पंजाब के सांसद का नाम वोटर लिस्ट से गायब

बिहार विधानसभा चुनाव से शुरू हुआ मतदाता सूची का विवाद किसी न किसी रूप मंे आज भी चल रहा है। पश्चिम बंगाल में इसको लेकर ममता बनर्जी ने अदालत तक का दरवाजा खटखटाया था। अभी दो दिन पहले दिल्ली में लाखों लोग मतदाता सूची से बाहर किये गये। अब पंजाब, जहां अगले साल 2027 में विधानसभा के चुनाव होने हैं, वहां आम आदमी पार्टी (आप) छोड़कर भाजपा में शामिल हुए सांसद राघव चड्ढा का भी नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से काट दिया गया है। मजे की बात यह कि मतदाता सूची से नाम काटे जाने पर राजनीतिक बदले की बात कही गयी। यहां भी राघव चड्ढा वही आरोप लगा रहे हैं। लोकतंत्र की आत्मा चुनाव हैं और चुनाव का आधार मतदाता सूची होती है जिस पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं।
आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से काट दिया गया है। इस बात की जानकारी खुद राघव ने दी है। राघव का आरोप है कि राजनीतिक बदले भी भावना के तहत ऐसा किया गया है। उन्होंने कहा, मैं पंजाब से मौजूदा राज्यसभा सांसद हूं। मेरा वोटर आईडी पंजाब के मोहाली में रजिस्टर्ड है। फिर भी, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मेरा नाम शिफ्टेड के तौर पर दिखाया गया है।
राघव ने कहा कि अच्छी बात यह है कि ये फाइनल वोटर लिस्ट नहीं बल्कि सिर्फ ड्राफ्ट वोटर लिस्ट है।दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के दौरान नामों में सुधार किया जाता है, अभी यह प्रक्रिया चल रही है।फाइनल वोटर लिस्ट अक्टूबर 2026 में पब्लिश होगी। उन्होंने बताया कि वे पहले ही एसआईआर गाइडलाइंस के तहत उपलब्ध उपाय अपना रहे हैं। राघव ने आरोप लगाया कि ये सिर्फ कोई क्लर्क की गलती नहीं लग रही। यह साफ तौर पर राजनीतिक बदले की भावना का मामला है।
राघव ने कहा कि इस काम के लिए बीएलओ से लेकर पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी तक हर स्तर पर पंजाब सरकार के अधिकारी तैनात होते हैं। बीएलओ आमतौर पर पंजाब सरकार का एक जूनियर कर्मचारी होता है। इनके बीच काम करने वाले एईआरओ, ईआरओ और डीईओ भी पंजाब सरकार के ही अधिकारी होते हैं। सबसे ऊपर पंजाब-कैडर के आईएएस अधिकारी होते हैं जो पंजाब के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के तौर पर काम करते हैं। उन्होंने कहा कि इन अधिकारियों को पता होता है कि चुनावी ड्यूटी खत्म होने के बाद उनके ट्रांसफर, पोस्टिंग और करियर पर राज्य सरकार का कंट्रोल होता है। वे जानते हैं कि कौन उनका ट्रांसफर कर सकता है और कौन उनकी जिंदगी को मुश्किल बना सकता है।
राज्यसभा सांसद ने कहा कि पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर राजनीतिक बदले के लिए राज्य के अधिकारियों के जरिए राजनीतिक दबाव बनाती है। उन्होंने कहा कि जब से उन्होंने आम आदमी पार्टी छोड़ी है, तब से नेताओं में गुस्सा है।
(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



