दुखांत रही देव आनंद व सुरैया की प्रेम कहानी

हिंदी सिनेमा में जितनी दिल छू लेने वाली कहानियां परदे पर बनी हैं, उतनी ही दर्दनाक प्रेम कहानियां सितारों की जिंदगी में भी देखने को मिली है। ऐसी ही एक प्रेम कहानी बॉलीवुड के सदाबहार एक्टर की भी है। हम बात कर रहे हैं देव आनंद की जिन्हें प्यार हुआ, इकरार हुआ और फिर उस इश्क का अंजाम बहुत बुरा हुआ। देव आनंद और सुरैया की प्रेम कहानी को हिंदी सिनेमा की सबसे ट्रैजिक प्रेम कहानियों में से एक माना जाता है।
देव आनंद और सुरैया की मुलाकात 1948 में फिल्म विद्या के सेट पर हुई। उस समय सुरैया बॉलीवुड की सेंसेशनल सिंगिंग स्टार थीं। वह अपनी मधुर आवाज और खूबसूरती के लिए मशहूर थीं। वहीं, देव आनंद एक नए-नए कलाकार थे, जो इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे थे। फिल्म की शूटिंग के दौरान एक गाने किनारे किनारे चले जाएंगे की शूटिंग हो रही थी। नाव पलट गई और सुरैया पानी में डूबने लगीं। देव आनंद ने बिना देर किए पानी में छलांग लगा दी और उन्हें बचा लिया। सुरैया ने बाद में कहा, अगर आज तुमने मेरी जान नहीं बचाई होती, तो मेरी जिंदगी खत्म हो जाती। देव ने जवाब दिया, अगर तुम्हारी जिंदगी खत्म हो जाती, तो मेरी भी। यही वो पल था जब दोनों के बीच प्यार की शुरुआत हुई। इस घटना के बाद दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया, जैसे जीत, शायर, अफसर, सनम। सेट पर दोनों की केमिस्ट्री देखते ही बनती थी। देव सुरैया को नोजी कहकर बुलाते थे, जबकि सुरैया उन्हें स्टीव। दोनों एक-दूसरे के साथ समय बिताते, प्यार भरी नजरें मिलाते और भविष्य के सपने देखते। देव आनंद हिंदू थे और सुरैया मुस्लिम। उस दौर में अंतरधार्मिक विवाह आसान नहीं था। सुरैया की नानी, जो उनकी अभिभावक थीं, इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थीं। 1949 में फिल्म जीत की शूटिंग के दौरान दोनों ने भागकर शादी करने की योजना बनाई लेकिन सुरैया की नानी को पता चल गया और उन्होंने योजना को नाकाम कर दिया। नानी ने सुरैया को घर में कैद कर लिया और देव से मिलने पर पाबंदी लगा दी। देव आनंद ने सुरैया को प्रपोज करने के लिए एक महंगी डायमंड रिंग दी थी, जिसके लिए उन्होंने दोस्तों से कर्ज लिया लेकिन रिश्ता टूटने के बाद देव ने उस रिंग को अरब सागर में फेंक दिया। रिश्ता टूटने के बाद सुरैया कभी शादी नहीं कीं। वह 74 साल की उम्र तक अविवाहित रहीं और 2004 में दुनिया छोड़ गईं। (हिफी)



