विश्व युद्ध की तरफ अमेरिका-ईरान संघर्ष

इजरायल और अमेरिका के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद मिडिल ईस्ट भयंकर तनाव के दौर से गुजर रहा है। ईरान ने इजरायल के साथ ही पूरे मिडिल ईस्ट में बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। कुवैत में ईरान के मिसाइल हमले में 3 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है, जबकि 5 गंभीर घायल हुए हैं। इजरायल में ईरानी मिसाइलों की चपेट में आकर कई लोग मारे गए हैं। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान की नई लीडरशिप ने बात करने की इच्छा जताई है और वह ऐसा करने की योजना बना रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने 48 ईरानी नेताओं को मारने का दावा किया और कहा है कि आखिरी लक्ष्य हासिल करने तक ईरान पर हमले जारी रहेंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार ईरान ने 3 मार्च सुबह तड़के सऊदी अरब, कतर समेत फारस की खाड़ी देशों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। इसमें सऊदी अरब की राजधानी रियाद में अमेरिकी दूतावास पर ड्रोन से हमला भी शामिल है। मौजूदा हालात जल्द काबू होने के आसार नहीं है यह लड़ाई लंबी चलने के आसार बन गए हैं।
कुवैत की सरकारी समाचार एजेंसी ने रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया है कि ताजा लड़ाई शुरू होने के बाद से इसने 178 बैलिस्टिक मिसाइल और 384 ड्रोन इंटरसेप्ट किए हैं। इसने बताया है कि कुवैत सेना के 27 सदस्य घायल हुए हैं, लेकिन उनकी हालत स्थिर है। इससे पहले 1 मार्च को कुवैत पर ईरानी हमले में छह अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई थी।
ईरान पर इजरायल-अमेरिका के हमले और फिर पलटवार के बाद मिडिल ईस्ट पूरी तरह से जंग की चपेट में आ चुका है। इजरायल और ईरान दोनों तरफ से लगातार हमले जारी हैं। सऊदी, कतर और कुवैत सहित कई अरब देशों में स्थित यूएस ठिकानों पर भी ईरान हमले कर
रहा है।
आपको पता रहे इजरायली सेना तेहरान और बेरूत पर हमला जारी रखे हुए है, जिसमें ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर पर हमला भी शामिल है, जबकि ईरान और लेबनान में मरने वालों की तादाद सैकड़ों में है।
प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने मिडिल ईस्ट में चल रहे झगड़े के बीच ईरान में अमेरिकन ग्राउंड फोर्स की किसी भी मुमकिन तैनाती से इनकार नहीं किया। न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए एक फोन इंटरव्यू में उन्होंने कहा, मुझे जमीन पर सैनिकों की तैनाती से कोई दिक्कत नहीं है। जैसे, हर प्रेसिडेंट कहता है, जमीन पर कोई सैनिक नहीं होगा। मैं ऐसा नहीं कहता।
मिडिल ईस्ट का संकट गहराता जा रहा है क्योंकि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने का ऐलान किया और चेतावनी दी है कि जो भी जहाज इस स्ट्रेटेजिक वॉटरवे से गुजरने की कोशिश करेगा, उसे आग लगा दी जाएगी।
उधर, यह दावा किया है कि उसने कुवैत में अमेरिकी सैनिकों को होस्ट करने वाले आरिफजान बेस पर 10 ड्रोन का इस्तेमाल करके हमलों की एक नई लहर चलाई है। उसने दावा किया कि ड्रोन ने अपने टारगेट को सफलतापूर्वक हिट किया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी ड्रोन हमले के वक्त रियाद में अमेरिका एंबेसी खाली थी। इसमें कहा गया है कि इस घटना में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।
अमेरिकी प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि ईरान के खिलाफ मिलिट्री कैंपेन करीब चार हफ्ते तक चल सकता है। उन्होंने वादा किया कि वॉशिंगटन तेहरान की मिसाइल और न्यूक्लियर क्षमताओं को खत्म करने के लिए जो भी करना होगा, करेगा। एक्सियोस ने सोमवार को सत्रों के हवाले से बताया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इराक में कुर्द नेताओं से ईरान संघर्ष के बारे में टेलीफोन पर बात की। इजरायली सेना ने कहा कि वह लेबनान की राजधानी बेरूत में हिज्बुल्लाह के कमांड सेंटर और हथियार रखने की जगहों पर बमबारी कर रही है। यूएई के डिफेंस मिनिस्ट्री ने कहा कि उसके एयर डिफेंस ईरान की तरफ से दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों की नई लहर का सामना कर रहे हैं। इराकी सरकारी मीडिया के मुताबिक, इराक ने एक ड्रोन को इंटरसेप्ट किया, जिसने अबू गरीब जेल कॉम्प्लेक्स के पास आने की कोशिश की। यह जेल कभी सद्दाम हुसैन की टॉर्चर साइट के तौर पर बदनाम थी और बाद में अमेरिकी कंट्रोल में कैदियों के साथ गलत व्यवहार की जगह बन गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस घटना में कोई नुकसान नहीं हुआ है। ईरान की सरकारी मीडिया ने बताया कि तेहरान में सरकारी ब्रॉडकास्टर इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान ब्रॉडकास्टिंग के हेडक्वार्टर के आस-पास दो धमाके हुए, जब इजराइली सेना ने कहा कि वह बिल्डिंग को टारगेट करके हमले कर रही है। यह बमबारी ईरानी इंफ्रास्ट्रक्चर पर अमेरिका -इजरायली बड़े हमलों का हिस्सा थी।
अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ स्टेट ने अमेरिकी नागरिकों से कहा कि वे मिडिल ईस्ट के एक दर्जन से ज्यादा देशों से तुरंत निकल जाएं, क्योंकि इस इलाके में ईरान और इजरायल- अमेरिका के जॉइंट फ्रंट के बीच मिलिट्री लड़ाई बढ़ रही है। स्टेट डिपार्टमेंट के कॉन्सुलर मामलों के असिस्टेंट सेक्रेटरी मोरा नामदार के मुताबिक, अमेरिकियों से कहा गया है कि वे बहरीन, मिस्र, ईरान, इराक, इजराइल, वेस्ट बैंक और गाजा, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, ओमान, कतर, सऊदी अरब, सीरिया, यूनाइटेड अरब अमीरात और यमन से कमर्शियल तरीकों से निकल जाएं।
जॉर्डन में अमेरिका एंबेसी के डिप्लोमैटिक स्टाफ ने धमकी के कारण कुछ वक्त के लिए अम्मान में मिशन की जगह छोड़ दी है। एंबेसी ने और जानकारी नहीं दी, लेकिन यह ऐलान ईरान के सपोर्ट वाले इराकी मिलिशिया कताइब हिज्बुल्लाह के जॉर्डन में अमेरिकी मिलिट्री बेस पर हमला करने की धमकी के कुछ वक्त बाद हुआ है। अमेरिकी सेना ने ईरानी नेवी के 11 जहाजों को डुबोने का दावा किया है। मिडिल ईस्ट में ऑपरेशन की जिम्मेदारी संभालने वाले अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने एक पोस्ट में इसकी जानकारी दी है। सेंट्रल कमांड ने एक्स पर पोस्ट में 3 मार्च तड़के लिखा, दो दिन पहले ईरानी सरकार के पास ओमान की खाड़ी में 11 जहाज थे, आज उनके पास जीरो हैं। ईरानी सरकार ने दशकों से ओमान की खाड़ी में इंटरनेशनल शिपिंग को परेशान किया है और उन पर हमला किया है। वे दिन अब बीत चुके हैं। इसने आगे कहा कि समुद्री नेविगेशन की आजादी ने 80 सालों से ज्यादा से अमेरिकी और ग्लोबल आर्थिक तरक्की को सहारा दिया है। अमेरिका सेना इसकी रक्षा करती रहेगी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि ईरान से जंग 4-5 हफ्ते तक चल सकती है, लेकिन अमेरिका के पास इससे ज्यादा समय तक कार्रवाई करने की क्षमता है। साफ हो गया है कि मौजूदा हालात अभी जल्द सुधरने वाले नहीं हैं और यह लड़ाई लंबी खिंच सकती है।
(मनोज कुमार अग्रवाल-हिफी फीचर)



