मुंबई का इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर करेंगी तावड़े

बृहन्मुंबई म्यूनिसपल कारपोरेशन अर्थात बीएमसी को पहली बार भाजपा का मेयर मिला है। नारी शक्ति की यह भी एक परीक्षा है कि रितु तावड़े को यह दायित्व सौंपा गया जो कहती हैं कि मेरा चेहरा मराठी है लेकिन दिल गुजराती है। रितु तावड़े ने लगभग 81 हजार करोड़ का बजट पेश किया है जो पिछले बजट की तुलना मंे लगभग 9 फीसद ज्यादा है। नयी मेयर मुंबई के इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने को प्राथमिकता देंगी। हाल ही में हुए बीएमसी चुनाव मंे भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। उसको 227 कारपोर्टरों मंे से 80 सीटें मिली हैं जबकि उसकी सहयोगी शिंदे गुट ने 29 सीटें जीतीं। बीएमसी पर लगातार कब्जा रखने वाली अविभाजित शिवसेना का उद्धव ठाकरे गुट इस बार दूसरे स्थान पर रहा है। उनकी पार्टी शिवसेना (यूबीटी) के 65 करापोरेटर मिले जबकि सहयोगी दल कांगे्रस ने 24 सीटों पर जीत दर्ज की है। उद्धव ठाकरे के साथ राज ठाकरे ने मिलकर चुनाव लड़ा था। उनको भी 6 करपोरेटर मिले हैं। एनसीपी ने तीन और समाजवादी पार्टी ने भी 2 सीटें जीतीं। शरद पवार की पार्टी को सिर्फ एक करपोरेट मिल पाया है। मेयर तावड़े ने अपने विशेषाधिकार का प्रयोग करते हुए बीएमसी मंे सदस्यों को नामित भी कर दिया है। गत 26 फरवरी को नामित पार्षदों की घोषणा की गयी है। इसमंे भाजपा के चार, शिवसेना शिंदे गुट के 2 और शिवसेना (यूबीटी) के तीन पार्षद हैं। इन नामित पार्षदों को सदन की कार्यवाही मंे भाग लेने का अधिकार होगा लेकिन वोटिंग का अधिकार नहीं रहेगा। इस प्रकार बीएमसी मंे सत्ता पक्ष और विपक्षी दोनों संख्या बल मंे लगभग बराबर हैं। इसलिए रितु तावड़े को कदम-कदम पर विरोध का ससामना करना पड़ सकता है।
मुंबई की मेयर रितु तावड़े ने 25 फरवरी को बीएमसी के नामित पार्षदों की घोषणा की। पार्षदों के 10 नाम एक सीलबंद लिफाफे में लाए गए। नामित पार्षदों का ऐलान राज्य सरकार के नियम के मुताबिक बीएमसी करती है। इन नामित पार्षदों में 4 भाजपा, 2 शिवसेना शिंदे गुट, 3 शिवसेना यूबीटी और कांग्रेस के 1 नामित पार्षद को मंजूरी मिली है।
नामित पार्षदों में भाजपा के प्रतीक मधुसदन करपे, प्रवीण छेड़ा, नितेश सिंह और कमलाकर दलवी हैं। वहीं, शिवसेना शिंदे गुट के राज सुर्वे और उमेश माने हैं। इस लिस्ट में शिवसेना यूबीटी की तरफ से माधुरी मांजरेकर, साईंनाथ दुर्गे और कैलाश पाठक का नाम है। नामित पार्षदों में कांग्रेस की तरफ से अकेला नाम वीरेंद्र चैधरी का है। इन नामित पार्षदों के पास वोटिंग का अधिकार नहीं होगा, लेकिन यह चर्चा में हिस्सा ले सकते हैं। बीएमसी में 227 कॉर्पोरेटर हैं जो मेयर को चुनते हैं। इस बार रितु तावड़े को का मेयर चुना गया है।
बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन यानी बीएमसी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए अपना बजट पेश कर दिया है। इस साल का बजट 80,952 करोड़ रुपये का है, जो पिछले साल के बजट 74,427 करोड़ रुपये की तुलना में
8.77 फीसद ज्यादा है। खास बात यह है कि बजट का बड़ा हिस्सा विकास कामों पर खर्च करने की योजना
बनाई गई है। इस बार बीएमसी ने 48,164.28 करोड़ पूंजीगत व्यय के लिए प्रस्तावित किए हैं, जो कुल बजट का करीब 60 फीसद है। वहीं राजस्व व्यय 32,698.44 करोड़ रखा गया है। 2026-27 के लिए अनुमानित राजस्व आय 51,510.94 करोड़ है, जिसमें से 7,000 करोड़ सिर्फ प्रॉपर्टी टैक्स से जुटाने का लक्ष्य रखा गया है।
शहर के यातायात और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए भारी बजट का प्रावधान किया गया है। इसके तहत मुंबई कोस्टल रोड (नॉर्थ) और लास्ट लेग के लिए 4,700 करोड़, ब्रिज डिपार्टमेंट के लिए 9,650 करोड़, रोड्स एंड ट्रैफिक विभाग के लिए 6,875 करोड़, साउथ मुंबई कोस्टल रोड परियोजना के लिए 950 करोड़ रखे गये। इसके अलावा शहर की 700 किलोमीटर सड़कों को कंक्रीट से बनाने का लक्ष्य तय किया गया है। इनमें से 342 किलोमीटर सड़कों का काम पहले ही पूरा हो चुका है। साथ ही 5.25 किलोमीटर लंबा कोस्टल रोड प्रोमेनेड भी लोगों के घूमने-फिरने के लिए खोल दिया गया है। बीएमसी बजट में हेल्थ और एजुकेशन पर भी फोकस है। सिर्फ सड़कों और पुलों पर ही नहीं, बल्कि सामाजिक क्षेत्रों पर भी जोर दिया गया है। हेल्थ डिपार्टमेंट के लिए 7456.80 करोड़ और एजुकेशन डिपार्टमेंट के लिए 4248.08 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
हाल में हुए बीएमसी चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। भाजपा ने 89 सीटें जीती थीं वहीं, दूसरे नंबर पर यहां शिवसेना यूबीटी रही थी, जिसने 65 सीटें जीती थीं। शिवसेना शिंदे गुट को महत्वपूर्ण 29 सीटें हासिल हुईं, जिनको मिलाकर बीएमसी में भाजपा को बहुमत मिल गया। बीएमसी चुनाव नें कांग्रेस ने 24, एआईएमआईएम ने 8, एमएनएस ने 6, एनसीपी ने 3, समाजवादी पार्टी ने 2 और एनसीपीएसपी ने 1 सीट हासिल की थी।
देश के सबसे धनी संपन्न नगर निगम बृहन्मुंबई महानगरपालिका के मेयर पद पर भाजपा की ऋतु तावड़े एकनाथ शिंदे की शिवसेना के संजय शंकर घाड़ी डिप्टी मेयर बने हैं। मुंबई नगर निगम और 28 अन्य निकायों के चुनाव 15 जनवरी को हुए थे। इन चुनावों में बीजेपी ने बीएमसी की 89 सीटें जीतीं, जबकि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को 29 सीटें मिलीं, जिससे गठबंधन ने नगर निकाय पर नियंत्रण के लिए आवश्यक 144 सीटों के आधे से अधिक का आंकड़ा पार कर लिया। गत 22 जनवरी को मेयर पद की पात्रता तय करने के लिए लॉटरी निकाली गई, जिसमें मुंबई के लिए यह तय हुआ कि अगला मेयर सामान्य वर्ग की महिला होगा। भारत की आर्थिक राजधानी मुंबई में बीजेपी की वरिष्ठ नेता ऋतु तावड़े तीन बार की कॉर्पोरेटर हैं। वे पहली बार 2012 में वार्ड नंबर 127 से बीएमसी चुनी गईं और 2017 में वे फिर से बीएमसी पहुंचीं, लेकिन इस बार वार्ड नंबर 121 से। 15 जनवरी 2026 के बीएमसी चुनाव में वे वार्ड नंबर 132 से निर्वाचित हुईं। इससे पहले वे बीएमसी की शिक्षा समिति की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। बीजेपी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, तावड़े जमीनी स्तर पर काफी सक्रिय हैं और सार्वजनिक मुद्दों से निपटने का उन्हें व्यापक अनुभव है। वे स्थानीय लोगों से जुड़ाव के लिए भी जानी जाती हैं। उल्लेखनीय है कि तावड़े शुरुआत में कांग्रेस में थीं और 2012 में ही उन्होंने भाजपा का दामन थामा था।
इसी तरह घाड़ी ने अपने वार्ड के निवासियों के साथ मिलकर काम करते हुए अपना राजनीतिक करियर बनाया है और वे बुनियादी नागरिक समस्याओं पर ध्यान देने के लिए जाने जाते हैं। घाड़ी अब बीएमसी के डिप्टी मेयर के रूप में सेवा देंगे। पार्टी ने सेना प्रमुख नेता और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के निर्देश पर एक आधिकारिक सर्कुलर जारी कर घाड़ी को गठबंधन का आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया गया था।(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



