आशा भोसले ने रोते हुए गाया था वंदिनी का गाना

आवाज का जादू बिखेरने वाली आशा भोसले ने एक बाल कलाकार के तौर पर मराठी फिल्मों में एक्टिंग की और गाने गाए। उन्होंने छोटे-मोटे रोल किए। कम ही लोग जानते हैं कि 1943 की फिल्म माझा बाल में उन्होंने काम किया था। मराठी फिल्मों में उन्होंने गुजारा करने और परिवार का खर्च उठाने के लिए काम किया था। इनसे उन्हें कुछ खास पहचान नहीं मिली। बाद में उन्होंने बतौर सिंगर करियर बनाया। आशा भोसले ने 12000 से ज्यादा गाने अलग-अलग भाषाओं में गाए हैं, और उनकी तूती विदेशों में भी बोलती थी, बाद में आशा ताई ने 79 साल की उम्र में एक्टिंग की दुनिया में भी हाथ आजमाया था। उन्होंने पर्दे पर इतना भावुक रोल प्ले किया था कि दर्शक रोने के लिए मजबूर हो गए थे। किस्से बहुत हैं। कुछ दर्द से भरे तो कुछ जीवन की आपाधापी में मिली सीख से जुड़े। विभिन्न मंचों पर जब श्बंदिनीश् का जिक्र छिड़ता तो इस किस्से को आशा भोसले अकसर याद किया करतीं। उनके अनुसार, इस गाने को उन्होंने रो-रोकर रिकॉर्ड किया था।
1963 में बिमल रॉय की बंदिनी रिलीज हुई। नूतन, धर्मेंद्र और अशोक कुमार ने मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। गुलजार ने भी मोरा गोरा अंग लइ ले इस फिल्म में बतौर गीतकार डेब्यू किया था। संगीत दिया था एसडी बर्मन यानी सचिन देव बर्मन ने। एक गाना था जिसे उन्होंने आसा (आशा भोसले को इसी नाम से पुकारते थे सचिन दा) को गाने के लिए सौंपा।
माइक्रोफोन पर गाने आईं तो टेक्निकली बिल्कुल ठीक थीं। गाना भी रौ में था, लेकिन वो बात नहीं थी जिसकी अपेक्षा सचिन देव बर्मन कर रहे थे। फिर क्या, दादा नाराज हो गए और बोले, आसा, क्या बाल तुम्हारा भाई नहीं है? क्या तुम उसे राखी नहीं बांधती?
आशा भोसले ने मराठी फिल्म माई में एक मां का किरदार निभाया था। इस फिल्म में सिंगर ऐसी मां बनी थी जो अल्जाइमर की बीमारी से पीड़ित है और चीजों को याद नहीं रख पाती। फिल्म में उनका बेटा (राम कपूर) उन्हें वृद्धाश्रम में छोड़ने का फैसला लेते हैं, जबकि बेटी (पद्मिनी कोल्हापुरे) उनका ध्यान रखती है। फिल्म जिदंगी के ताने-बाने और बुजुर्गों के प्रति बच्चों के बदलते रवैये को पर्दे पर बखूबी दिखाती है। यह फिल्म आशा ताई के लिए बहुत खास थी, क्योंकि उनकी यह डेब्यू फिल्म थी और उन्हें फिल्म की कहानी इतनी मार्मिक लगी कि उन्होंने सिंगिंग के साथ-साथ एक्टिंग करने का भी फैसला कर लिया। उन्होंने साल 2013 में दिए इंटरव्यू में बताया था कि माई के किरदार ने उन्हें भावुक कर दिया था और यह किरदार उनके जीवन की वास्तविकता के भी
काफी करीब है। खास बात यह थी आशा जी ने फिल्म के किसी भी इमोशनल सीन के लिए रोने के लिए ग्लिसरीन का इस्तेमाल नहीं किया था। उनकी आंखों में खुद-ब-खुद आंसू आ जाते थे।
उनके गाए कई गाने आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। पिया तू अब तो आजा, दम मारो दम, ये मेरा दिल, चुरा लिया है तुमने, इन आंखों की मस्ती के और दिल चीज क्या है जैसे गीतों ने उन्हें अमर बना दिया। उनके योगदान को देखते हुए उन्हें कई बड़े पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उन्हें दादा साहेब फाल्के पुरस्कार, पद्म विभूषण, राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार और कई फिल्मफेयर अवॉर्ड्स से नवाजा गया। वह दुनिया के सबसे ज्यादा गाने रिकॉर्ड करने वाले कलाकारों में भी शामिल रहीं।
आशा भोसले ने अपने करियर में हर तरह के गाने गाए। इन आंखों की मस्ती से दम मारो दम तक उनके गाने आज भी लोगों की प्लेलिस्ट का हिस्सा हैं।
अब तो आ जा… गाना आशा जी की सबसे आइकॉनिक परफॉर्मेंस में से एक है। इसकी “मोनिका ओ माय डार्लिंग” लाइन आज भी बेहद मशहूर है। यह गाना फिल्म कारवां का है। इसे आशा भोसले ने अपनी खास अंदाज में गाया था। आज भी इस गाने को खूब सुना जाता है।
दम मारो दम गाना साल 1971 की फिल्म हरे रामा हरे कृष्णा का है। यह गाना जीनत अमान पर फिल्माया गया था। इस गाने को आशाजी ने अपनी मस्ती भरे आवाज में गाया है। गजल शैली में आशा भोसले की आवाज का जादू इस गाने में दिखता है। यह गाना साल 1981 में रिलीज हुई फिल्म उमराव जान का है। इसे रेखा पर फिल्माया गया था। इस गाने को आशा भोसले ने अपनी आवाज दी थी। यह रेखा और आशा भोसले दोनों के करियर के लिए खास गाना था।
यह 1973 में आई बॉलीवुड फिल्म यादों की बारात का गाना चुरा लिया है तुमने जो दिल को आशा भोसले और मोहम्मद रफी ने गाया है। यह विजय अरोरा और जीनत अमान पर फिल्माया गया था। गीत मजरूह सुल्तानपुरी द्वारा लिखा गया है, आर.डी. बर्मन द्वारा संगीतबद्ध किया गया है। यह गाना अपने स्टाइल और एनर्जी की वजह से आज भी पार्टियों में बजता है। यह एक ऑरिजिनल सॉन्ग था, जो उस दौर में काफी पसंद किया गया। आज भी यह गाना पार्टियों का जान बना हुआ है। यह गाना हेलेन पर फिल्माया गया था। यह उस समय का सबसे बड़ा हिट था।
ओ हसीना जुल्फों वाली 1966 की फिल्म तीसरी मंजिल का गाना है। इस गाने को मोहम्मद रफी और आशा भोसले ने गाया। इस सदाबहार गाने को आर.डी. बर्मन ने संगीतबद्ध किया है और इसके बोल मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे। यह गाना शम्मी कपूर और आशा पारेख पर फिल्माया गया था। यह आज भी बेहद पसंद किया जाता है।
मेरा कुछ सामान 1987 की फिल्म इजाजत का है। इसे गुलजार द्वारा लिखा गया है और आर.डी. बर्मन द्वारा संगीतबद्ध किया गया है। इसे आशा भोसले ने आवाज दी है। ओ मेरे सोना रे फिल्म तीसरी मंजिल का गाना है। यह आशा भोसले और मोहम्मद रफी ने गाया था, यह आज भी लोगों की पसंद बना हुआ है। आर।डी। बर्मन द्वारा रचित इस मशहूर गाने को शम्मी कपूर और आशा पारेख पर फिल्माया गया था।
कह दूं तुम्हें फिल्म दीवार का मशहूर गाना है। इसे आशा भोसले और किशोर कुमार ने गाया था। यह गाना आज भी पसंद किया जाता है। साहिर लुधियानवी द्वारा लिखित और आर.डी. बर्मन द्वारा रचित, यह गाना शशि कपूर और नीतू सिंह पर फिल्माया गया था। फिल्म सौदागर का आइकॉनिक गाना सजना है मुझे सजना के लिए को आशा भोसले ने अवाज दी थी। इस गाने की दीवानगी आज भी फैंस में ज्यों की त्यों है।
(मोहिता-हिफी फीचर)



