लेखक की कलम

सीडब्ल्यूसी से मिले बैज को मुद्दे

कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की गत 19 अगस्त को नई दिल्ली मंे बैठक हुई थी। इस बैठक मंे जिन मुद्दों पर चर्चा हुई, उनमंे कई छत्तीसगढ़ से भी जुड़े हैं। भाजपा ने छत्तीसगढ़ में कांग्रेस से सत्ता छीन ली और विष्णु देव साय वहां के मुख्यमंत्री हैं। उनके पास सबसे बड़ा प्वाइंट राज्य से नक्सलवाद का खात्मा है। केन्द्रीय गृहमंत्री अमितशाह ने तय अवधि से पहले ही देश से नक्सलवाद का सफाया कर दिया। छत्तीसगढ़ की सबसे प्रमुख समस्या यही थी। अब भाजपा सरकार समर्पण करने वाले नक्सलियों के पुनर्वास के साथ ही आदिवासियों, गरीबों को शिक्षा और अन्य सुविधाएं प्रदान कर रही हैं। इसलिए कांग्रेस के लिए भाजपा से सत्ता वापस लेना आसान नहीं होगा। इसके बावजूद नीट परीक्षा का पेपर लीक मामला, बेरोजगारी, अयोध्या मंे चढ़ावा चोरी, ई-20 पेट्रोल जैसे कई मुद्दे हैं जो छत्तीसगढ़ मंे कांग्रेस उठाएगी। कांग्रेस की सीडब्ल्यूसी बैठक में इन पर विस्तार से चर्चा हुई। प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष दीपक बैज इनको आधार बनाएंगे।
नई दिल्ली के इंदिरा भवन में 19 अगस्त को हुई कांग्रेस कार्यसमिति की बैठक में पेपर लीक, बेरोजगारी,
अयोध्या चंदा, चीन सीमा, कृषि-ऊर्जा सुरक्षा और ई-20 पेट्रोल पर चर्चा हुई। इन मुद्दों का असर छत्तीसगढ़ से भी जुड़ता है, क्योंकि राज्य में बड़ी संख्या में युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं और कृषि अर्थव्यवस्था में ईंधन की कीमत व फसल उपयोग जैसे विषय सीधे किसानों से जुड़े हैं।कांग्रेस ने आरोप लगाया कि पिछले एक दशक में पेपर लीक बड़ी समस्या बन गया है। छत्तीसगढ़ में भी नीट, व्यापमं और अन्य भर्ती परीक्षाओं को लेकर विवाद और युवाओं के आंदोलन समय-समय पर सामने आते रहे हैं। सीडब्ल्यूसी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं में गड़बड़ी से सबसे ज्यादा नुकसान उन युवाओं को होता है, जो वर्षों तक तैयारी करते हैं। राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ अभियान का
जिक्र करते हुए कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था में निजीकरण और केंद्रीकरण का
विरोध किया। कांग्रेस कार्यसमिति ने ई-20 पेट्रोल से माइलेज कम होने, पुराने वाहनों की अनुकूलता और उपभोक्ताओं के सीमित विकल्पों पर चिंता जताई।
छत्तीसगढ़ के संदर्भ में पार्टी का यह मुद्दा इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि राज्य की अर्थव्यवस्था में कृषि और ग्रामीण परिवहन की बड़ी भूमिका है। कांग्रेस ने गन्ने और मक्के को ईंधन उत्पादन में इस्तेमाल किए जाने से खाद्य और पर्यावरण संबंधी संभावित असर पर भी सवाल उठाए। सीडब्ल्यूसी ने केंद्र पर अमेरिकी दबाव में कृषि और ऊर्जा सुरक्षा से समझौता करने का आरोप लगाया। इसका असर छत्तीसगढ़ के किसानों पर भी पड़ने की बात कांग्रेस ने उठाई। पार्टी ने कहा कि कृषि नीति बनाते समय किसानों की आय, फसलों की मांग और खाद्य सुरक्षा को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।
कांग्रेस ने 2029 के लोकसभा चुनाव से महिलाओं को एक-तिहाई आरक्षण देने की मांग भी दोहराई। छत्तीसगढ़ में भी विधानसभा और लोकसभा राजनीति में महिला प्रतिनिधित्व बढ़ाने का मुद्दा इस मांग से सीधे जुड़ता है। पार्टी ने लोकसभा सीटों के मौजूदा राज्योंवार आवंटन पर संवैधानिक रोक को अगले 25 सालों तक जारी रखने की मांग भी रखी।

(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)

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