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उर्फी के जन्मदिन पर कुछ विशेष बातें

उर्फी जावेद मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ की रहने वाली हैं। 15 अक्टूबर 1997 में जन्मीं उर्फी अब 29 साल की हैं। मास कम्यूनिकेशन में पढ़ाई भी की है। वो मीडिया में जाना चाहती थीं लेकिन लेकिन उन्हें एक्टिंग का शौक था। लिहाजा काफी कम उम्र में ही उर्फी मुंबई आ गई। 2016 में उन्हें बड़े भैया की दुल्हनिया में अवनि पंत नाम का किरदार निभाने का मौका मिला। इसके बाद इसी साल उन्हें चंद्र नंदिनी सीरियल मिला जिसमें वो छाया के किरदार में नजर आईं। इसके अलावा मेरी दुर्गा उनका जाना माना शो है जिससे वो पॉपुलर हुईं। इसके अलावा उर्फी बेपनाह, ये रिश्ता क्या कहलाता है और कसौटी जिंदगी की जैसे सीरियल का भी हिस्सा रहीं। 2020 में वो इतनी पॉपुलर हुईं कि 2021 में उन्हें बिग बॉस ओटीटी में आने का न्योता मिला। उर्फी जावेद को इन दिनों उनके धर्म और पहचान को लेकर खूब ट्रोल किया जा रहा है। अब उर्फी ने इस पर अपना रिएक्शन दिया है। उर्फी ने इस पर साफ तौर से कहा कि वो किसी भी धर्म को नहीं मानती हैं। दरअसल, हाल ही में सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर फैजान अंसारी ने दावा किया कि उर्फी को मुसलमानों ने इस्लाम से बाहर कर दिया है। इतना ही नहीं उनका नाम भी बदलकर गीता भारद्वाज कर दिया है। अब उर्फी ने फैजान के दावों को खारिज कर दिया है और इसे बकवास बताया है। उर्फी ने कहा, मैं खुद बहुत पहले धर्म छोड़ चुकी हूं। अब ये लोग ये सब बातें क्यों बना रहे हैं।
अपना नाम गीता भारद्वाज रखने पर रिएक्शन देते हुए उर्फी ने कहा, ये किसने कहा? ऐसी कोई रिपोर्ट नहीं है। ये लोग खुद ही बना रहे हैं। मैं कोई धर्म नहीं मानती। मैं नास्तिक हूं। तो आप मुझे कहां से निकालेंगे? जिसे कहीं होना ही नहीं है, उसे आप कहां से निकालेंगे। दरअसल, सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर फैजान अंसारी ने कहा था कि उर्फी को इस्लाम से बाहर कर दिया गया है और उनकी नाम गीता भारद्वाज होगा। फैजान ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर कहा कि उर्फी जावेद को समुदाय से मुसलमानों ने अलग करने का फैसला किया है, क्योंकि वो अपने समुदाय का लगातार अपमान कर रही हैं। अंसारी ने वीडियो में कहा, हैलो दोस्तों, कैसे हैं आप सब? मैं फैजान अंसारी, एक लड़की है जो सिर्फ भारत में ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में मुसलमानों का नाम खराब कर रही है। वो खुद कहती है कि उसे कुरान पर विश्वास नहीं है, उसे इस्लाम पर विश्वास नहीं है, उसे मुस्लिम धर्म पर विश्वास नहीं है। (हिफी)



