैं। हर विषय पर विस्तार से चर्चा करते हुए संगठन को और अधिक प्रभावी एवं सक्रिय बनाने पर बल दिया जा रहा है। कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र से ब्रज तक और अवध से पश्चिम क्षेत्र के साथ गोरखपुर से काशी तक पूरे प्रदेश को मथने के लिए धर्मपाल सिंह दौरा कर चुके हैं। अब वाराणसी में बूथ अध्यक्षों को विजय मंत्र दिया है।
धर्म पाल सिंह अगस्त 2022 में उतर प्रदेश में महामंत्री संगठन बनाए गये थे। धर्मपाल सिंह का बैकग्राउंड विद्यार्थी परिषद से है। विभिन्न दायित्वों का निवर्हन करने के बाद उनके कंधों पर भाजपा संगठन की कमान संभालने की अहम जिम्मेदारी है। उत्तर प्रदेश भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) की जिम्मेदारी पाने वाले धर्मपाल मूल रूप से बिजनौर जिले के नगीना तहसील के गांव हरनंगला के निवासी हैं। मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद उन्होंने 1991 से विद्यार्थी परिषद में पूर्णकालीक कार्यकर्ता के रूप में काम शुरू किया था। करीब 32 वर्षों तक विभिन्न दायित्वों का निवर्हन करने के बाद उनके कंधों पर उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में भाजपा संगठन की कमान संभालने की अहम जिम्मेदारी दी गई है।
धर्मपाल ने मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद सरकारी नौकरी ज्वाइन की थी। वर्ष 1990 में नौकरी से त्यागपत्र देकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के लिए पूर्णकालिक सेवा में जुट गए। वह विहिप में यूपी और उत्तराखंड संयुक्त प्रांत के संगठन मंत्री भी रह चुके हैं। संघ और भाजपा ने इनका कद बढ़ाते हुए जून 2017 में झारखंड प्रांत में भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन का दायित्व दिया। झारखंड में इस पद को संभालने के बाद उन्होंने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने का काम किया। विद्यार्थी परिषद में उन्हें ब्रज क्षेत्र के संगठन मंत्री का भी दायित्व दिया गया था। पश्चिम उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड के साथ ही नेपाल भी उनका कार्यक्षेत्र रह चुका है। पश्चिम उत्तर प्रदेश उनका प्रवास क्षेत्र रहा। अब पूरा प्रदेश उन्हें भगवामय करना है।
(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



