मनोज कुमार का पसंदीदा गीत था जिंदगी की न टूटे लड़ी…

जिंदगी की ना टूटे लड़ी उन चुनिंदा गीतों में शामिल है, जिन्हें सिर्फ प्रेम गीत नहीं बल्कि रिश्तों की मजबूती का प्रतीक माना जाता है। इसके बोल बिछड़ने की नहीं, बल्कि हर परिस्थिति में साथ निभाने और प्रेम को बनाए रखने की बात करते हैं। यही वजह है कि यह गीत शादी-ब्याह, स्टेज शो और संगीत कार्यक्रमों में आज भी अक्सर सुनाई देता है। लता मंगेशकर की मधुर आवाज में रिकॉर्ड हुआ फिल्म क्रांति का गीत ‘जिंदगी की ना टूटे लड़ी, प्यार कर ले घड़ी दो घड़ी भी ऐसी ही अमर धुनों में शामिल है। 1981 में रिलीज हुआ यह गीत आज 45 साल बाद भी रेडियो, म्यूजिक प्लेलिस्ट और सोशल मीडिया पर बराबर सुना जाता है। इसकी खासियत सिर्फ इसकी धुन या गायकी नहीं, बल्कि वह भावनाएं हैं जो प्यार, रिश्तों और साथ निभाने का संदेश देती हैं। यही वजह है कि पीढ़ियां बदलने के बावजूद इस गीत की लोकप्रियता बरकरार है।
यह गीत 1981 में रिलीज हुई ऐतिहासिक ड्रामा फिल्म क्रांति का हिस्सा था। कहते हैं कि इस फिल्म को बनाने के लिए मनोज कुमार ने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया था। उस दौर की सबसे बड़ी फिल्मों में गिनी जाने वाली इस फिल्म का निर्देशन और निर्माण भी मनोज कुमार ने किया था। फिल्म में उनके साथ दिलीप कुमार, हेमा मालिनी, शशि कपूर, शत्रुघ्न सिन्हा और परवीन बाबी जैसे दिग्गज कलाकार नजर आए थे। ‘जिंदगी की ना टूटे लड़ी को फिल्म में मनोज कुमार और हेमा मालिनी पर फिल्माया गया था। गीत में प्रेम के साथ त्याग, विश्वास और जीवनभर साथ निभाने का संदेश बेहद भावुक अंदाज में दिखाया गया, जिसने इसे दर्शकों के दिलों तक पहुंचा दिया। इस गाने को लता मंगेशकर और नितिन मुकेश ने अपनी आवाज दी थी। वहीं संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने इसकी धुन तैयार की, जबकि गीतकार संतोष आनंद ने सरल लेकिन दिल को छू लेने वाले बोल लिखे। संगीत, शब्द और गायकी का यह मेल आज भी इसे हिंदी सिनेमा के सबसे यादगार रोमांटिक गीतों में शामिल करता है। (हिफी)



