पहली भारतीय फिल्म दो आंखें बारह हाथ ने जीता था गोल्डन ग्लोब अवार्ड

गोल्डन ग्लोब अवॉर्ड्स 2026 का आयोजन हुआ जिसमें कई शानदार सीरीज और फिल्मों ने प्रतिष्ठित अवॉर्ड जीतकर इतिहास रचा। इस साल भले ही कोई भारतीय फिल्म, सीरीज या गाना गोल्डन ग्लोब में अपनी मौजूदगी दर्ज नहीं करा पाए हैं, लेकिन कई सारे भारतीयों ने ये सम्मान हासिल किया है। सबसे पहले साल 1959 में भारतीय फिल्म का गोल्डन ग्लोब में डंका बजा था। डायरेक्टर वी शांताराम की फिल्म ‘दो आंखें बारह हाथ’ सैमुएल गोल्डविन इंटरनेशनल फिल्म अवॉर्ड कैटेगरी में नॉमिनेट हुई थी। इस फिल्म ने न सिर्फ नॉमिनेशन हासिल किया था, बल्कि बड़ी जीत भी दर्ज की थी।
फिल्म ‘दो आंखें बारह हाथ’ में वी शांताराम और संध्या ने लीड रोल अदा किया था। इस फिल्म की देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर में खूब तारीफ हुई थी। इसके बाद भारत को गोल्डन ग्लोब के मंच पर पहुंचने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ा था। 1953 के बाद सीधे 1983 में किसी भारतीय फिल्म को ये सम्मान प्राप्त हुआ था। वो फिल्म ‘गांधी’ थी जिसे बेस्ट फॉरेन कैटेगरी में अवॉर्ड मिला था। इन दो फिल्मों के बाद कई साल हो गए, लेकिन भारत की कोई फिल्म या सीरीज गोल्डन ग्लोब नहीं जीत पाई। हालांकि 2 म्यूजिक कंपोजर ने इस मंच पर भारत
का झंडा लहराया। साल 2009 में फिल्म स्लमडॉग मिलिनियर के गानों के लिए एआर रहमान को अवॉर्ड मिला था। स्लमडॉग के गाने के लिए एआर रहमान को बेस्ट ओरिजिनल कैटेगरी में ये सम्मान मिला था। साल 2023 में एमएम कीरवानी और चंद्रबोस को फिल्म आरआरआर के गाने नाटु-नाटु के लिए अवॉर्ड मिला था। इस गाने ने बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग कैटेगरी में जीत दर्ज की थी। साल 2023 के बाद से कोई भारतीय फिल्म या गाना गोल्डन ग्लोब में जीत हासिल नहीं कर पाई है। (हिफी)



