ममता के खिलाफ शुभेन्दु की हुंकार

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने इस साल होने जा रहे विधानसभा चुनावों के लिए बिगुल बजा दिया है। पार्टी के बड़े नेता अब ममता बनर्जी को सीधे निशाने पर ले रहे हैं। भाजपा के पश्चिम बंगाल में फायर ब्रांड नेता शुभेन्द्रु अधिकारी ने गत 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह के साथ ही कोलकाता के सखेर बाजार इलाके में ममता बनर्जी की सरकार के खिलाफ जोरदार रैली निकाली। यह रैली मुख्य रूप से बिजली कटौती के विरोध, पानी की समस्या, शिक्षा में सुधार और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कथित आतंक एवं धमकियों को लेकर निकाली गयी थी। शुभेन्द्रु अधिकारी ने कहा कि अब समय आ गया है जब ममता बनर्जी को नवान्न अर्थात सचिवालय से उनके घर भेज दिया जाए। टीएमसी पर गुंडागर्दी और धमकी देने का आरोप भाजपा के राष्ट्रीय स्तर के नेता भी लगाते रहे हैं लेकिन शुभेन्द्रु ने रैली में जनता से जुडे मुद्दों को उठाया। इसका प्रभाव पड़ सकता है। राज्य में घुसपैठियों को लेकर भी भाजपा ममता बनर्जी की सरकार को घेरती रही है। प्रदीप भंडारी ने यह आरोप भी लगाया है कि ममता बनर्जी की पार्टी घुसपैठियों को विधानसभा चुनाव लड़ा रही है। उन्हें टिकट दिया गया है। टीएमसी और भाजपा के कार्यकर्ताओं में झड़पें भी तेज हो गयी हैं। सखे बाजार में एक क्लब में लाउडस्पीकर को लेकर ही भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ता भिड़ गये। इसी के विरोध में शुभेन्द्रु ने सड़क पर मोर्चा संभाला। पीएम मोदी भी सिंगूर में रैली कर चुनावी बिगुल फूंक चुके हैं। ममता बनर्जी ने सीजेआई से लोकतंत्र और संविधान बचाने की अपील की है।
पश्चिम बंगाल में चुनावी हलचल तेज हो गई है। बीजेपी के फायरब्रांड नेता शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के सखेरबाजार इलाके में ममता सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। एक रैली का नेतृत्व करते हुए उन्होंने लोगों से टीएमसी के कथित ‘आतंक’ और धमकियों के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की। शुभेंदु ने साफ शब्दों में कहा कि अब डरने का वक्त नहीं है, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को नवान्न (सचिवालय) से उनके घर भेजने का समय आ गया है। शुभेंदु अधिकारी ने छोटे व्यापारियों, ऑटो रिक्शा चालकों और आम जनता को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें टीएमसी के गुंडों से डरने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा, “अगर आप अभी अपनी आवाज नहीं उठाते हैं, तो मौका चूक जाएंगे।” शुभेंदु ने अपनी ताकत दिखाते हुए कहा, “देखिए हमने कुछ ही घंटों के नोटिस पर लोगों को कैसे एकजुट किया। बीजेपी पूरी ताकत से आपके साथ खड़ी है।” उनका मकसद आगामी विधानसभा चुनावों में निर्णायक मतदान के लिए लोगों को तैयार करना है। इस प्रदर्शन की वजह एक हिंसक झड़प थी। खबरों के मुताबिक, सखेरबाजार में एक स्थानीय क्लब में तेज आवाज में माइक्रोफोन (लाउडस्पीकर) बजाने को लेकर टीएमसी और बीजेपी समर्थकों में भिड़ंत हो गई थी। आरोप है कि टीएमसी कार्यकर्ताओं ने दादागिरी दिखाई थी। इसी के विरोध में शुभेंदु अधिकारी ने सड़क पर उतरकर मोर्चा संभाला।
इससे लगभग एक सप्ताह पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के सिंगूर एक जनसभा को संबधित करते हुए ममता सरकार पर जमकर बोला उन्होंने कहा कि बंगाल में परिवर्तन की लहर चल रही है। राज्य में अब असली बदलाव की जरूरत है। बंगाल की जनता अब टीएमसी के महाजंगलराज को बदलना चाहती है। पीएम मोदी ने कहा था कि बंगाल में बीजेपी की डबल इंजन सरकार जरूरी है जहां भी डबल इंजन सरकार है वहां जबरदस्त काम हो रहा है। उन्हें केंद्र की योजनाओं का पूरा लाभ भी मिल रहा है। बंगाल में टीएमसी की सरकार गरीब कल्याण के काम में रुकावट डालती है। केंद्र की योजनाओं को आम जनता तक नहीं पहुंचने देना चाहती।
पीएम मोदी ने कहा था कि पश्चिम बंगाल की सरकार देश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है इसलिए यहां के नौजवानों को बेहद सावधान रहना है। टीएमसी सरकार घुसपैठियों को बढ़ावा देती है। ये घुसपैठिये टीएमसी के पक्के वोट बैंक हैं। घुसपैठियों को बचाने के लिए टीएमसी किसी हद तक जा सकती है। केंद्र सरकार बार-बार चिट्ठी लिख रही है कि बंगाल के बॉर्डर पर फेंसिंग लगाने के लिए जमीन चाहिए लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ता। टीएमसी वैसे गिरोहों को समर्थन देती है जो घुसपैठियों को संरक्षण देते हैं। अब समय आ गया है कि जो लोग भी फर्जी कागज बनाकर यहां घुलमिल गए हैं, उनकी पहचान करके वापस भेजना होगा।
पीएम मोदी ने कहा कि मेरा निरंतर प्रयास रहता है कि बंगाल के नौजवानों, किसानों, माताओं-बहनों की हर संभव सेवा करूं लेकिन यहां की टीएमसी सरकार। केंद्र सरकार की योजनाओं को आप तक ठीक से पहुंचने ही नहीं देती। टीएमसी तो बंगाल के लोगों से अपनी दुश्मनी निकाल रही है! टीएमसी यहां के नौजवानों, यहां की माताओं-बहनों, यहां के किसानों से दुश्मनी ठाने हुए है। विकास के काम में रुकावट डालने वाली हर सरकार को अब देश का जागरूक मतदाता लगातार सजा दे रहा है। दिल्ली प्रदेश में भी एक ऐसी ही सरकार थी, जो केंद्र की योजनाओं को लागू नहीं होने देती थी। हम उनको कहते रहे कि दिल्ली के गरीब परिवारों के लिए मुफ्त इलाज देने वाली आयुष्मान स्कीम लागू करो, लेकिन वो सुनते ही नहीं थे। इसलिए, दिल्ली की जनता ने उनको सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया और अब दिल्ली में आयुष्मान योजना से गरीबों का मुफ्त इलाज हो रहा है। बंगाल की जनता भी अब ठान चुकी है, यहां के लोग टीएमसी की निर्मम सरकार को सबक सिखाने वाले हैं। ताकि यहां भी भाजपा सरकार बने और आयुष्मान भारत योजना बंगाल में भी लागू हो, गरीबों को मुफ्त इलाज मिले।
उधर, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत से संविधान, न्यायपालिका और लोकतंत्र की रक्षा करने का आग्रह किया। कलकत्ता उच्च न्यायालय के जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच के नए भवन के उद्घाटन के मौके पर सीजेआई सूर्यकांत के सामने ममता बनर्जी ने कहा कि न्यायपालिका हमारे संविधान की संरक्षक है। इस देश के सभी लोगों की ओर से हमारा अनुरोध है कि कोई जातिवाद या धर्मवाद नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने सीजेआई से कहा कि बहुत सारी एजेंसियां बदनाम कर रही हैं। हमें बदनाम करने के जानबूझकर प्रयास किए जा रहे हैं। कृपया लोगों की रक्षा करें। लोकतंत्र बचाएं, संविधान को बचाएं। हम आपकी कस्टडी में हैं। आप संविधान के संरक्षक हैं। न्यायपालिका और आपसे ऊपर कोई नहीं है। ममता बनर्जी ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश और सभी न्यायाधीशों से मेरा अनुरोध है कि कृपया देखें, हमारे संविधान को आपदा से बचाया जाना चाहिए। हमारे लोकतंत्र को आपदा से बचाया जाना चाहिए और हमारी सुरक्षा, इतिहास, भूगोल और सीमा सभी की रक्षा की जानी चाहिए। मीडिया को किसी भी मामले को अंतिम रूप देने से पहले मीडिया ट्रायल नहीं करना चाहिए। आजकल यह लोगों को बदनाम करने का चलन है। बहुत सारी एजेंसियां बदनाम कर रही हैं।
सीएम ममता ने केंद्र पर पश्चिम बंगाल को फंड रोकने का आरोप लगाते हुए कहा राज्य 88 फास्ट-ट्रैक कोर्ट चला रहा है। कानून मंत्री, कृपया बुरा न मानें, हालांकि भारत सरकार ने यह फंड रोक दिया है। इन 88 फास्ट-ट्रैक कोर्ट में से 52 महिलाओं के लिए हैं और सात पाॅक्सो कोर्ट हैं।
सीएम ने कहा कि आजकल कुछ चीजें महत्वपूर्ण हैं। जैसे- संविधान, इस देश के नागरिक, न्यायपालिका और मीडिया। आप सभी को मेरा विनम्र प्रणाम, कृपया हमारी नई पीढ़ी का ख्याल रखें। इस प्रकार ममता ने अप्रत्यक्ष रूप से मोदी सरकार पर प्रहार किया।
(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



