उत्तराखंड में चाय पाॅलिटिक्स

उत्तरखण्ड के हल्द्वानी में कांगे्रस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण पर कांग्रेस ने हमला बोला। इस पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राहुल गांधी पर चाय के कप पर जातिवाद फैलाने का आरोप लगाया है। राहुल गांधी ने कहा था कि चाय की दुकान पर दो तरीके के कप चलते हैं। एक शीशे का कप होता है, वहीं रियूजेबिल (डिस्पोजल) कप होता है। शीशे के कप को धोया जा सकता है जबकि दूसरा पेपर या प्लास्टिक कप होता है जिसको फेंक दिया जाता है। प्लास्टिक वाला कप दलितों के लिए और कांच वाला दूसरों के लिए होता है। इस बयान पर पुष्कर सिंह धामी ने राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए खटीमा में स्थानीय दुकान पर डिस्पोजल कप में चाय पी। उन्होंने कहा कप डिस्पोजल हो सकता है लेकिन सोच इतनी डिस्पोजल नहीं होनी चाहिए कि चाय में भी जाति और राजनीति ढूंढ़ी जाए।
उत्तराखंड में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की हल्द्वानी में हुई सभा के बाद मंच के कथित ‘शुद्धिकरण’ को लेकर शुरू हुआ विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मुद्दे पर कांग्रेस और बीजेपी के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस हल्द्वानी में कथित शुद्धिकरण के मामले में राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर का भी विरोध कर रही है। कांग्रेस की मांग है कि हल्द्वानी में कथित ‘जातिवादी शुद्धिकरण’ करने वाले बीजेपी कार्यकर्ताओं के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाए। सैयद नसीर हुसैन ने बीजेपी सरकारों पर ‘दलित विरोधी, अल्पसंख्यक विरोधी और संविधान विरोधी एजेंडा’ आगे बढ़ाने का आरोप लगाया। हुसैन ने भाजपा पर छुआछूत और जातिगत भेदभाव को बढ़ावा देने वाली सोच रखने का आरोप लगाया।
वहीं, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस पूरे विवाद को लेकर राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला है। खटीमा दौरे के दौरान मुख्यमंत्री एक स्थानीय दुकान पर आम लोगों के साथ बैठकर चाय पीते नजर आए। उन्होंने डिस्पोजेबल कप में चाय पीते हुए राहुल गांधी के जाति संबंधी बयानों पर निशाना साधा। धामी ने कहा कि स्थानीय लोगों के साथ बैठकर चाय पीने के दौरान उन्हें चाय का स्वाद और लोगों का अपनापन महसूस हुआ, लेकिन कहीं कोई जाति नजर नहीं आई। उन्होंने राहुल गांधी के चाय के कप में भी जाति और भेदभाव तलाशने वाले बयान को संकीर्ण राजनीति की पराकाष्ठा बताया। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा, कप डिस्पोजेबल हो सकता है, लेकिन सोच इतनी डिस्पोजेबल नहीं होनी चाहिए कि चाय में भी जाति और राजनीति ढूंढी जाए। बनबसा में शुद्धिकरण विवाद पर भी मुख्यमंत्री धामी ने राहुल गांधी पर हमला बोला। धामी ने कहा, कांग्रेस के सर्वोच्च नेता, युवराज को इसके सबूत देने चाहिए। उनके पास ऐसा कोई सबूत नहीं है। उन्हें यहां से गलत फीडबैक दे दिया जाता है, वे इसकी जांच या असल तथ्यों की जांच नहीं करते और बस वोट पाने के लिए बयान जारी कर देते हैं। यह देवभूमि की एक पवित्र संस्कृति है कि यहां सभी लोग मिल-जुलकर और गहरे आपसी स्नेह के साथ रहते हैं।
(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



