लेखक की कलम

गाजीपुर में गौरव गान

हमें अपने देश और प्रदेश के उन लोगों का परिचय नयी पीढ़ी को जरूर कराना चाहिए जिन्होंने अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। उत्तर प्रदेश का गाजीपुर जनपद महान लोगों की धरोहर अपने में समेटे है। भगवान परशुराम और उनके पिता जमदाग्नि ऋषि का संबंध भी इसी धरती से रहा है। भारत और पाकिस्तान के बीच 1971 में हुई लड़ाई मंे गाजीपुर के रामउग्र पांडेय ने अपने जीवन का बलिदान कर दिया था। देश ने उन्हें मरणोपरांत महाबीर चक्र से सम्मानित किया। इसी धरती पर हिन्दी साहित्य को समृद्ध करने वाले कुबेरनाथ राय और गोपाल राम गहबरी ने भी जन्म लिया। इनके बारे में बहुत कम लोगों को जानकारी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गत 30 जुलाई को गाजीपुर पहुंचे तो गाजीपुर का गौरव गान किया। उन्हेांने विपक्षी दलों की पूर्व सरकारों को इसके लिए धिक्कारा कि यहां की महान विभूतियों के बारे में जनजागरण का कोई प्रयास क्यों नहीं किया गया। उल्लेखनीय है कि सीएम आदित्यनाथ ने आक्रमणकारी गाजी मसूद के नाम पर लगने वाला मेला बंद करवा दिया है। उन्होंने सालार गाजी को पराजित करने वाले राजा सुहेलदेव का भव्य स्मारक भी बनवाया। उनके नाम पर बहराइच मंे मेडिकल कालेज का नाम रखा गया है।
इतना ही नहीं योगी आदित्यनाथ की सरकार ने भदोही का नाम बदलकर संतरविदास नगर रखने का प्रस्ताव पारित किया है।
योगी आदित्नाथ पिछले 2 महीने में बिजनौर, गाजियाबाद, आगरा, झांसी, मैनपुरी और बनारस से गोरखपुर तक दौरा करके 100 विधानसभा सीटों मंे विकास कार्यों की समीक्षा की है। सीएम ने इन क्षेत्रों में नई सौगातें भी दी हैं।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 30 को गाजीपुर जिले के दौरे पर थे। यहां उन्होंने 692 करोड़ रुपये की लागत वाली 268 जन-कल्याणकारी परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास के लिए आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान जनता को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के ऊपर जमकर हमला किया है। सीएम योगी ने कहा है कि इन दलों ने गाजीपुर के सामने पहचान का संकट खड़ा किया था। सीएम योगी ने गाजीपुर में कहा- याद करिए 1971 के भारत-पाकिस्तान के युद्ध में अपना शौर्य का परिचय देने वाले शहीद राम उग्र पांडे भी इसी पावन धरा से थे जिनके शौर्य को देखते हुए मरणोपरांत उन्हें भारतीय सेना के एक महत्त्वपूर्ण सम्मान महावीर चक्र से सम्मानित किया गया। श्री कुबेरनाथ राय हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित ललित निबंधकार और विद्वान थे। गोपालराम गहमरी, यानी गहमरी बाबू के नाम पर कहते हैं 200 से अधिक उपन्यास उन्होंने लिखे थे। ऐसे अनेक विभूतियों को जन्म देने वाला हमारा गाजीपुर जनपद क्यों गुमनाम होता गया? क्यों इसका नाम डूब गया? क्यों जनपद का नाम लेने से लोग कांपते थे? क्यों आने से डरते थे? पहचान का संकट किसने खड़ा किया? पहचान का संकट खड़ा करने वाले वही लोग हैं, जिन्होंने किया तो कुछ नहीं लेकिन आपके सामने पहचान का संकट जरूर खड़ा कर दिया। सीएम योगी ने कहा- ये पहचान का संकट खड़ा करने वाले वही लोग हैं जिन्होंने राष्ट्र रक्षा के लिए अपने आप को समर्पित होने वाले भारत के राष्ट्रनायकों को सम्मान देने की बजाय जिन्होंने विदेशी आक्रांताओं को महिमामंडित किया था और आज मैं इस बात को कह सकता हूं कि डबल इंजन की ये बीजेपी एनडीए की सरकार राष्ट्र नायकों को सम्मान देती है। 1000 वर्ष पहले भारत को रौंदने की दृष्टि से आया था एक सालार मसूद। सालार मसूद को बहराइच के चित्तौड़ा नामक स्थान पर भारत के जिस महापुरुष ने, राष्ट्रीय नायक ने रौंद करके सबसे कड़ी सजा दी थी। वह महापुरुष कोई और नहीं महाराज सुहेल देव हैं।
सीएम योगी ने कहा- महाराज सुहेल देव के नाम पर समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने कभी कोई आयोजन नहीं होने दिया। महाराज सुहेलदेव जिनके शौर्य और पराक्रम से जिनकी युक्ति से यह देश लंबे समय तक विदेशी आक्रांताओं की बर्बरता से बचा था, उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने के बजाय कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने राष्ट्र नायकों का अपमान किया। ये लोग आक्रांता सालार मसूद गाजी का मेला लगवाते थे। हमारी सरकार आई हमने कहा नहीं, सालार मसूद का मेला नहीं लगेगा। मेला लगेगा तो महाराज सुहेलदेव की स्मृति में लगेगा और आज मुझे प्रसन्नता है बताते हुए कि बहराइच के उस स्थान पर हम लोगों ने महाराज सुहेलदेव की भव्य प्रतिमा की स्थापना की है, भव्य स्मारक बनाया है। वहां अब मेला लगता है, नौजवान जाते हैं, भारत के राष्ट्रनायक के रूप में महाराज सुहेलदेव को सम्मान देते हैं। महाराजा सुहेलदेव के नाम पर हम लोगों ने बहराइच में मेडिकल कॉलेज का निर्माण किया है। आजमगढ़ में विश्वविद्यालय का निर्माण किया है।
सीएम योगी ने कहा- बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के नाम पर बने हुए मेडिकल कॉलेज का नामकरण समाजवादी पार्टी ने बदल दिया। कन्नौज के मेडिकल कॉलेज का नाम बदल दिया। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर जिन्होंने देश के अंदर सुशासन का और भारत के मान बिंदुओं की पुनः प्रतिष्ठा का एक अभिनंदनीय कार्य किया था। लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर के नाम पर बने हुए कॉलेज का नाम समाजवादी पार्टी ने बदल दिया। याद करिए संत शिरोमणि सद्गुरु रविदास जी महाराज। रविदास जी के नाम पर बना हुआ भदोही जनपद का नामकरण उन्होंने बदलने का पाप किया। यह सभी पाप समाजवादी पार्टी के खाते में जाते हैं। इन्होंने लूटा ही नहीं। इन्होंने पहचान का संकट ही खड़ा नहीं किया, इन्होंने महापुरुषों को अपमानित भी किया। बता दें कि सीएम योगी ने हाल ही में ऐलान किया है कि भदोही जिले का नाम अब संत रविदास नगर होगा।
सीएम योगी ने कहा- आज से 10 वर्ष पहले आप कहीं जाते थे गाजीपुर से बाहर, अगर सामने वाला व्यक्ति आपको कहीं पे सम्मान देता भी हो लेकिन आपने गाजीपुर का नाम और उत्तर प्रदेश का नाम बता दिया तो वह 10 कदम पीछे हट जाता था। होटल में कमरे नहीं मिलते थे, धर्मशाला में कोई टिकने नहीं देता था। किराए पर कोई रूम नहीं देता था। लेकिन आज मैं कह सकता हूं, आज यूपी बदल चुका है। आज आप कहीं जाते हैं तो आज आप कहीं जाते हैं, अब पहचान का संकट नहीं है। अगर सामने वाला व्यक्ति 10 कदम है। आपने कह दिया कि भई मैं गाजीपुर से आया हूं, मैं उत्तर प्रदेश से आया हूं। मैं काशी से आया हूं। वह 10 कदम आगे आकर के आपसे गले मिलने के लिए उतावला दिखाई देता है।
सीएम योगी ने कहा- भगवान परशुराम और महर्षि जमदग्नि का भी महत्वपूर्ण केंद्र यह जनपद रहा है और उस जनपद में माफिया का पनपना बहनों और भाइयों, यह शोभा नहीं देता। तात्कालिक रूप से कुछ लोग लाभान्वित हुए होंगे, लेकिन याद रखना यह खतरनाक प्रवृत्ति है। यह माफिया किसी के नहीं होते। ये हमेशा समाज का खून चूसते हैं। गरीब का शोषण करते हैं। व्यापारी में भय और दहशत की स्थिति पैदा करते हैं। बेटी की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करते हैं। और इसी के लिए हमारी सरकार ने तय किया था पहले दिन से कि अपराध और अपराधियों के प्रति, माफिया और माफिया के संरक्षक दाताओं के प्रति सरकार की जीरो टोलरेंस नीति होगी।

(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button