फडणवीस व शिंदे की बीएमसी में सुनामी

पिछले तीन दशकों से बृहन्न मुंबई कारपोरेशन (बीएमसी) का नेतृत्व करने वाली शिवसेना को देवेन्द्र फडणवीस और एकनाथ शिंदे ने मिलकर निकाय चुनाव मंे धूल चटा दी है। विपक्ष पिछले साल (2024) मंे विधानसभा चुनाव हारने के बाद संगठनात्मक रूप से एकजुट नहीं हो पाया। इन चुनावों मंे भाजपा सबसे बड़े दल के रूप मंे उभरी है। उसने 117 अध्यक्ष पद जीते। यह देवेन्द्र फडणवीस की मेहनत का नतीजा माना जा रहा है जबकि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 53 और अजित पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने 37 अध्यक्ष अपने कब्जे में किये हैं। उधर, विपक्षी खेमे में कांगे्रस सबसे बड़ी पार्टी रही। उसने 28 सीटें जीतीं जबकि उद्धव ठाकरे की शिवसेना को सिर्फ 9 सीटें मिल पायीं। राज्य के दिग्गज नेता रहे शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी को सिर्फ 7 सीटें मिल पायी हैं। महाराष्ट्र मंे दो चरणों मंे 288 स्थानीय निकायों मंे चुनाव हुए हैं।
महाराष्ट्र लोकल बॉडी इलेक्शन के रिजल्ट्स आ गए। बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी के महायुति गठबंधन ने 288 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनावों में स्थानीय निकायों के अध्यक्षों के 207 पद जीतकर शानदार जीत हासिल की है। राज्य चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए अंतिम आंकड़ों के अनुसार, बीजेपी, शिवसेना और एनसीपी गठबंधन की इस शानदार जीत ने विपक्षी महा विकास अघाड़ी को कुल 44 सीटों तक ही सीमित कर दिया। महाराष्ट्र की सियासत में एक बार फिर महायुति ने साबित कर दिया कि उसका दबदबा बरकरार है। महाराष्ट्र में महायुति की आंधी में एमवीए फिर से साफ हो गया। महाराष्ट्र लोकल बॉडी इलेक्श रिजल्ट में महायुति की शानदार जीत हुई है। महायुति भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), शिवसेना और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) का गठबंधन है। एमवीए में कांग्रेस, एनसीपी (शरद पवार और शिवसेना (उद्धव ठाकरे) है।
महाराष्ट्र निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने निकाय चुनाव रिजल्ट के अंतिम आंकड़े साझा किए। एसईसी के अनुसार, भाजपा ने नगर निगम अध्यक्ष के 117 पद जीते, शिवसेना ने 53 (एकनाथ शिंदे) और राकांपा (अजित पवार) ने 37 पद जीते। वहीं, एमवीए के घटक दल कांग्रेस को 28, राकांपा (शरद पवार) को सात और शिवसेना (उद्धव ठाकरे) ने अध्यक्ष के नौ पदों पर जीत दर्ज की। राज्य निवार्चन आयोग के अनुसार, पंजीकृत अन्य पार्टियों ने चार सीट हासिल की, गैर मान्यता प्राप्त पंजीकृत दलों ने नगर अध्यक्ष के 28 पदों पर जीत दर्ज की। पांच सीट निर्दलीय उम्मीदवारों के खाते में गई।
एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र स्थानीय निकाय चुनावों के नतीजों पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि शिवसेना ने हाफ सेंचुरी बनाई है और दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। काउंसलर और मेयर की कुल 6,859 सीटों में से शिवसेना ने करीब 700 सीटें जीतीं। इस जीत पर शिंदे ने कहा कि महायुति ने 288 स्थानीय निकाय के चुनाव में 200 का आंकड़ा पार कर लिया है, और दावा किया कि शिवसेना ने हाफ सेंचुरी बनाई है और राज्य में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। उन्होंने कहा, कोंकण शिवसेना का गढ़ है। पार्टी सिर्फ मुंबई और ठाणे तक ही सीमित नहीं है, बल्कि राज्य के हर घर तक पहुंच गई है। जिन इलाकों में पार्टी को हार का सामना करना पड़ा, वहां भी महायुति की सामूहिक जीत प्राथमिकता रही।
उन्होंने शिवसेना (यूबीटी) लीडर उद्धव ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि वोटरों ने उन लोगों को चुनाव में घर बैठा दिया है जो घर बैठे थे। उन्होंने कहा, लोगों ने तय कर लिया है कि असली शिवसेना कौन है। हमारी आइडियोलॉजी बालासाहेब ठाकरे है। वह आज इस शानदार जीत पर खुश होते। एकनाथ शिंदे ने कहा शिवसेना का स्ट्राइक रेट भी बहुत अच्छा है, उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी ने कम सीटों पर चुनाव लड़ा लेकिन ज्यादातर जीतीं। उन्होंने कांग्रेस, शिवसेना (यूबीटी) और शरद पवार की लीडरशिप वाली नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि शिवसेना ने महा विकास अघाड़ी की कुल सीटों से ज्यादा सीटें जीती हैं।
विपक्षी महा विकास अघाड़ी (एमवीए) मुश्किल से 50 के आंकड़े तक पहुंच पाई, जिसमें कांग्रेस ने 35 और शिवसेना (यूबीटी) और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) ने आठ-आठ सीटें जीतीं।
चुनाव आयोग में रजिस्टर्ड पार्टियों को चार सीटें मिलीं, जबकि नगर परिषद अध्यक्षों की 28 सीटें गैर-मान्यता प्राप्त रजिस्टर्ड पार्टियों को मिलीं। पांच सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीतीं। विपक्षी कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) ने महायुति की जीत में “मदद” करने के लिए चुनाव आयोग पर आरोप लगाया है। कांग्रेस ने बीजेपी के सहयोगियों को चेतावनी भी दी है। राज्य कांग्रेस प्रमुख हर्ष वर्धन सपकाल ने कहा, ‘बीजेपी की सफलता एकनाथ शिंदे और अजीत पवार के लिए एक वेक-अप कॉल है। बीजेपी 100 प्रतिशत इन दोनों सहयोगियों को बाहर निकाल देगी।’ वहीं, बीजेपी ने इस जीत को 15 जनवरी को होने वाले मुंबई नगर निगम चुनावों से पहले एक बड़ी सफलता बताया। पार्टी ने इसे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व की जीत बताया और गठबंधन को चुनावों से पहले की मुश्किलों से निकालने का श्रेय उन्हें और केंद्रीय नेतृत्व को दिया। इन चुनावों से पहले डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के साथ विधायकों को तोड़ने और इलाके पर नियंत्रण को लेकर अक्सर टकराव होते रहे थे।
स्थानीय चुनावों से पहले पूरे महाराष्ट्र में 38 रैलियों को संबोधित करने वाले मुख्यमंत्री फडणवीस के लिए यह गठबंधन में सहयोगियों को साथ लेकर चलने और सत्ताधारी गठबंधन में आने वाली रुकावटों को दूर करने की उनकी क्षमता का एक लिटमस टेस्ट था। यह जीत मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे-अजित पवार की टीमवर्क को दर्शाती है। लोकल लेवल पर यह गठबंधन की लोकप्रियता को मजबूत करती है, जो आगामी लोकसभा चुनावों के लिए बूस्टर साबित हो सकती है। (अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



