लेखक की कलम

योगी सरकार का मेगा बजट

इस समय उत्तर प्रदेश मंे कोई भी सरकार होती तो उसे भी ऐसा ही बजट पेश करना पड़ता जैसा योगी आदित्यनाथ की सरकार ने 10वां बजट पेश किया है। अगले साल यहां भी विधानसभा के चुनाव होने हैं। इसलिए समग्र विकास को ध्यान मंे रखने के साथ ही लोकलुभावन बजट पेश किया गया। युवाओं और महिलाओं को विशेष तरजीह दी गयी है। योगी की सरकार ने 10 लाख युवाओं को नौकरी देने का वादा किया है और लड़कियों की शादी मंे एक लाख रुपये की मदद सरकार देगी। बजट में इसका प्रावधान वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने कर दिया है। इससे पहले योजनाओं को गतिशील रखने के लिए पूरक बजट भी पेश किया गया था और अब योगी सरकार के दूसरे कार्यकाल का पूर्ण बजट है। योगी की सरकार युवाओं को 40 लाख स्मार्ट फोन प्रदान करेगी। इसके लिए भी बजट मंे प्रावधान कर दिया गया है। इसी के चलते वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने 9 लाख करोड़ रुपये का मेगा बजट पेश किया है जिससे सभी क्षेत्रों मंे विकास किया जा सके। उत्तर प्रदेश के इतिहास का यह सबसे बड़ा बजट है।
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना का कहना था कि इस बार 9,12,696.3 लाख करोड़ रुपए का मेगा बजट पेश किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश का यह नया बजट पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 12.9 प्रतिशत ज्यादा है। वित्त मंत्री ने कहा, कृषि उत्पादन में यूपी नंबर वन है। हमारी सरकार ने रिकॉर्ड गन्ना भुगतान किया है। वित्त मंत्री ने बताया कि यूपी आज कृषि उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य है। गेहूं, धान, गन्ना, आलू, केला, आम, अमरूद, आंवला और मेंथा उत्पादन में राष्ट्रीय स्तर पर सबसे ज्यादा योगदान है। इतना ही नहीं, यूपी सबसे बड़ा मोबाइल फोन विनिर्माण केंद्र है। देश के कुल मोबाइल फोन उत्पादन का 65 प्रतिशत उत्पादन प्रदेश में होता है। भारत की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कम्पोनेन्ट्स इकाईयां प्रदेश में स्थित हैं। प्रदेश का इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा, प्रदेश में नई योजनाओं के लिए 750 करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं। अयोध्या में नई योजनाओं के लिए 100 करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं। हमारी सरकार ने रोजगार के 10 लाख अवसर मुहैया कराए हैं। युवाओं को 40 लाख टैबलेट बांटे जाएंगे। फ्री टैबलेट और स्मार्ट फोन के लिए 2374 करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं। इसके अलावा, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अन्तर्गत वर्तमान में संचालित 163 अभ्युदय केंद्रों पर 23,000 से ज्यादा युवाओं को मुफ्त कोचिंग प्रदान की जा रही है। युवाओं को सरकारी नीति निर्माण और क्रियान्वयन में सहभागिता प्रदान करने हेतु 108 आकांक्षात्मक विकास खंडों में मुख्यमंत्री फेलोशिप कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। वित्त मंत्री खन्ना ने कहा, सरकार ने बजट में शिक्षा पर 12.4 प्रतिशत और स्वास्थ्य पर 6 प्रतिशत धन आवंटित किया है। पूंजीगत खर्च पर 19.5 प्रतिशत बजट रखा गया है। सड़क और सेतु निर्माण के लिए 34468 करोड़ रुपए प्रस्तावित किए गए हैं। सड़कों के निर्माण और चैड़ीकरण के लिए 3 हजार करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं। सिंचाई योजनाओं के लिए 18 हजार करोड़ रुपए प्रस्तावित हैं। स्वामी विवेकानंद युवा-सशक्तिकरण योजना के अन्तर्गत अब तक 49 लाख 86 हजार टैबलेट/स्मार्टफोन निःशुल्क वितरित किए जा चुके हैं। प्रदेश में अब तक 90,000 मंगल दलों को प्रोत्साहन स्वरूप खेल सामग्री उपलब्ध कराई गई है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा, यूपी में 10 लाख युवाओं को रोजगार देंगे। लड़कियों की शादी के लिए सरकार 1 लाख रुपये देगी।
वित्त मंत्री ने बताया कि एसडीजी इंडिया इंडेक्स में उत्तर प्रदेश की रैंकिंग बढ़ी है। प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय 1,09,844 रुपए है। यानी वर्ष 2016-2017 में प्रति व्यक्ति आय 54,564 रुपए से दोगुने से ज्यादा है। वर्ष 2025-2026 में प्रति व्यक्ति आय 1,20,000 रुपये होने का अनुमान है। वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि अपने घर से दूर काम करने वाले मजदूरों के लिए लेबर अड्डों का निर्माण कराया जाएगा। विश्व बैंक की सहायता से यूपी एग्रीज परियोजना के तहत एग्री एक्सपोर्ट हब की स्थापना की जाएगी। प्रदेश मंे इसी 9 लाख से ज्यादा युवाओं को प्रशिक्षत किया गया और 5 लाख से ज्यादा युवाओं को विभिन्न कंपिनयों में नौकरी दिलाई गई। बेरोजगारी में 2.2 प्रतिशत कमी आई है। वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का ध्यान औद्योगिक व्यवस्था को मजबूत करने, इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार, औद्योगिक निवेश आकर्षित करने, रोजगार सृजन, महिला सशक्तिकरण, युवाओं के कौशल विकास, किसानों की समृद्धि और गरीबी उन्मूलन पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि बजट का उद्देश्य विकास और सामाजिक संतुलन को साथ लेकर आगे बढ़ना है।
वित्त मंत्री ने कहा कि नवाचार और तकनीकी निवेश को बढ़ावा देने के प्रयासों के चलते उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्टार्टअप रैंकिंग में ‘लीडर’ श्रेणी हासिल हुई है। यह उपलब्धि राज्य की विकास और इनोवेशन के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। सुरेश खन्ना ने बताया कि नीति आयोग द्वारा जनवरी 2026 में जारी एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स 2024 में उत्तर प्रदेश ने देश के लैंडलॉक्ड राज्यों में पहला स्थान प्राप्त किया है। इसे प्रदेश की निर्यात क्षमता और बुनियादी ढांचे में सुधार का प्रमाण बताया गया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट भाषण में बताया कि देश की 55 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट इकाइयां उत्तर प्रदेश में स्थित हैं। प्रदेश से इलेक्ट्रॉनिक्स निर्यात 44,744 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। सरकार का दावा है कि यूपी अब इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और निर्यात के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत पहचान बना चुका है। बजट में पढ़ाई के साथ-साथ कौशल विकास को जोड़ने पर बल दिया गया है। प्रदेश के कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्रों की क्षमता बढ़ाई जाएगी और जरूरत के अनुसार नए केंद्र भी स्थापित किए जाएंगे। कौशल संवर्धन अभियान में निजी क्षेत्र की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। पीपीपी मॉडल के तहत विभिन्न जनपदों में स्किल डेवलपमेंट और जॉब प्लेसमेंट केंद्र स्थापित किए जाएंगे, ताकि प्रशिक्षण के साथ रोजगार की सीधी कड़ी बनाई जा सके। कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिला-केंद्रित कौशल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इससे महिलाओं को सुरक्षित और अनुकूल वातावरण में प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिल सकेंगे। इसकी व्यवस्था भी बजट मंे की गयी है।
वित्त मंत्री ने कहा कि जहां पूंजी निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास अर्थव्यवस्था की मजबूती के लिए जरूरी है, वहीं युवाओं को रोजगार के अवसर देना और उन्हें रोजगार के योग्य बनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सरकार युवाओं के लिए रोजगारपरक प्रशिक्षण और कौशल संवर्धन कार्यक्रमों को मिशन मोड में चलाएगी। जिन युवाओं के पास किसी व्यवसाय में हस्तकौशल या दक्षता होगी, वे बेरोजगार नहीं रहेंगे। इसी सोच के साथ स्किल डेवलपमेंट पर विशेष जोर दिया जाएगा।(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)

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