गरीबों को पक्के घर देंगे धामी

आदमी की तीन मूलभूत आवश्यकताएं होती हैं- रोटी, कपड़ा और मकान। उत्तराखण्ड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जनता को रोटी और कपड़ा तो मुहैया करा दिया है, अब उन्हंे सिर ढकने के लिए एक अदद छत देने का प्रयास है। बड़ी संख्या मंे ऐसे लोग हैं जो दिन तो किसी तरह गुजार लेते हैं, लेकिन रात में कच्चे और जर्जर आश्रय स्थलों पर चैन की नींद नहीं सो पाते हैं। उत्तराखण्ड के भू स्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाएं तो आती ही रहती हैं लेकिन जंगली जानवरों, विशेष रूप से गुलदार का खतरा भी कम नहीं रहता। यह सबसे पहले मवेशियों पर हमला करता है लेकिन कभी-कभी छोटे बच्चे भी इसका शिकार बन जाते हैं। अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसी साल दिसम्बर तक 15 हजार से ज्यादा परिवारों को पक्के घर देने की घोषणा की है। गरीबों को पक्के मकान प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के तहत प्रदान किये जाएंगे। इस योजना के तहत ऊधम सिंह नगर, रुड़की, नैनीताल और देहरादून में पक्के मकान बनाए जाएंगे।
उत्तराखंड में आने वाले दिसंबर महीने तक 15 हजार से अधिक परिवारों को पक्की छत मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी को नई गति दी है। इसकी वजह से जरूरतमंद पात्र परिवारों का अपने आशियाने का सपना साकार हो रहा है। राज्य के आवास विभाग ने लंबित आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने के लिए अगले माह सितंबर तक की टाइम लाइन निर्धारित की है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत हर पात्र परिवार को पक्की छत उपलब्ध कराने के लिए पुष्कर धामी सरकार प्रतिबद्ध है। सचिव आवास, डॉ आर. राजेश के अनुसार प्रदेश में कुल 18 परियोजनाओं के तहत 15496 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है। इनमें लगभग 84 फीसदी यानी 12948 आवासों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि 1271 घरों की चाबियां भी लाभार्थियों को सौंपी जा चुकी है। इनमें 768 रुड़की और 503 लाभार्थी हरिद्वार के हैं। लंबित आवासीय परियोजनाओं को 30 सितंबर तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश कार्यदायी संस्थाओं को दिए गए हैं।
योजना के तहत सर्वाधिक 10200 मकान ऊधमसिंह नगर जनपद में बनाए जा रहे हैं। इनमें रुद्रपुर हाउसिंग स्कीम के 1872 आवास बनकर तैयार हो चुके हैं। इसके अलावा 1264 आवास भवानीपुर (जसपुर), 1168 उकरौली-1 (सितारगंज), 864 उकरौली-2 (सितारगंज), 1256 कनकपुर (काशीपुर), 928 मटकोटा (रुद्रपुर), 928 श्यामनगर (गदरपुर), 824 महुवाखेड़ागंज, 512 मानपुर (काशीपुर) एवं 584 गंगापुर गोसाल (काशीपुर) में पात्र लाभार्थियों को मिलेंगे। हरिद्वार जनपद में कुल 4528 आवासीय इकाइयों का निर्माण किया जा रहा है, इनमें 544 मंगलौर, 448 झब्बरपुर, 1152 अन्नेखी, 1088 बेल्दी (बेलड़ी, रुड़की), 768 आवास शिकारपुर एवं 528 इंद्रलोक आवासीय योजना के तहत बन रहे हैं। इसी प्रकार नैनीताल जनपद के उम्मेदनगर (रामनगर) में सभी 528 आवासीय इकाइयों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। देहरादून जनपद में धौलास हाउसिंग स्कीम के तहत 240 में से 180 आवासों का निर्माण पूर्ण हो चुका है।
इस उपलब्धि पर उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्र सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास के अनुरूप विकास योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के लिए हम संकल्पबद्ध हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों के सम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की मजबूत नींव है। प्रदेश में हजारों गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को योजना का सीधा मिला है। पात्र परिवारों की मदद के लिए योजना में अब राज्य सरकार की हिस्सेदारी को 50 हजार रुपये से बढ़ाकर 75 हजार रुपये किया जा रहा है।
सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के तहत चैपाल- 2026 का भी शुभारंभ किया। इस मौके पर सीएम ने लखपति दीदियों और महिला उद्यमियों को सम्मानित किया। सीएम धामी ने कहा कि सरकार महिला, युवा और ग्रामीण उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए समर्पित है। मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश में 13 हजार से अधिक उद्यमियों को सहयोग दिया जा चुका है। साथ ही 8 हजार से अधिक महिला उद्यमियों एवं स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों को उद्यमिता और आजीविका के अवसरों से जोड़ा गया है। उद्घाटन सत्र में उन्होंने देहरादून के आईटी पार्क स्थित 13 गांव में प्रदेश के समस्त जनपदों के स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद विपणन के लिए राज्य स्तरीय विपणन केंद्र खोलने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री कहते हैं कि आज हमारे गांव प्रदेश के विकास में सहभागी ही नहीं बन रहे हैं, बल्कि अपने सामर्थ्य और परिश्रम के बल पर आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के उत्साही युवाओं, साहसी मातृशक्ति में कुछ कर गुजरने की इच्छा और हुनर है। इसी तरह प्रदेश के स्थानीय उत्पादों में देश-दुनिया के बाजार तक पहुंचने की पूरी क्षमता है। जरूरत केवल इस बात कि है कि हुनर को सही दिशा मिले। इसी सोच के साथ प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना को आगे बढ़ाने का काम किया है।
योजना के जरिए सरकार का प्रयास है कि उत्तराखण्ड का युवा रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बने। साथ ही किसानों और महिलाओं की आर्थिक स्थित मजबूत हो। मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना इसी सोच को धरातल पर उतारने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीण उद्यमियों को अपना व्यवसाय शुरू करने और आगे बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रशिक्षण, आर्थिक सहयोग, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार से जुड़ने में मदद दी जा रही है।
पुष्कर सिंह धामी की सरकार गांव के उत्पादों को देश के बड़े शहरों तक पहुंचाने का प्रयास कर रही है। इसी दिशा मंे काम करते हुए हाउस आॅफ हिमालयाज नामक अंब्रेला ब्रांड तैयार किया गया है। धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हमंे वोकल फाॅर लोकल, लोकट टू ग्लोबल और आत्मनिर्भर भारत जैसे मंत्र दिये हैं। प्रदेश सरकार इसे धरातल पर उतारने के लिए प्रयासरत है। सरकार चाहती है कि जब कोई व्यक्ति उत्तराखण्ड का उत्पाद खरीदे, तो उसे उस उत्पाद में पहाड़ की मेहनत, संस्कृति, परंपरा और मिट्टी की खुशबू भी महसूस हो। इसीलिए आज प्रदेश में ग्रामीण हाट, विपणन केंद्र, कलेक्शन सेंटर और एग्री सर्विस सेंटर जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है, ताकि किसान और उद्यमी को अपने उत्पाद के लिए बेहतर बाजार और बेहतर मूल्य मिल सके।
ग्रामीण उद्यमिता का एक बड़ा उद्देश्य पलायन को रोकना भी है। सरकार चाहती है कि युवा रोजगार की
तलाश में अपने गांव को छोड़ने के लिए मजबूर न हों। क्योंकि गांव मजबूत होगा तो उत्तराखण्ड मजबूत होगा।
इस दिशा में कार्य करते हुए सरकार ग्रामोत्थान परियोजना (रीप) के माध्यम से भी गांव के अति-निर्धन परिवारों
को आजीविका से जोड़कर गांवों में रोजगार के अवसरों को बढ़ाने का कार्य कर रही है।
(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



