लेखक की कलम

आईसीजेएस में उत्तराखंड प्रथम

किसी भी प्रदेश की दुर्दशा के लिए अगर तात्कालिक सरकार जिम्मेदार ठहराई जाती है तो उसकी तरक्की के लिए भी उसी को श्रेय मिलना चाहिए। इस दृष्टि से देखा जाए तो उत्तराखण्ड जैसे धार्मिक व पर्यटन के लिए विशिष्ट राज्य में आपराधिक गतिविधियों ने चिंताजनक स्थिति पैदा कर दी थी। अब वहां सुखद बदलाव नजर आते हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने इसके लिए विशेष कदम उठाए हैं। यही कारण है कि उत्तराखंड ने इंटर आपरेशन क्रिमिनल जस्टिस (आईसीजेएस) के दूसरे राष्ट्रीय कार्यान्वयन मंे प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इसके लिए जनवरी 2026 तक के आंकड़े लिये गये हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के नवीनतम निष्कर्ष के अनुसार उत्तराखण्ड का सबसे अच्छा स्कोर रहा है। उत्तराखण्ड के बाद हरियाणा को दूसरा, असम को तीसरा, सिक्किम को चैथा और मध्य प्रदेश को पांचवां स्थान मिला है। उत्तराखण्ड में धामी सरकार की टाॅप टु बाॅटम माॅनीटरिंग के चलते यह उपलब्धि मिली है। पुलिस विभाग को नये कानूनी ढांचे में ढाला गया है। केन्द्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी इस उपलब्धि के लिए पुष्कर सिंह धामी की तारीफ की है। राज्य से घुसपैठियों को भी बाहर किया जा रहा है। राज्य मंे सौर ऊर्जा को भी प्राथमिका दी जा रही है। उत्तराखण्ड इसमें भी अग्रणी राज्य बन गया है।
उत्तराखंड ने भारत की न्यायिक और कानून प्रवर्तन प्रणाली के आधुनिकीकरण की दिशा में एक मील का पत्थर स्थापित किया है। उत्तराखंड ने इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) 2.0 के राष्ट्रीय कार्यान्वयन में देश में प्रथम स्थान हासिल किया है। जनवरी 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, यह गौरवपूर्ण उपलब्धि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दूरदर्शी मार्गदर्शन और तकनीक-आधारित न्याय प्रणाली के उनके संकल्प का प्रतिफल है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के नवीनतम प्रोग्रेस डैशबोर्ड के अनुसार, उत्तराखंड ने
93.46 के उत्कृष्ट स्कोर के साथ राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष स्थान प्राप्त किया है। राष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष पांच राज्यों का प्रदर्शन अत्यंत सराहनीय रहा है, जिसमें उत्तराखंड 93.46 के स्कोर के साथ पहले स्थान पर है, जिसके बाद हरियाणा 93.41 के स्कोर के साथ दूसरे, असम 93.16 के स्कोर के साथ तीसरे, सिक्किम 91.82 के स्कोर के साथ चैथे और मध्य प्रदेश 90.55 के स्कोर के साथ पांचवें स्थान पर काबिज है। मुख्यमंत्री धामी ने शासन के शीर्ष अधिकारियों से लेकर जनपद स्तर के फील्ड अधिकारियों के साथ निरंतर समीक्षा बैठकें कीं। इस ‘टॉप-टू-बॉटम’ मॉनिटरिंग के कारण ही तकनीकी बाधाओं को समय रहते दूर किया जा सका और पुलिस विभाग नए कानूनी ढांचे के अनुरूप स्वयं को ढालने में सफल रहा। उत्तराखंड पुलिस के प्रवक्ता और पुलिस महानिरीक्षक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) सुनील कुमार मीणा ने इस रैंकिंग की पुष्टि करते हुए कहा कि राज्य ने तकनीकी बुनियादी ढांचे को लागू करने के साथ-साथ रीयल-टाइम डेटा एंट्री में भी रिकॉर्ड स्थापित किया है।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी उच्च स्तरीय बैठकों में उत्तराखंड की इस “वन डेटा, वन एंट्री” कुशलता की विशेष रूप से सराहना की है। इस समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ उत्तराखंड आज देश के लिए “स्मार्ट पुलिसिंग” का आदर्श मॉडल बनकर उभरा है। उत्तराखंड की इस उपलब्धि का आधार “वन डेटा, वन एंट्री” प्रणाली है। इसके तहत पुलिस, ई-कोर्ट, ई-जेल, ई-अभियोजन और ई-फॉरेंसिक के बीच डेटा का निर्बाध प्रवाह सुनिश्चित किया गया है। एक बार डेटा दर्ज होने के बाद वह सभी संबंधित विभागों को तुरंत उपलब्ध हो जाता है, जिससे कागजी कार्रवाई कम हुई है और मुकदमों के निस्तारण में तेजी आई है। पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ‘ई-साक्ष्य’ ऐप के माध्यम से अपराध स्थल की वीडियोग्राफी और डिजिटल साक्ष्यों का सुरक्षित संग्रहण अनिवार्य किया गया है।
बताया जाता है कि प्रदेश के 23,000 से अधिक पुलिस कर्मियों को नए कानूनों की बारीकियों का गहन प्रशिक्षण दिया गया। ‘न्याय श्रुति’ के माध्यम से वर्चुअल अदालती सुनवाई और फॉरेंसिक मोबाइल वैन की उपलब्धता को प्राथमिकता दी गई। केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा है कि उत्तराखंड को अटल जी ने बनाया, अब इसे संवारने का काम मोदी जी करेंगे। इसी क्रम में 2017 से 2026 तक का कालखंड, उत्तराखंड के विकास को समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि बीते चार सालों में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड की सभी समस्याओं को चुन- चुन कर समाप्त करने का काम किया है। इस कारण उत्तराखंड अब दोगुनी रफ्तार से विकास के रास्ते पर बढ़ रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री ने सीएए कानून के तहत भारत की नागरिकता प्राप्त करने वाले शरणार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि, पाकिस्तान, अफगानिस्तान से आने वाले हिंदू, सिख, बौध और जैन शरणार्थियों का इस देश पर उतना ही अधिकार, जितना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का है लेकिन अब तक तुष्टिकरण की नीति के चलते उन्हें भारतीय नागरिकता से वंचित रखा गया। ये शरणार्थी अपना धर्म और परिवार की इज्जत बचाने के लिए, भारत में आए हैं, इसलिए वो किसी के भी विरोध के बावजूद, ऐसे लोगों को भारतीय नागरिकता देने के निर्णय पर अडिग रहेंगे।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड में 10 हजार एकड़ सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि, सरकार केदारनाथ से कन्याकुमारी तक एक-एक घुसपैठिया को देश से बाहर निकालने के लिए संकल्पबद्ध होकर कार्य कर रही है। उन्होंने यूसीसी लागू करने के लिए भी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रशंसा करते हुए कहा कि यूसीसी, डेमोग्राफी में आए अप्राकतिक बदलाव को रोकने का काम करेगी। केंद्रीय गृह मंत्री ने एसआईआर का उल्लेख करते हुए कहा कि जो भारत का नागरिक नहीं है, उसका नाम वोटर लिस्ट से कटना ही चाहिए, लोकतंत्र की रक्षा के लिए वोटर लिस्ट का शुद्ध होना जरूरी है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का मानना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में वर्ष 2022 में उत्तराखंड की जनता ने सभी मिथकों को तोड़कर प्रचंड बहुमत से सरकार को दुबारा आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर एक भारत, श्रेष्ठ भारत के स्वप्न को साकार किया गया है। नागरिकता संशोधन अधिनियम को लागू कर वर्षों से उपेक्षित हिन्दू शरणार्थियों को सम्मान और सुरक्षा का अधिकार दिलाया गया। भारतीय न्याय संहिता सहित तीन नए कानूनों के माध्यम से न्याय व्यवस्था को भारतीय आत्मा के अनुरूप बनाया है। मुख्यमंत्री ने कहा राज्य में बीते चार सालों में आर्थिकी में डेढ़ गुना से अधिक वृद्धि हुई है, बीते वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है और प्रतिव्यक्ति आय में 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि 2014 में उत्तराखंड की प्रति व्यक्ति आय 1,80,000 रुपये थी, जबकि अब यह बढ़कर 2,74,000 रुपये हो गई है। उत्तराखंड की जीएसडीपी 2,22,000 करोड़ रुपये थी जो बढ़कर 3,82,000 करोड़ रुपये हो चुकी है। बीते 4 वर्षों में राज्य बजट का आकार 60 हजार करोड़ रुपये से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। राज्य में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं। बीते चार वर्षों में राज्य में स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर साढ़े 1700 हो गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास के इंडेक्स में उत्तराखण्ड को देश में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ
है। राज्य में पर्यटन, एविएशन और खेल के विकास से जुड़े क्षेत्रों में भी बेस्ट स्टेट फॉर प्रमोशन ऑफ एविएशन इकोसिस्टम तथा बेस्ट विलेज, बेस्ट डिस्ट्रिक्ट जैसे राष्ट्रीय सम्मान भी
प्राप्त हुए हैं। (अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)

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