लेखक की कलम

लवजेहाद व धर्मांतरण का क्राइम सिंडिकेट

हाल ही में देश के तीन अलग- अलग शहरों में धर्मांतरण और लव जिहाद के मामले सामने आ रहे हैं। नासिक, अमरावती और सूरत से पुलिस एक्शन मोड में है। इन मामलों में पुलिस कार्रवाई कर रही है। धर्मांतरण और लव जिहाद मामलों में पुलिस द्वारा आरोपियों को पकड़ा जा रहा है। इनके नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास हो रहा है। क्या विदेशी कनेक्शन भी है? इसको भी जांच हो रही है।
महाराष्ट्र के अमरावती जिले से बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, 180 नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और उनके अश्लील वीडियो बनाने का मामला सामने आने के बाद अब इस पर सियासत भी गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी ने इसे केवल एक अपराध नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश बताया है। भाजपा नेताओं ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल एसआईटी जांच की मांग की है।
अमरावती पुलिस ने मोहम्मद अयाज नामक एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि अयाज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, खासकर वॉट्सएप और स्नैपचैट के जरिए नाबालिग लड़कियों को अपने जाल में फंसाया। जांच में पता चला है कि आरोपी ने कम से कम 180 लड़कियों का यौन शोषण किया और उनके 350 से ज्यादा आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड किए। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल जब्त कर लिया है, जिसमें आपत्तिजनक सामग्री मिली है। आरोपी फिलहाल सात दिनों की पुलिस हिरासत में है। अमरावती के अलावा नागपुर और परतवाड़ा जैसी जगहों की लड़कियों को भी निशाना बनाया गया है। उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस पूरे मामले की गहराई से जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) बनाने की अपील की है। वहीं, भाजपा विधायक देवयानी फरांदे ने कहा कि आईटी कंपनियों में महिलाओं के साथ अत्याचार और उन पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने की खबरें आ रही हैं, जो चिंताजनक है।
उधर, महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के नासिक यूनिट में सामने आए यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण के मामले ने उद्योग जगत को झकझोर कर रख दिया है। मामले की मुख्य आरोपी निदा खान को सत्र न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने उसकी गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है। वहीं, नासिक पुलिस ने उसकी धरपकड़ के लिए जाल बिछा दिया है। पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में निदा खान की भूमिका बेहद संदेहास्पद है। उस पर कर्मचारियों के जबरन धर्मांतरण में शामिल होने का गंभीर आरोप है। दर्ज कराई गई एफआईआर के मुताबिक, आरोपी दानिश शेख ने पीड़िता का परिचय तौसीफ और निदा से कराया था। आरोप है कि ये लोग हिंदू देवी-देवताओं और धार्मिक प्रतीकों, विशेषकर शिवलिंग, भगवान कृष्ण और द्रौपदी पर आपत्तिजनक टिप्पणियां करते थे, जिससे पीड़िता को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर धर्मांतरण के लिए उकसाया जा सके। फरार निदा खान ने अपनी दो महीने की गर्भावस्था का हवाला देते हुए गिरफ्तारी से सुरक्षा मांगी थी। हालांकि, कोर्ट ने उसे कोई राहत नहीं दी और अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई के लिए 27 अप्रैल की तारीख तय की थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अदालत का कोई स्टे ऑर्डर नहीं है, इसलिए उसे तलाशने के लिए तीन टीमें अलग-अलग ठिकानों पर भेजी गई। जांच में सामने आया है कि इस शोषण का शिकार होने वाली अधिकांश युवतियां मध्यमवर्गीय परिवारों से हैं, जिनकी उम्र 21 से 30 वर्ष के बीच है और वेतन लगभग 20,000 रुपये प्रतिमाह है। दूसरी ओर, टीसीएस ने स्पष्ट किया है कि कंपनी ने उत्पीड़न के आरोपों में शामिल कर्मचारियों को निलंबित कर दिया है। हालांकि, कंपनी का यह भी कहना है कि उन्हें आंतरिक चैनलों के माध्यम से ऐसी कोई शिकायत पहले प्राप्त नहीं हुई थी। फिलहाल, नासिक पुलिस की एसआईटी कुल नौ एफआईआर की जांच कर रही है, जिसमें छेड़छाड़, मानसिक प्रताड़ना और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने जैसे गंभीर मामले शामिल हैं।
गुजरात में सूरत के इच्छापोर इलाके में एक नाबालिग हिंदू लड़की के साथ दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। लव जिहाद जैसे इस मामले में पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें मुख्य आरोपी मुस्लिम युवक है और उसकी मदद करने वालों में तीन मुस्लिम और एक हिंदू युवक शामिल है। सोशल मीडिया के जरिए नाबालिग हिंदू युवती को फंसाया गया था और फिर होटल में ले जाकर मुख्य आरोपी ने उससे दुष्कर्म किया था।
इच्छापोर थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले इच्छापुर गांव में रहने वाले एक श्रमिक परिवार की कक्षा 12 में पढ़ने वाली नाबालिग बेटी को आरोपी मोहम्मद साजिद उर्फ अहद मोहम्मद जावेद पठान ने सोशल मीडिया के जरिए संपर्क कर अपने प्रेम जाल में फंसाया था। प्रेम का नाटक कर वह उसे बहला फुसलाकर एक होटल में ले गया। यहां उसने उसके साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाए। जब इस बात की जानकारी लड़की के परिवार को हुई, तो वे तुरंत इच्छापोर पुलिस स्टेशन पहुंचे और मामला दर्ज कराया। उधर आरोपी पुलिस द्वारा पकड़े जाने की भनक लगते ही अपने पैतृक स्थान बिहार भागने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पहचान छिपाने के लिए मुख्य आरोपी मोहम्मद साजिद ने अपने मित्र अभय कुमार शर्मा की मदद ली थी। अभय ने मोबाइल एडिटिंग ऐप के जरिए साजिद के आधार कार्ड में नाम बदलकर अभिषेक गुप्ता (एक हिंदू नाम) कर दिया था ताकि होटल में कोई दिक्कत न हो। इसी फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल कर उसने होटल में कमरा बुक किया और लड़की के साथ बलात्कार किया था। यहां बता दें कि लव जिहाद वाली शादियों पर रोक लगाने की तैयारी शुरू हो गई। अपनी पहचान छिपाकर या माता-पिता को अंधेरे में रखकर शादी करना आसान नहीं होगा। इसकी इनिशिएटिव गुजरात से हुई है। राज्य सरकार इसके खिलाफ विधान सभा में कानून लाने की तैयारी कर रही है।
वहीं, हाल के दिनों में कई शहरों से जिम ट्रेनरों द्वारा महिलाओं को प्रेम जाल में फंसाकर शोषण, ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली के मामले सामने आए हैं। ये घटनाएं महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं। बीते दिनों सूरत के पाल इलाके में एक सनसनीखेज मामला सामने आया। सिटीलाइट स्थित ‘पूजा एल1’ जिम के 42 वर्षीय ट्रेनर शब्बीर टूंकवाला पर एक 45 वर्षीय विवाहित महिला को प्रेम जाल में फंसाने, निजी वीडियो वायरल करने की धमकी देकर 5 लाख रुपये की फिरौती मांगने और उसके पति पर जानलेवा हमला करने का आरोप है। पिछले दिनों उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में जिम के अंदर धर्म परिवर्तन का बड़ा मामला सामने आया था। पुलिस ने अब तक छह लोगों को गिरफ्तार किया है। केजीएन जिम, आयरन फायर और बी-फिट जिम के ट्रेनरों समेत अन्य सदस्यों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोप है कि ये लोग जिम आने वाली हिन्दू युवतियों को दोस्ती और प्यार के जाल में फंसाते थे। बाद में उनका जबरन या प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराया जाता था। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह खेल काफी समय से चल रहा था और इसमें बड़े-बड़े लोग शामिल हो सकते हैं। उन्होंने मांग की है कि पूरे गैंग का खुलासा किया जाए और सभी दोषियों को गिरफ्तार किया जाए।
(मनोज कुमार अग्रवाल-हिफी फीचर)

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