रेनू धरीवाल ने रामायण में निभाई सुपर्णखा की भूमिका

38 साल पहले दूरदर्शन पर महाकाव्य ‘रामायण’ आई थी। रामानंद सागर की रामायण ने कई एक्टर्स के करियर को नई दिशा दी। इसमें हर कलाकार कुछ ऐसे रच बस गया था कि लोग ये मानने लगे थे कि जैसे वही इंसान साक्षात वो किरदार हो। शो में राम, सीता और लक्ष्मण के किरदार में नजर आए अरुण गोविल, दीपिका चिखलिया और सुनील लहरी को दर्शक सच में भगवान का स्वरूप मानने लगे थे। इसमें खलनायिका सुपर्णखा का किरदार अदा कर एक्ट्रेस रेनू धारीवाल ने भी घर-घर में पहचान बनाई थी, लेकिन वो इंडस्ट्री में इस लोकप्रियता को भुना नहीं पाईं और पर्दे से दूर हो गईं।
रेनू धारीवाल के मन में बचपन से ही एक्ट्रेस बनने की चाह थी। वो आंखों में एक्ट्रेस बनने का सपना लिए अपने घर से भागकर मुंबई आई थीं। एक्ट्रेस ने पिता की मर्जी और पाबंदियों के खिलाफ जाकर अपने सपनों को सच करने की ठानी और आंखों में ढेर सारे सपने लिए वो मुंबई पहुंच गईं। उनका जन्म एक पंजाबी परिवार में हुआ जिसका ग्लैमर और एक्टिंग की दुनिया से कोई लेना-देना नहीं था, लेकिन एक्ट्रेस की मां बंगाली थीं और थिएटर की शौकीन थीं। मां की मदद से ही रेनू ने इंडस्ट्री का सफर तय किया।
उन्होंने मुंबई आकर एक्टिंग क्लास में एडमिशन लिया और इत्तेफाक ऐसा कि एक्ट्रेस की क्लास में ही गोविंदा भी पढ़ते थे। एक नाटक के दौरान एक्ट्रेस ने महज 20-22 साल की उम्र में गोविंदा की मां का किरदार अदा किया था जो देखकर रामानंद सागर उनके फैन हो गए थे। वो रेनू की एक्टिंग के कायल हो गए थे कि कैसे छोटी सी उम्र में वो इतना मंझा हुआ और परिपक्व किरदार निभा रही हैं। नाटक में देखकर रामानंद सागर ने उन्हें रामायण में कास्ट कर लिया था। रामानंद सागर की रामायण में ‘सूर्पणखा’ का किरदार अदा कर रेनू धारीवाल को बेशुमार लोकप्रियता मिली थी। इस सीरियल में सूर्पणखा के किरदार के लिए एक्ट्रेस को 30 हजार रुपए की फीस मिली थी। उन्होंने इस पौराणिक किरदार में ढलने के लिए दिन-रात एक कर दिए थे और खूब मेहनत की। रेनू 2 महीने तक इस किरदार के लिए मेहनत करती रहीं और वो सूर्पणखा के रूप में इस कदर ढल गई थीं कि पर्दे पर उन्हें देख लोगों ने मान लिया था कि मानो सच में वहीं खलनायिका हैं। (हिफी)



