केरल ने भरा भाजपा में जोश

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वामपंथियों के गढ़ त्रिपुरा में बहुत पहले भगवा फहरा दिया है। दूसरा बड़ा गढ़ पश्चिम बंगाल वामपंथियों के हाथ मंे होता तो भाजपा कब का छीन चुकी होती लेकिन वहां ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस बनाकर अपनी पकड़ा मजबूत कर ली। इसके बावजूद भाजपा ने वहां मजबूती से पैर जमा लिये हैं और 2026 मंे होने वाले विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल मंे भी भगवा लहराने लगे तो आश्चर्य नहीं होना चाहिए। भाजपा ने वामपंथियों के तीसरे गढ़ केरल मंे भी दस्तक दे दी है। अभी हाल ही मंे सम्पन्न हुए स्थानीय निकाय चुनाव में भाजपा ने तिरुवनंतपुरम में विजय पताका फहरा दी। तिरुवनंतपुरम नगर निगम पर 45 साल से वामपंथियों का लाल झंडा लहरा रहा था। केरल की राजनीति का यह ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है और भाजपा कार्यकर्ता जोश मंे भरे हुए हैं।
केरल के निकाय चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने तिरुवनंतपुरम में लेफ्ट का किला ढहाकर कमल खिला दिया है। तिरुवनंतपुरम नगर निगम में पिछले 45 साल से सीपीएम की अगुआई वाले एलडीएफ का कब्जा था। इस ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने थैंक्यू तिरुवनंतपुरम लिखकर बधाई दी है। उन्होंने इसे केरल की राजनीति का ऐतिहासिक मोड़ करार दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि तिरुवनंतपुरम निगम चुनाव में एनडीए की जीत केरल की राजनीति का ऐतिहासिक मोड़ है। ये नतीजे पार्टी कार्यकर्ताओं की दशकों की मेहनत और संघर्ष का परिणाम हैं।
तिरुवनंतपुरम नगर निगम के 101 वार्ड में से बीजेपी को 50 वॉर्ड में बंपर जीत हासिल हुई है। बीजेपी निगम में निर्णायक बहुमत से महज एक सीट पीछे है। 45 साल से इस नगर निगम में काबिज एलडीएफ को 29 और यूडीएफ को 19 वॉर्ड में जीत मिली है। दो वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है।
केरल में 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। उससे पहले राजधानी तिरुवनंतपुरम नगर निगम में बीजेपी की जीत पार्टी के लिए एक बड़ी कामयाबी की तरह है। यह इस लिहाज से भी अहम है कि यहां मुख्य मुकाबला अब तक एलडीएफ और यूडीएफ के बीच ही रहा है। केरल के निकाय चुनाव के नतीजे ने बीजेपी में जोश भर दिया है। भगवा दल के नेतृत्व में एनडीए ने तिरुवनंतपुरम कॉरपोरेशन में जीत दर्ज की है। इस सीट पर पिछले 45 साल से सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाली एलडीएफ का कब्जा था। इस जीत के साथ ही राज्य में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी को बड़ा बूस्ट मिला है।
इसके अलावा एनडीए ने पलक्कड नगरपालिका में अपना कब्जा बरकरार रखा है। यहां एनडीए ने करीबी मुकाबले में यूडीएफ को मात दी। इसके अलावा भाजपा ने तिरुपुनुत्थापुरा नगरपालिका सीट कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ से छीन ली है। हालांकि, भाजपा निगम में निर्णायक बहुमत से एक सीट पीछे है।
त्रिशूर में, जहां से सुरेश गोपी ने पिछले साल लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की थी, भाजपा ने कोडुंगल्लूर नगर पालिका में 46 वार्डों में से 18, त्रिशूर निगम में 8, गुरुवयूर और वडक्कनचेरी नगर पालिकाओं में दो-दो, कुन्नमकुलम नगर पालिका में 7, इरिंजलाकुडा नगर पालिका में 6 और चलाकुडी नगर पालिका में एक वार्ड जीता। इसने ब्लॉक पंचायतों में 4 वार्ड और ग्राम पंचायतों में 167 वार्ड जीते, लेकिन त्रिशूर जिले में जिला पंचायत में एक भी नहीं जीता। राज्य चुनाव आयोग (एसईसी) के दोपहर 2।30 बजे के आंकड़ों के अनुसार, भाजपा के नेतृत्व वाले मोर्चे ने केरल में 1,085 ग्राम पंचायत वार्ड और 44 ब्लॉक पंचायत वार्ड जीते। इनमें कोल्लम निगम के 11 वार्ड, कोझिकोड निगम के 13, कन्नूर निगम के 4 और कोच्चि निगम के 6 वार्ड भी शामिल हैं, जो इन स्थानीय निकायों में तीसरे स्थान पर हैं। तिरुवनंतपुरम निगम की लड़ाई में, एलडीएफ के कार्यकाल के दौरान कथित भ्रष्टाचार को उजागर करने वाला भाजपा अभियान एनडीए के लिए कारगर साबित हुआ।
इसी के साथ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर एक बार फिर सियासी गलियारों में चर्चा के केंद्र में हैं। केरल स्थानीय निकाय चुनावों में जहां कांग्रेस-नीत यूडीएफ की जीत पर उन्होंने खुशी जताई, वहीं अपनी ही संसदीय सीट तिरुवनंतपुरम में भाजपा की सफलता पर सार्वजनिक रूप से बधाई देकर थरूर ने राजनीतिक संदेश भी दे दिया। उन्होंने इसे लोकतंत्र की खूबसूरती करार दिया और भाजपा को मिले जनादेश को ऐतिहासिक बताया।
केरल के तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर के मिजाज बीते कुछ वक्त से बदले-बदले से नजर आ रहे हैं। पार्टी आलाकमान की बैठकों से दूरी और भाजपा से नजदीकी इस बात की तस्दीक है कि थरूर के मन के अंदर कुछ तो चल रहा है। एक दिन पहले जहां उन्होंने कोलकाता के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस लोकसभा सांसदों की बैठक छोड़ दी। तो इससे पहले थरूर सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई उस बैठक में से भी नदारद रहे, जहां पार्टी की शीतकालीन सत्र की रणनीति पर चर्चा होनी थी। वहीं अब अपने लोकसभा क्षेत्र तिरुवनंतपुरम में स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा की जीत पर विरोधी दल को बधाई देना भी चर्चा का विषय बन चुका है।
केरल स्थानीय निकाय चुनाव के परिणामों के बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर के संसदीय क्षेत्र तिरुवनंतपुरम चर्चा का विषय बना गया है। कारण है थरूर के संसदीय क्षेत्र में भाजपा की बढ़त, जिससे कांग्रेस के लिए मुकाबला काफी चुनौतीपूर्ण बन गया है।
तिरुवनंतपुरम नगर निगम के परिणाम भाजपा की थरूर के गढ़ में बड़ी सेंध मारी है। इधर, केरल की राजनीति में शुरू हुए नए अध्याय पर भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी खुश हैं। तिरुवनंतपुरम नगर निगम में भाजपा-एनडीए को मिले जनादेश पर पीएम मोदी ने खुशी जताई है। अपने एक्स पोस्ट में उन्होंने इसे केरल की राजनीति का निर्णायक मोड़ बताया।
प्रधानमंत्री ने लिखा केरल के उन सभी लोगों का मैं दिल से आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने राज्य में हुए स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा और एनडीए उम्मीदवारों को समर्थन दिया। केरल की जनता अब यूडीएफ और एलडीएफ दोनों से ऊब चुकी है। उन्हें भरोसा है कि सुशासन देने और सभी के लिए अवसरों से भरा विकसित केरल बनाने का काम केवल एनडीए ही कर सकता है। पीएम मोदी ने लिखा धन्यवाद तिरुवनंतपुरम! तिरुवनंतपुरम कॉरपोरेशन में भाजपा-एनडीए को
मिला जनादेश केरल की राजनीति में एक ऐतिहासिक क्षण है। उन्होंने कहा कि राज्य की जनता अब यह मानने लगी है कि केरल की विकास
आकांक्षाओं को केवल भाजपा ही पूरा कर सकती है। (अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



