एसआईआर बनी योगी की प्राथमिकता

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जानते हैं कि कौन सा मुद्दा किस समय प्राथमिकता पर होना चाहिए। राज्य में जब कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ होने लगती है तो योगी का बुलडोजर बिना समय गंवाए माफियाओं के घरों को जमींदोज कर देता है। इस समय मतदाता सूची के विशेष परीक्षण का मुद्दा खास है तो योगी सरकार की प्राथमिकता मंे एसआईआर आ गयी हैं मंत्रियों, विधायकों और प्रशासन को मुस्तैदी से इस कार्य में लगा दिया गया है। योगी ने साफ लहजे में कहा कि कोई पात्र मतदाता छूटने न पाए और कोई अपात्र मतदाता सूची में दिखाई न पड़े। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों और संगठन पदाधिकारियों से कहा है कि कुछ दिन शादी-व्याह जैसे निजी कार्यक्रम भूलकर एसआईआर के काम में मुस्तैदी के साथ जुट जाएं। सीएम खुद जगह-जगह इस कार्य की समीक्षा कर रहे हैं। पिछले दिनों मुरादाबाद मंे जनप्रतिनिधियों व संगठन पदाधिकारियों से वह मिले। मुख्यमंत्री ने कहा था कि इस मंडल के कई स्थानों पर बाहरी वोटर सूची मंे दर्ज हैं। उनका आकलन कितना सही है, इसका प्रमाण संभल में मिल गया है। संभल, बिलारी, चंदौसी और कुंदरकी मंे एसआईआर का काम सौ फीसद सम्पन्न हो गया है। जिले मंे 20 प्रतिशत फर्जी मतदाता मिले हैं, जिनके नाम काटे गये हैं।
उत्तर प्रदेश के संभल जिले ने मतदाता सूची शुद्धिकरण में कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। जिले की चारों विधानसभाओं-संभल, चंदौसी, बिलारी और कुंदरकी- में 100 प्रतिशत डिजिटलाइजेशन का काम पूरा हो गया है। अब पोलिंग बूथों की मैपिंग का कार्य तेजी से चल रहा है। जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने बताया कि विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान के दौरान गहन सत्यापन किया गया। इसके बाद जिले में करीब 20 प्रतिशत मतदाताओं के नाम काटे गए हैं। इनमें मृतक, स्थायी रूप से स्थानांतरित, अनुपस्थित, डुप्लीकेट और शिफ्टेड मतदाता शामिल हैं। पहले जिले में कुल मतदाताओं की संख्या 15 लाख 70 हजार 306 थी। सत्यापन के बाद अब यह संख्या लगभग 20 प्रतिशत कम हो चुकी है। डीएम डॉ। पैंसिया ने कहा, “यह एक ऐतिहासिक कार्य है। संभल देश के उन चुनिंदा जिलों में शामिल हो गया है जहां मतदाता सूची का शत-प्रतिशत डिजिटलाइजेशन हो चुका है। डुप्लीकेट, मृतक और गायब मतदाताओं को हटाने से अब सूची पूरी तरह साफ और विश्वसनीय हो गई है।” उन्होंने नए मतदाताओं से अपील की है कि जो भी 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूरे कर चुके हैं, वे फॉर्म-6 के माध्यम से तुरंत अपना नाम जुड़वाएं। डीएम ने कहा कि नए आवेदनों का स्वागत है और उन्हें प्राथमिकता के साथ जोड़ा जाएगा। चुनाव कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, इतने बड़े पैमाने पर मतदाताओं की छंटनी पिछले कई दशकों में नहीं हुई थी।
उत्तर प्रदेश में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक्शन मोड में है। सीएम योगी ने लोकतंत्र की मजबूती के लिए मतदाता सूची को लेकर चल रहे एसआईआर के महत्व को रेखांकित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं को निरंतर जागरूक रहने का आह्वान किया है। सीएम योगी आदित्यनाथ लगातार कई दिनों से विभिन्न जनपदों में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ संवाद कर रहे हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए कि वो आम जनता के बीच जाकर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र नागरिक छूट न जाए और अपात्र का नाम सूची में दर्ज न हो। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि हर पात्र मतदाता का नाम सूची में शामिल होना एक मजबूत और समावेशी लोकतंत्र के लिए अत्यंत आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने पार्टी पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को संदेश दिया कि वे सरकार के कल्याणकारी कार्यों के साथ-साथ मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के प्रति भी जनता में जागरूकता फैलाएं।
सीएम योगी ने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के साथ सहयोग करते हुए प्रत्येक बूथ पर गहन संपर्क स्थापित करें और आम नागरिकों को इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया में भाग लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से भी अपील की कि वे संगठन के साथ समन्वय बनाते हुए इस प्रक्रिया को सुचारु रूप से संपन्न कराने में सहयोग करें। उनका एकमात्र उद्देश्य यह होना चाहिए कि वास्तविक और पात्र मतदाता का नाम सूची में दर्ज हो। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता के बीच और जनता के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए और मतदाता सूची के पुनरीक्षण जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करनी चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस वक्त विभिन्न जनपदों का दौरा कर रहे हैं। वे जनपदों में जाकर पार्टी कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों व पदाधिकारियों से सीधा संवाद कर रहे हैं। सीएम योगी आगामी चुनावों में जीत का मंत्र देने के साथ ही मतदाता पुनरीक्षण अभियान पर किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा भी कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर हो रही सियासत के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने दावा किया है कि इस प्रक्रिया में करीब सवा दो करोड़ मतदाताओं के नाम कट सकते हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया 97 फीसद तक पूरी हो चुकी है। नवदीप रिणवा ने कहा कि अब तक की एसआईआर प्रक्रिया के बाद दो करोड़ 27 लाख नाम कट सकते हैं। उन्होंने बताया कि यूपी में 97 प्रतिशत प्रक्रिया हो चुकी है
और 17 प्रतिशत अनकलेक्टेबल
वोटर मिले हैं। मुख्य निर्वाचन
अधिकारी ने कहा कि अनकलेक्टेबल वोटर को लेकर कुल पांच श्रेणियों
में जानकारी ली गई थीं और
17 प्रतिशत ऐसे लोग सामने आए हैं जो या तो मृत हो गए हैं या फिर बाहर हैं।
एक बीएलओ ने बताया कि कई बार बताने के बाद भी पढ़े लिखे लोग भी फॉर्म भरने में गलतियां कर रहे हैं। लोगों को फॉर्म बांटने के लिए उन्हें दूर-दूर तक पैदल जाना पड़ता है। इसके बावजूद मतदाता सूची में संशोधन बहुत ही छानबीन के बाद हो रहा है।
(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



