लेखक की कलम

असम व मध्य प्रदेश की साझेदारी

सहयोग से समृद्धि और विकास का रास्ता निकलता है। इसी विचार को धन मंे रखकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने अपेक्षाकृत कम विकसित राज्य असम के साथ सहयोग का एक नया अध्याय लिखने की कोशिश की है। गत 5 अक्टूबर को डा. मोहन यादव गुवाहाटी पहुंचे और वहां एक निजी होटल मंे इन्टरेक्टिव सेशन आन इन्वेस्टमेंट अपारच्यूनिटीज इन मध्य प्रदेश कार्यक्रम को संबोधित किया। असम के उद्योगपतियों और निवेशकों को मध्य प्रदेश मंे उद्योग लगाने को आमंत्रित किया। दोनों राज्यों में भाजपा की सरकार है और परस्पर सहयोग से दोनों प्रदेश रोजगार और राजस्व में वृद्धि कर सकते हैं। डा. मोहन यादव ने पीएम मित्र पार्क का विशेष रूप से उल्लेख किया। मध्य प्रदेश की धरती पर इस मेगा टैक्सटाइल पार्क का भूमि पूजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोहन ने इसी साल अपने जन्मदिन 17 सितम्बर को किया था। असम राज्य के फिक्की के अध्यक्ष एवं जीडी धानुका ग्रुप के एमडी डा. घनश्याम दास धानुका ने मध्य प्रदेश और असम के बीच विकास की साझेदारी के प्रयास की सराहना भी की है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता विस्वा सरमा ने भी डा. मोहन यादव के प्रयास की सराहना की है।
माना जा रहा है कि मध्यप्रदेश का बाघ और असम का गैंडा दोनों ही जंगल में एक साथ रफ्तार भर सकते हैं। दोनों राज्य मिलकर इन वन्य प्राणियों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश असम को गौर, घड़ियाल और मगरमच्छ दे सकता है। असम हमें गैंडा देकर हमारे वनों को समृद्ध कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चीता पुनर्वास प्रोजेक्ट एक ऐसा ही अनुपम उदाहरण है, जिसमें हमने अफ्रीकन चीतों को मध्यप्रदेश की धरती पर बसाया है। इसी तरह हम अन्य विलुप्तप्राय वन्य जीव प्रजातियों को बसाकर उनकी प्रजाति बचा सकते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश का बिजली उत्पादन के मामले में देश में एक अलग ही स्थान है। दिल्ली की मेट्रो ट्रेन मध्यप्रदेश की बिजली से चल रही है। हम ग्रीन एनर्जी प्रोडक्शन की ओर बढ़ रहे हैं। विंड एनर्जी प्रोडक्शन में तो हम आगे हैं हीं, हमारे राज्य में जमीन और पानी पर भी सोलर एनर्जी प्रोडेक्शन प्लांट लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में उद्योग-धंधों और निर्माण इकाइयों की स्थापना को बढ़ावा देने के लिए हम औद्योगिक इकाई स्थापना, रॉ मटेरियल अवेलेबिलिटी, गुड्स ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी, एक्सपोर्ट, लॉजिस्टिक्स और कुशल श्रम शक्ति उपलब्ध कराने जैसे सभी सेक्टर्स में आगे बढ़कर इन्हें प्रोत्साहन भी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश के समग्र विकास के लिए सभी राज्यों के मध्य एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा आवश्यक है और तभी हमारा देश वर्ष 2047 तक विकसित भारत बन पाएगा। मध्यप्रदेश और असम दोनों इस लक्ष्य की ओर मिलकर आगे बढ़ेंगे।
असम राज्य के फिक्की के अध्यक्ष एवं जीडी धानुका ग्रुप के एमडी डॉ. घनश्याम दास धानुका ने असम के कल्चरल आइकॉन स्व. जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि यह आयोजन असम और मध्यप्रदेश के लिए देश के साथ दक्षिण-पूर्व एशिया के लिए औद्योगिक विकास का गेट-वे बनेगा। मध्यप्रदेश निवेशकों और उद्योगपतियों को प्रोत्साहन प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी नेतृत्व से ही हर क्षेत्र में विकास होता है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने इस मामले में लीड ले ली है।
असम राज्य के फिक्की के सह-अध्यक्ष एवं बीएमजी इन्फॉर्मेटिक्स प्रालि के निदेशक जॉयदीप गुप्ता ने कहा कि गुवाहाटी में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और डेलीगेशन का स्वागत है। यह मां कामाख्या की भूमि है। हम आज असम के सुप्रसिद्ध गायक स्व. जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि दे रहे हैं। मध्यप्रदेश देश का दिल है और असम देश के लिए इकॉनॉमिक गेटवे की तरह है। विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण के लिए निवेश आधारित यह रोड-शो बेहद अहम साबित होगा तथा इससे दोनों राज्यों के बीच पारदर्शी और प्रगाढ़ रिश्ते कायम होंगे।
श्री सीमेंट प्रा.लि. के मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि हमारी कंपनी सीमेंट उत्पादन में देश में तीसरा स्थान रखती है। मध्यप्रदेश के धार जिले में हमारी कंपनी को यूनिट शुरू करने के लिए जमीन आवंटित हुई है। खनिज विभाग की ओर से हर संभव सहायता मिल रही है। प्रदेश में रोड, रेल नेटवर्क का जाल बिछा है, जो बेहतर लॉजिस्टिक सुविधाएं प्रदान करता है। प्रदेश में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के लिए इकोसिस्टम मौजूद है। धार में प्रधानमंत्री मोदी ने पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन किया है। मध्यप्रदेश का मालवा क्षेत्र कपास उत्पादन का गढ़ है। इससे यहां टेक्सटाइल इंडस्ट्री लगाने वाले निवेशकों के साथ किसानों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।
असम स्टेट कॉउंसिल फिक्की के पूर्व अध्यक्ष आशीष फुकॉन ने कहा कि मैंने चाय उद्योग से बिजनेस सेक्टर में कदम रखा था। आशा है कि हमारी अगली डेस्टिनेशन
मध्यप्रदेश होगी। हम पर्यटन क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहे हैं, यह हमारे लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक बार मुझसे कहा था कि टूरिज्म में अपार संभावनाएं हैं और जब वे प्रधानमंत्री बने, तो पहली बार लाल किले से उन्होंने पर्यटन क्षेत्र में निहित संभावनाओं पर ही जोर दिया था। उन्होंने कहा कि असम के साथ देश भर में सड़कों की स्थिति में सुधार हुआ है। देश में हवाई सेवाओं का विस्तार हो रहा है। हमारे टूरिज्म में बूम आएगा। यह विकसित भारत
2047 में पर्यटन क्षेत्र की अहम भूमिका होगी।
प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन एवं एमएसएमई राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि गुवाहाटी कला, संस्कृति और प्राकृतिक सौंदर्य का बड़ा केंद्र है। उन्होंने स्व. भूपेन हजारिका और स्व. जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास के लिए एक लाख एकड़ का लैंड
बैंक है। मध्यप्रदेश पॉवर सरप्लस राज्य है और खनिज के मामले में नंबर वन है। प्रदेश में 30 प्रतिशत बिजली ग्रीन एनर्जी से आती है। वर्ष 2030 तक हमारे एनर्जी बकेट में 50 प्रतिशत एनर्जी रेनुएबल माध्यम से आएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश, देश का दिल है। नदियों के मायके और बाघों की सहज दृश्यता वाली ये वो पवित्र धरती है, जिसमें भगवान श्रीकृष्ण ने अपना बचपन बिताया और शिक्षा-दीक्षा भी प्राप्त की। मध्यप्रदेश और असम का 5 हजार साल पुराना संबंध है। इतिहास में श्रीकृष्ण और माता रूक्मणी प्रसंग में मध्यप्रदेश और असम आपस में जुड़े हैं। बावन शक्तिपीठों में से एक देवी कामाख्या शक्तिपीठ असम की धरती पर है और मध्यप्रदेश में कालों के काल बाबा महाकाल विराजमान हैं। इस प्रकार असम के साथ मध्य प्रदेश का तालमेल बेहतर रहेगा।(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)

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