सीरिया के शासक असद को मौत की सजा, रूस में रह रहे

सीरिया की एक अदालत ने देश के पूर्व शासक बशर अल-असद को मौत की सजा सुना दी है। इस अदालत ने गृह युद्ध के दौरान युद्ध अपराधों और मानवता के खिलाफ अपराधों का दोषी ठहराते हुए बशर अल-असद को उनकी गैर-मौजूदगी में मौत की सजा सुनाई। बशर अल-असद ने 24 सालों तक सीरिया पर शासन किया था लेकिन दिसंबर 2024 में इस्लामी ताकतों के दमिश्क के करीब पहुंचने के बाद बशर अल-असद अपने परिवार के साथ रूस भाग गए थे और तब से वहीं हैं।
13 सालों के गृह युद्ध में लगभग पांच लाख लोग मारे गए थे और लाखों लोग विस्थापित हुए। सीरिया का बुनियादी ढांचा बर्बाद हो चुका है। अदालत ने पाया कि 2011 में डेरा प्रांत में असद की सरकार द्वारा किए गए अपराध मानवता के खिलाफ अपराध की श्रेणी में आते हैं। सीरियाई सेना के पूर्व लीडर और बशर के छोटे भाई माहेर अल-असद को भी मौत की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही अदालत ने बशर अल-असद के चचेरे भाई आतेफ नजीब को भी मौत की सजा दी है। आतेफ नजीब सीरियाई सेना के एक पूर्व ब्रिगेडियर जनरल हैं। 2011 में असद के शासन में नजीब दक्षिणी सीरिया के दारा प्रांत में पॉलिटिकल सिक्योरिटी ब्रांच के प्रमुख थे।
50 से ज्यादा सालों तक सीरिया पर हाफेज अल-असद और फिर उनके बेटे बशर अल-असद का शासन रहा। अरब स्प्रिंग के दौरान, 2011 में 2.3 करोड़ की आबादी वाले इस देश में उनके दमनकारी शासन के खिलाफ विद्रोह शुरू हो गया। इससे 13 साल तक चला एक भयानक गृहयुद्ध छिड़ गया, जिसमें सीरियन ऑब्जर्वेटरी ऑफ ह्यूमन राइट्स के अनुसार, पांच लाख से ज्यादा लोग मारे गए। लाखों लोग देश छोड़कर लेबनान, जॉर्डन, तुर्की और यूरोप चले गए। असद परिवार ने सत्ता में बने रहने के लिए धार्मिक और सांप्रदायिक तनावों का फायदा उठाया। यह वही विरासत है जिसके कारण सीरिया में अल्पसंख्यक समूहों के खिलाफ हिंसा फिर से भड़क रही है, जबकि यह वादा किया गया था कि देश के नए नेता सीरिया के लिए ऐसा राजनीतिक भविष्य बनाएंगे जिसमें सभी समुदायों को शामिल किया जाएगा और उनका प्रतिनिधित्व होगा।
बशर अल-असद को सत्ता से हटारकर सीरिया की कमान राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने संभाली है, जिसे अमेरिका ने अपना सपोर्ट दे रखा है।



