रेखा गुप्ता को दिल्ली की झुग्गियों से दुआएं

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने विधानसभा चुनाव के समय जनता से वादा किया था कि झुग्गी-झोपड़ी मंे रहने वालों को मालिकाना हक दिया जाएगा। भाजपा की दिल्ली मंे सरकार पूर्ण बहुमत से बनी है और रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री बनाया गया। उनकी सरकार को एक वर्ष पूरा हो गया है और भाजपा के कई वादों पर अमल भी हुआ है। मुख्यमंत्री ने दिल्ली की 1511 कालोनियों को वैध कर दिया है। इन झुग्गी-झोपड़ियों से रेखा गुप्ता की सरकार के लिए दुआएं दी जा रही हैं। नई दिल्ली की सबसे गरीब बस्ती कुसुमपुर पहाड़ी बतायी जाती है। अब यहां सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हैं। दिल्ली मंे कुल 1731 झुग्गी-झोपड़ियां हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने उपराज्यपाल के साथ यमुना नदी की सफाई का कार्य भी देखा। भाजपा ने चुनाव के समय यमुना को स्वच्छ करने का भी वादा किया था। रेखा गुप्ता की सरकार ने इस बार के बजट मंे आवास एवं शहरी विकास पर 11572 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान भी किया था।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पीएम उदय योजना ने दिल्ली के लोगों को बड़ी राहत दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल से 1731 में से 1511 अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिससे करीब 45 लाख लोगों को लंबे समय से प्रतीक्षित अधिकार और सम्मान मिलेगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने वर्षों से अनदेखी इस समस्या को संवेदनशीलता से समझते हुए उन परिवारों की आकांक्षाओं को पहचाना, जो अपने ही घर में रहते हुए भी अधिकार से वंचित थे। मुख्यमंत्री ने बताया कि 24 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें 7 दिन में जीआईएस सर्वे, 15 दिन में आवेदन की कमियों को दूर करने और 45 दिन में कन्वेयंस डीड जारी करने की समयसीमा तय की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार ने मिलकर 22 प्रमुख बाधाओं को दूर किया है, ताकि लाभार्थियों को उनका अधिकार बिना किसी देरी के मिल सके। साथ ही, 20 वर्गमीटर तक की छोटी दुकानों को भी शर्तों के साथ नियमित किया जाएगा, जिससे छोटे व्यापारियों को राहत मिलेगी।भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट नीति के तहत मेट्रो और आरआरटीएस कॉरिडोर के आसपास 500 मीटर के दायरे में करीब 207 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में योजनाबद्ध, उच्च घनत्व और मिश्रित उपयोग विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। इस पहल से 1731 में से 1511 अनधिकृत कॉलोनियों के नियमितीकरण का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिससे करीब 45 लाख लोगों को लंबे समय से प्रतीक्षित अधिकार और सम्मान मिलेगा।
दिल्ली में झुग्गी-बस्तियों के पुनर्विकास को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 8 अप्रैल को बड़ी घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली में दशकों पुरानी झुग्गियां अब विकास की नई दिशा देखेंगी और सरकार झुग्गी में रह रहे हर परिवार को पक्का मकान उपलब्ध कराएगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में झुग्गी बस्तियां पिछले कई दशक से मौजूद हैं। कई बस्तियां 30 से 40 साल से भी ज्यादा पुरानी हैं। दिल्ली में जगह-जगह पर झुग्गी बस्तियां बसी हुई हैं। कोई 30 साल पुरानी है तो कोई 40 साल या उससे अधिक पुरानी। कई लोग गांवों से नौकरी की तलाश में दिल्ली आए और यहीं बसते चले गए। आज इनके घरों में दूसरी पीढ़ी जन्म ले चुकी है, जो पूरी तरह दिल्ली की ही नागरिक बन चुकी है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि इन बस्तियों को समय-समय पर अलग-अलग नामों से बसाया गया। किसी को संजय कॉलोनी तो किसी को इंदिरा कॉलोनी का नाम दिया गया। झुग्गियों को नाम देने का काम तो होता रहा, लेकिन उनके विकास का काम नहीं हुआ। वर्षों से ये लोग बेहतर सुविधाओं और पक्के घर की उम्मीद में जी रहे हैं।” रेखा गुप्ता ने सरकार के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि आगामी समय में दिल्ली की हर झुग्गी बस्ती में चरणबद्ध तरीके से पक्के मकान दिए जाएंगे। उन्होंने कहा, “दिल्ली की हर एक झुग्गी परिवार को पक्का मकान दिया जाएगा। यह दिल्ली की मुख्यमंत्री के रूप में मेरा वादा है। गरीबों के सिर पर मजबूती की छत देना हमारी प्राथमिकता है।” उन्होंने पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने भी झुग्गीवासियों को घर देने का वादा किया था, लेकिन वह अपने वादों पर खरे नहीं उतरे। रेखा गुप्ता ने कहा, “कांग्रेस ने वादा तो किया था। उन्होंने मकान भी बनवाए, लेकिन एक भी झुग्गीवासी को वे मकान नहीं दिए। वे मकान धीरे-धीरे जर्जर होते चले गए, लेकिन उन्हें जरूरतमंद गरीबों को नहीं सौंपा गया।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब परिस्थितियां बदलेंगी और झुग्गियों में रहने वाले लोगों को सम्मानजनक जीवन देने के लिए उनकी सरकार तेजी से नीतियां लागू कर रही है। उन्होंने बताया कि कई इलाकों में सर्वे का काम शुरू हो चुका है और आने वाले महीनों में व्यापक रूप से पुनर्विकास योजनाएं लागू होंगी। अंत में उन्होंने कहा कि दिल्ली की झुग्गी बस्ती के विकास कार्य के लिए 700 करोड़ रुपए का फंड दिया गया है। सरकार का मकसद है कि इन परिवारों को सुरक्षित, सम्मानजनक और स्थायी आवास उपलब्ध कराया जाए।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गत 8 अप्रैल को प्रदेश के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के साथ वासुदेव घाट और यमुना बाजार घाट का दौरा कर स्वच्छता, बुनियादी ढांचे और चल रहे पुनर्जीवन कार्यों की समीक्षा भी की है। सीएम रेखा गुप्ता ने इस दौरे को लेकर कहा कि स्वच्छ यमुना का जो वादा हमने दिल्ली से किया था, उसे अब तेजी से जमीन पर उतारा जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने वासुदेव घाट और यमुना बाजार घाट के दौरे के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने अधिकारियों को यमुना से गाद निकालने के कार्य को मिशन मोड में तेज करने और मानसून से पहले सभी तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश भी दिए हैं।मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यमुना हमारी आस्था और विरासत की धारा है, और इसके तटों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ यमुना का संकल्प पूरी प्रतिबद्धता के साथ जमीन पर लागू किया जा रहा है।
इससे पहले भी दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने राज्यपाल तरनजीत सिंह संधू जी से मुलाकात की थी। सीएम रेखा गुप्ता ने इस मुलाकात के बारे में कहा था- माननीय उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू जी से भेंट कर आगामी गर्मियों के लिए दिल्ली सरकार की तैयारियों की विस्तृत जानकारी साझा की। इस दौरान जल आपूर्ति, बिजली प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवाएं और आपदा प्रबंधन से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। हमारा लक्ष्य है कि गर्मी के मौसम में दिल्लीवासियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। दिल्ली सरकार सभी आवश्यक कदम उठा रही है और पूरी तरह तैयार है, ताकि नागरिकों को सुचारु सेवाएं और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के इन कार्यों को जनता की सराहना मिल रही है। (अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



