केवीसी में साई पल्लवी ने बताया सीता बनने का अनुभव

अभिनेत्री साई पल्लवी ने कहा है कि आगामी सिनेमाई महाकाव्य रामायण में सीता का किरदार निभाते समय उन्होंने पूरी तरह समर्पण और प्रार्थना का भाव रखा। उन्होंने बताया कि वह खुद को मानसिक रूप से खुला और निष्पक्ष रखना चाहती थीं, ताकि इस किरदार से मिलने वाली सीख और ज्ञान को ग्रहण कर सकें। साई पल्लवी, अभिनेता रणबीर कपूर और रवि दुबे के साथ लोकप्रिय क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति के सेट पर पहुंचीं। इस शो की मेजबानी महानायक अमिताभ बच्चन करते हैं। कार्यक्रम के दौरान फिल्म की पूरी टीम ने इस फिल्म से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।
अमिताभ बच्चन ने कलाकारों से सवाल किया, “आप लोगों ने अलग-अलग भूमिकाएं निभाई हैं। जब ये तीनों भूमिकाएं आपको निर्माता-निर्देशक की तरफ से बताई गईं, तो आपके मन में क्या चल रहा था? लेडीज फर्स्ट।” माता सीता की दिव्य भूमिका निभाने के अपने अनुभव को साझा करते हुए साई पल्लवी ने बेहद भावुक और आध्यात्मिक जवाब दिया। उन्होंने कहा, “मैं इस बार दिमाग का इस्तेमाल नहीं करना चाहती थी। लेकिन मैंने सोचा कि जब भी मैं कोई किरदार निभाती हूं, तो यह सोचती हूं कि मैं उस किरदार के लिए क्या कर सकती हूं। लेकिन पहली बार मुझे लगा कि सीता मां का पात्र निभाकर मुझे वहां से क्या मिलेगा? मुझे क्या ज्ञान मिलेगा? मुझे क्या हासिल होगा?” उन्होंने आगे बताया कि वह इस किरदार को बिना किसी पूर्वधारणा के और पूरी श्रद्धा के साथ निभाना चाहती थीं। साई पल्लवी ने कहा, “तो मैं जितना भी जानती हूं, उतना मैं पारदर्शी रखना चाहती थी। मैं अपने आप से कुछ सोचना नहीं चाहती थी। मैंने सिर्फ प्रार्थना करके कहा, ‘मां, आप मेरे द्वारा वह पात्र निभवाइए,श् बस इतना कहकर मैंने सब कुछ मां पर छोड़ दिया।” उनकी विनम्रता और किरदार के प्रति समर्पण से प्रभावित होकर अमिताभ बच्चन ने उनकी बात की सराहना करते हुए कहा, “बहुत अच्छी बात कही आपने, बहुत अच्छी बात कही।” यह बातचीत साई पल्लवी के उस दृष्टिकोण की झलक पेश करती है, जिसके साथ वह भारतीय पौराणिक परंपरा में अत्यंत पूजनीय माता सीता के किरदार को पर्दे पर जीवंत करने जा रही हैं। उनके लिए यह भूमिका केवल अभिनय तक सीमित नहीं है, बल्कि आत्मचिंतन, श्रद्धा और आध्यात्मिक सीख का भी एक अवसर है। (हिफी)



