यूक्रेन के सामरिक महत्व के शहर पर रूस का शिकंजा

रूस-यूक्रेन युद्ध में धीरे-धीरे रूस का पलड़ा भारी होता जा रहा है और यूक्रेन अपने हाथ बंधे हुए महसूस कर रहा है। जेलंेस्की अमेरिका से बार-बार रूस के खिलाफ एडवांस हथियारों की मांग कर रहे हैं लेकिन ट्रंप उन्हें सीधे-सीधे कुछ जवाब नहीं दे रहे। इसी बीच उनकी हालत रणभूमि में बिगड़ती जा रही है। इसका सबसे बड़ा प्रमाण यूक्रेन के पोक्रोव्स्क शहर पर रूस का लगभग पूरा कब्जा। रूस इस जगह को 2 साल से अपने हाथ में लेना चाहता था और आखिरकार उसकी ये सफलता इस युद्ध का रुख मोड़ने वाली है। जेलेंस्की ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से सीधी अपील की है कि वे चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर दबाव डालें ताकि चीन रूस को मदद देना बंद करे। ट्रंप इस हफ्ते साउथ कोरिया में शी जिनपिंग से मुलाकात करने वाले हैं।
अब यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने स्वीकार किया है कि रूसी सेना ने रणनीतिक शहर पोक्रोव्स्क में बड़ी बढ़त बना ली है। जेलेंस्की ने माना है कि हालात बेहद कठिन हैं। रूसी सैनिकों की संख्या यूक्रेनी सेना से आठ गुना ज्यादा है, जिसे रोक पाना फिलहाल संभव नहीं दिख रहा। उन्होंने साफ तौर पर कहा है ‘रूस अभी अपने सभी लक्ष्य हासिल नहीं कर पाया है, लेकिन उन्होंने हमें संख्या और ताकत से घेर लिया है’। पोक्रोव्स्क डोनबास क्षेत्र में यूक्रेन का सबसे अहम सप्लाई और ट्रांसपोर्ट हब है। यहीं से पूर्वी मोर्चे पर सैनिकों और हथियारों की सप्लाई होती है। अगर रूस इस शहर पर कब्जा कर लेता है, तो वह पूरे डोनेत्सक क्षेत्र पर नियंत्रण के और करीब पहुंच जाएगा। जेलेंस्की ने बताया कि सैटेलाइट तस्वीरों से पता चला है कि 200 से ज्यादा रूसी सैनिक पहले ही शहर के अंदर दाखिल हो चुके हैं। वहां भीषण लड़ाई जारी है और कई इलाकों में रूसी साबोटाज ग्रुप्स घुस आए हैं।



