विक्रम भट्ट व श्वेताम्बरी को मिली अंतरिम जमानत

बाॅलीवुड के फिल्म निर्देशक विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को आखिरकार बड़ी राहत मिल गई है। करोड़ों रुपये के कथित धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार इस दंपति को सुप्रीम कोर्ट से अंतरिम जमानत मिल गई है। अदालत के इस फैसले के बाद दोनों की रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। राजस्थान पुलिस ने इस दंपति को कथित 30 करोड़ रुपये के फ्रॉड केस में गिरफ्तार किया था। आरोपों के मुताबिक, यह मामला आर्थिक लेनदेन से जुड़ा है। दोनों को मुंबई से हिरासत में लेकर उदयपुर लाया गया था, जहां से न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ी। वे 7 दिसंबर 2025 से जेल में बंद थे।इस मामले में पहले राजस्थान हाई कोर्ट ने 31 जनवरी को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी। हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद विक्रम भट्ट और श्वेतांबरी भट्ट ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अब सर्वोच्च अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए अंतरिम राहत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि आपराधिक मामले का इस्तेमाल किसी से पैसे वसूलने के साधन के रूप में नहीं किया जा सकता। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने राजस्थान सरकार को नोटिस जारी करते हुए मामले पर जवाब मांगा है। पीठ ने यह भी निर्देश दिया कि निर्धारित बेल बॉन्ड भरने के बाद विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को तुरंत अंतरिम जमानत पर रिहा किया जाए। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह अंतरिम राहत है और मामले की आगे की सुनवाई नियत तिथि पर की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने अगली सुनवाई की तारीख 19 फरवरी 2026 तय की है।
विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को मुर्डिया की शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया था। शिकायत के अनुसार करीब 30 करोड़ रुपये की राशि, जो कथित तौर पर एक फिल्म प्रोजेक्ट के लिए दी गई थी, का दुरुपयोग किया गया। (हिफी)



