लेखक की कलम

भूपेन्द्र पटेल ने क्यों बदली कैबिनेट?

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का गृह राज्य और भाजपा के लिए सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाने वाला गुजरात राजनीतिक गलियारे में फिर चर्चा मंे आ गया है। इसका कारण यह है कि अभी वहां विधानसभा के चुनाव भी नहीं होने हैं लेकिन मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल के सभी मत्रियों ने अचानक अपना-अपना इस्तीफा सौंप दिया। ये इस्तीफे किसी नाराजगी की वजह से नहीं दिये गये बल्कि भूपेन्द्र की कैबिनेट मंे बदलाव किया गया है। कांग्रेस से भाजपा मंे आए एक नेता को भी मंत्रिमंडल मंे जगह दी जा रही है और क्षेत्रीय संतुलन को बनाने का प्रयास हो रहा है। माना यह जा रहा है कि राज्य के नगर निगम के चुनाव ही कैबिनेट में बदलाव के मुख्य कारण हैं। राज्य मंे कांग्रेस के अलावा अरविन्द केजरीवाल की आम आदमी पार्टी (आप) ने भी अपनी जगह बना ली है। गुजरात में भाजपा शुरू से ही शहरी इलाकों मंे मजबूत रही है। इसीलिए नगर निगम चुनाव से पहले नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ बैठक कर भूपेन्द्र पटेल की नयी कैबिनेट तय की गयी हैं। एक महत्वपूर्ण बदलाव यह भी हुआ है कि सीआर पाटिल की जगह जगदीश विश्वकर्मा को गुजरात का प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। गुजरात मंे संगठन और सरकार का तालमेल पुख्ता करने के लिए ही आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत 14 अक्टूबर को वहां पहुंच गये थे। उनके तीन दिवसीय दौरे के बीच ही भूपेन्द्र पटेल की नई कैबिनेट बनी है। जाहिर है संघ की पसंद के लोग भी मंत्रिमंडल में शामिल किये गये हैं।
गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अपना पूरा मंत्रिमंडल बदलने का फैसला किया। वर्ष 2022 के दिसंबर में सरकार के गठन के महज तीन साल के भीतर पटेल ने अपनी पूरी कैबिनेट से इस्तीफा लेकर नई कैबिनेट बनाने का फैसला किया। नई कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत 27 मंत्री हैं। राज्य में मुख्यमंत्री सहित अधिकतम 27 मंत्री हो सकते हैं। ऐसे में अब कोई सीट खाली नहीं बचेगी। इस नई कैबिनेट में क्रिकेटर रविंद्र जडेजा की पत्नी रवाबा जडेजा को भी शामिल किया जा रहा है। भूपेंद्र पटेल सरकार में मुख्यमंत्री के अलावा 26 मंत्री शामिल किए गये। इसमें कई पुराने चेहरे हैं। जातीय समीकरण की बात करें तो इसमें तीन अनुसूचित जाति, चार अनुसूचित जनजाति, नौ ओबीसी और सात पाटीदार नेताओं को मौका दिया गया है। शपथ ग्रहण समारोह से पहले ही 25 नए मंत्रियों के नामों की सूची सामने आई। इस नई टीम में तीन महिलाओं को शामिल किया जा रहा है। इसके साथ ही कांग्रेस से भाजपा में आए एक नेता को भी शामिल किया जा रहा है। राज्य में संभावित नगर निगम चुनावों को कैबिनेट में बदलाव की मुख्य वजह माना माना जा रहा है। इन चुनावों को मिनी विधानसभा चुनाव कहा जा रहा है। नतीजतन भाजपा को इन चुनावों में अपना दबदबा बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। जूनागढ़ और गांधीनगर के अलावा अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत और राजकोट समेत नए नगर निगमों में चुनाव होंगे। गुजरात में भाजपा शुरू से ही ग्रामीण इलाकों की तुलना में शहरी इलाकों में मजबूत रही है। ऐसे में भाजपा इन चुनावों में कोई नुकसान नहीं उठाना चाहती है। गुजरात में इस बड़ी सर्जरी को नई दिल्ली में राज्य के नेताओं और पीएम मोदी के बीच हुई बैठक के दौरान अंतिम रूप दिया गया था। भाजपा ने सीआर पाटिल की जगह जगदीश विश्वकर्मा को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया, जो भूपेंद्र पटेल सरकार में सहकारिता मंत्री भी थे। एक दूसरा कारण मंत्रिपरिषद में सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करना भी था। इसके साथ ही भाजपा नेतृत्व की योजना एक पूरी तरह नई टीम के साथ 2027 के चुनाव में उतरने की रही है। इससे पहले भी भाजपा ऐसा प्रयोग कर चुकी है। उसने 2022 के विधानसभा चुनाव से करीब एक साल पहले सितंबर 2021 में भी सीएम सहित पूरी सरकार बदल दी थी। उस वक्त दिवंगत विजय रुपानी मुख्यमंत्री थे। उनकी पूरी कैबिनेट से इस्तीफा लेकर भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में नई सरकार बनी। पटेल कैबिनेट में अधिकतर पुराने चेहरे को बाहर कर दिय गया और इसका असर यह हुआ कि 2022 के चुनाव में भाजपा के खिलाफ कोई एंटीइनकंबेंसी नहीं दिखी। लंबे समय से सत्ता में होने के बावजूद 2022 में भाजपा ने शानदार जीत हासिल की थी। अब भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव और स्थानीय निकाय चुनावों को देखते पूरी तरह से फ्रेश चेहरों के साथ मैदान में उतरना चाहती है।
इसी बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत 14 अक्टूबर से तीन दिनों के गुजरात दौरे पर थे। यह दौरा संघ के लिए ही नहीं, बल्कि राज्य की राजनीति के लिहाज से भी बेहद अहम माना जा रहा था। वजह यह है कि संघ का यह दौरा ऐसे समय में हुआ, जब भाजपा में संगठनात्मक फेरबदल और मंत्रिमंडल विस्तार किया गया।
भागवत का यह दौरा संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करने से जुड़ा था। लेकिन राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस यात्रा के दौरान भागवत भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से भी मिले हैं। खास बात यह है कि हाल ही में संघ से जुड़े जगदीश विश्वकर्मा को भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है और वह अपनी नई टीम के गठन में जुटे हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि गुजरात में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों से पहले भाजपा संगठन और सरकार में कुछ बदलावों पर विचार कर रही थी। ऐसे में भागवत की मौजूदगी को सिर्फ संगठनात्मक नहीं, बल्कि राजनीतिक संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा था। भाजपा की नीतियों और रणनीतियों में संघ की सलाह हमेशा अहम भूमिका निभाती रही है।
इसीलिए गुजरात में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की पूरी कैबिनेट ने इस्तीफा दे दिया। गुजरात बीजेपी में यह फेरबदल उस समय हो रहा है जब हाल ही में जगदीश विश्वकर्मा को पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इससे पहले वे भूपेंद्र पटेल सरकार में राज्य मंत्री थे। इस फेरबदल को लेकर बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा भी गुजरात पहुंचे थे। नड्डा ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार और संगठनात्मक फेरबदल पर अंतिम मुहर नड्डा ने ही लगाई।
यह बदलाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिल्ली आवास पर हुई हालिया उच्चस्तरीय बैठक के बाद सामने आया है, जिसमें गृह मंत्री अमित शाह, सीआर पाटिल और मुख्यमंत्री पटेल मौजूद थे। उस बैठक में गुजरात में 2027 विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखकर संगठनात्मक रणनीति पर भी चर्चा हुई थी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बीजेपी इस फेरबदल के जरिए राज्य में नई ऊर्जा लाना चाहती है और पार्टी के भीतर युवाओं को बड़ी जिम्मेदारी देने का संकेत देना चाहती है। पार्टी यह भी सुनिश्चित करना चाहती है कि पाटीदार समुदाय के साथ-साथ ओबीसी और शहरी वर्ग का संतुलन नए मंत्रिमंडल में बना रहे। गुजरात के राजनीतिक समीकरण में इस बदलाव को ‘2027 मिशन’ की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में आम आदमी पार्टी ने खासकर पाटीदार बेल्ट में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।
भूपेंद्र पटेल ने 12 दिसंबर 2022 को दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। अब वे अपने नए मंत्रिमंडल के साथ 2027 तक पार्टी की पकड़ मजबूत करने और नरेंद्र मोदी के विकास मॉडल को आगे बढ़ाने की रणनीति पर काम करेंगे। (अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button