विश्व-लोक

स्मित मच्छार को यूएई का सर्वोच्च सम्मान मिला

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट के कॉकपिट में हुई डरावनी घटना ने पूरी दुनिया को झकझोर दिया था। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित मच्छार ने अदम्य साहस दिखाते हुए 174 यात्रियों और क्रू सदस्यों की जान बचाई थीं। अब यूएई के राष्ट्रपति ने उन्हें सर्वोच्च सम्मान ऑर्डर ऑफ जायेद से नवाजा है। आसमान में मौत को मात देकर सैकड़ों बेकसूर जिंदगियां बचाने वाले फ्लाईदुबई के कैप्टन मच्छार को दुबई के प्रतिष्ठित सम्मान ऑर्डर ऑफ जायद द्वितीय, फर्स्ट ब्संेे से सम्मानित किया गया है। समारोह में जब घायल हाथ में ब्रेस पहने कैप्टन स्मित अपने क्रू के साथ पहुंचे तो हर आंख इस असली हीरो के जुनून और समर्पण को देखकर गर्व और सम्मान से भर गई।
संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने तो कैप्टन मच्छार को गले से लगा लिया। इस मौके पर दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम और दोनों अमीरात के शाही परिवारों के सदस्य भी मौजूद थे। इस अवसर पर फ्लाईदुबई के कैप्टन के साथ साथ क्रू मेंबर्स को सम्मानित किया।
बता दें कि ऑर्डर ऑफ जायेद यूएई का एक प्रतिष्ठित नागरिक और सैन्य सम्मान है, जो देश और समाज के लिए असाधारण, साहसिक व उत्कृष्ट योगदान देने वाली हस्तियों को प्रदान किया जाता है। दुबई के क्राउन प्रिंस शेख हमदान बिन मोहम्मद ने क्रू सदस्यों को पदक सौंपते हुए कहा कि संकट के समय उनका साहस, जिम्मेदारी का अहसास और तुरंत निर्णय लेने की क्षमता यूएई के विमानन क्षेत्र के उच्चतम मानकों को दर्शाती है।
30 सितंबर को दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान के दौरान ओमान के को-पायलट ने ज्यादा से ज्यादा जिंदगियां तबाह करने के इरादे से कॉकपिट में अचानक हमला कर दिया था। इस भयानक और खौफनाक स्थिति में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार ने खुद गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद अदम्य साहस और बेमिसाल सूझबूझ का परिचय दिया। दर्द से तड़पते हुए भी उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया जिससे क्रू मेंबर्स और यात्रियों ने तेजी से नीचे गिरते विमान में हमलावर को-पायलट को काबू में कर लिया। इसके बाद यूएई के अटॉर्नी जनरल डॉ. हमद सैफ अल शम्सी ने 9 अक्टूबर को एक बयान में बताया था कि इस घटना के आरोपी ओमानी सह-पायलट का इरादा ज्यादा से ज्यादा लोगों को नुकसान पहुंचाना था। (हिफी)

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