अनंत सिंह को सही सबक

राजनीति मंे पिछले कुछ वर्षों मंे जिस तरह से गिरावट आयी है, उससे लोकतंत्र कमजोर हो रहा है। बयानबाजी और दबंगई की सीमा लांघी जा रही है। बिहार मंे दबंग नेता अनंत सिंह को जनता ने तो सबक दिया ही है, साथ ही पार्टी ने भी उनको बाहर का रास्ता दिखाकर राजनीति की बची खुची इज्जत कायम रखी है। बिहार विधानसभा चुनाव के समय ही जनसुराज पार्टी के एक प्रचारक की हत्या हो गयी थी। इसमंे भी अनंत सिंह आरोपित थे लेकिन अदालत से वह बरी हो गये। अब पटना स्नातक सीट पर वह अपनी पार्टी के प्रत्याशी का विरोध करके जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी का समर्थन कर रहे थे। चुनाव में जन सुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज को पराजय मिली। यह जनता का सबक है। उधर, अनंत सिंह ने खुली दबंगई दिखाते हुए जद(यू) के प्रत्याशी नीरज कुमार को धमकी भी दी थी। अनंत सिंह ने कहा था नीतीश कुमार और मेरे संबंध बहुत पुराने हैं। उनकी मदद करने के लिए मैंने 9 मर्डर करवाये। अनंत सिंह कहते हैं कि यह वह समय था जब नीतीश संघर्ष कर रहे थे और राजनीति मंे अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे थे। बहरहाल, जद(यू) ने अनंत सिंह को 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया है। इस प्रकार के कदम से राजनीति में गुंडागर्दी कुछ तो कम होगी।
बिहार के दबंग नेता अनंत सिंह के हाल में 9 मर्डर के दिए एक बयान पर काफी विवाद हुआ था। बाद में उन्हें इस बयान पर सफाई देनी पड़ी। उन्होंने नीरज कुमार पर हमला करते हुए कहा था कि उन्होंने पार्टी के लिए क्या किया? अनंत सिंह ने कहा-नीतीश कुमार और मेरे संबंध बहुत पुराने हैं। उनकी मदद करने के लिए मैंने नौ लोगों का मर्डर करवाया। जब वह संघर्ष कर रहे थे और राजनीति में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे थे, तब मैं उनके साथ खड़ा था। विधान परिषद के चुनाव में अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी नीरज कुमार को उम्मीदवार बनाए जाने से अनंत कुमार सिंह पार्टी से नाराज थे और जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज का खुला समर्थन कर रहे थे।
पटना स्नातक सीट पर जनता दल के उम्मीदवार नीरज कुमार ने चुनाव जीत लिया है। इस जीत के बाद नीरज कुमार ने मीडियाकर्मियों से बातचीत में कहा कि हमने जनबल और कार्यकर्ता बल के सामने धनबल और बाहुबल को झुका दिया। वहीं जब नीरज कुमार से यह सवाल किया गया कि जो मिठाइयां विरोधियों ने बनाई उनका क्या होगा? इस पर तंज कसते हुए नीरज कुमार ने कहा-कहां है रे गुंजन… ले जो मिठाइयां। यह बात उन्होंने अनंत सिंह के लहजे में
कही। दरअसल, काउंटिंग से पहले ही अनंत सिंह के आवास पर मिठाइयां बननी शुरू हो गई थीं। बड़े पैमाने
पर कार्यकर्ता भी जुटे हुए थे और यह कहा जा रहा था कि जनसुराज के उम्मीदवार अनुज भारी मतों से जीतेंगे, इसी खुशी में मिठाइयां बन रही हैं।
खुद अनंत सिंह ने भी दावा किया था कि चुनाव में जनसुराज के अनुज भारी मतों से जीतेंगे। इस जीत का उन्हें पक्का विश्वास है इसलिए काउंटिंग शुरू होने के पहले से ही मिठाइयां बन रही हैं।
इस चुनाव में अनंत सिंह खुलकर पार्टी के खिलाफ मैदान में उतर गए थे उन्हें समझाने की काफी कोशिशें पार्टी की ओर से की गईं लेकिन अनंत नहीं माने और जनसुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन कर दिया। वे खुलकर अनुज सिंह का प्रचार करने लगे। अनंत सिंह एक बड़े काफिले के साथ अनुज सिंह के नामांकन में भी शामिल हुए। अनंत को समझाने की कोशिशें जारी रहीं। एमएलसी चुनाव की वोटिंग के बाद जनता दल यूनाइटेड ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। अनंत सिंह को 6 साल के लिए पार्टी से निकाल दिया गया।
पार्टी से निकाले जाने के बाद अपने पहले रिएक्शन में उन्होंने पार्टी पर जमकर निशाना साधा। अनंत सिंह ने कहा कि उन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता है। अनंत सिंह ने दावा किया था कि जेडीयू अगले चुनाव में 10 सीटों तक सिमट कर रह जाएगी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि नीतीश कुमार के बाद अब पार्टी खत्म हो चुकी है। जिन लोगों ने उन्हें पार्टी से निकाला है, उनकी हैसियत का पता भी आने वाले चुनाव में चल जाएगा। अनंत सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार ही उन्हें लेकर पार्टी में आए थे लेकिन उनके बाद अब पार्टी में कुछ नहीं बचा। पार्टी पूरी तरह से बर्बाद हो चुकी है। नीतीश कुमार की तबीयत ठीक नहीं रहती है।
मोकामा से जद(यू) विधायक अनंत सिंह हाल में दिए 9 मर्डर वाले बयान के विवाद से निकले ही थे कि अब उनपर और जनसुराज के पटना स्नातक सीट से प्रत्याशी अनुज सिंह पर आचार संहिता के उल्लंघन का मामला दर्ज हो गया है। जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी अनुज सिंह के समर्थन में अनंत सिंह लगातार चुनाव प्रचार कर रहे थे। इसी क्रम में अनंत सिंह और अनुज सिंह पर बाढ़ और मोकामा थानों में कुल 3 एफआईआर दर्ज की गई है। जानकारी के मुताबिक रोड शो के दौरान तय सीमा से अधिक गाड़ियां और जेसीबी इस्तेमाल करने पर यह कार्रवाई की गई है। बाढ़ के दौरान मोकामा विधायक के रोड शो और जन अधिकार यात्रा में प्रशासन की ओर से 10 गाड़ियों के इस्तेमाल की इजाजत दी गई थी लेकिन रोड शो के दौरान 15 से ज्यादा गाड़ियों (जेसीबी) का इस्तेमाल कर फूलों की वर्षा कराई गई। अनंत सिंह के एक रिश्तेदार पर भी मामला दर्ज किया गया है।
अनंत सिंह पूर्व में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) में भी रह चुके हैं। वह दिवंगत दिलीप सिंह के भाई हैं, जो लालू प्रसाद की पत्नी राबड़ी देवी के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री थे। अनंत सिंह ने आगामी विधान परिषद चुनाव में जद (यू) के विधान परिषद सदस्य नीरज कुमार की हार सुनिश्चित करने का संकल्प लिया था। वह लगातार यह कहते रहे हैं कि जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अनुज सिंह का समर्थन करना नीतीश कुमार के साथ विश्वासघात नहीं है।
बिहार विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान 30 अक्टूबर 2025 को मोकामा विधानसभा क्षेत्र के घोसवरी इलाके में जन सुराज पार्टी के समर्थक दुलारचंद यादव की गोली मारकर और गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी गई थी। पटना जिले के मोकामा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला घोसवरी (टाल) इलाके में दोनों तरफ से कहासुनी और कथित तौर पर पथराव व फायरिंग हुई। विवाद के दौरान दुलारचंद यादव को पैर में गोली लगी और बाद में उन पर एक महिंद्रा थार गाड़ी चढ़ा दी गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। जन सुराज समर्थकों और स्थानीय लोगों ने जेडीयू उम्मीदवार अनंत सिंह और उनके समर्थकों पर हत्या का आरोप लगाया।
वहीं, दूसरी तरफ से विरोधी गुटों पर हमले और वाहनों को नुकसान पहुंचाने के आरोप-प्रत्यारोप लगाए गए थे। कभी आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के साथ रहे दुलारचंद यादव की हत्या के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया था।
मोकामा बिहार विधानसभा की हॉट सीट है। यहां से अनंत सिंह चुनाव जीतते रहे हैं। जेडीयू ने अनंत सिंह को यहां से टिकट दिया, जबकि आरजेडी ने सूरजभान सिंह की पत्नी वीणा देवी को अपना उम्मीदवार बनाया था। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने भी टिप्पणी की थी। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा, “अपराध के लिए कुख्यात मोकामा में सत्ता संरक्षित गुंडों ने एक सामाजिक कार्यकर्ता दुलारचंद की हत्या कर दी। वहीं, जनसुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने कहा था, “हमारी पार्टी के नेता मोकामा में गए हैं। ज्यादा जानकारी मिलने पर वक्तव्य दे पाएंगे। अभी हमारे पास वही जानकारी है जो मीडिया में आई है।” बिहार में पहले नीतीश मुख्यमंत्री थे लेकिन अब भाजपा के सम्राट चैधरी सीएम हैं। (अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



