कंबोडिया के नेता हुनसेन थाईलैण्ड के खिलाफ लड़ेंगे भीषण लड़ाई

कंबोडिया के ताकतवर सीनेट अध्यक्ष हुन सेन ने थाईलैंड के खिलाफ भीषण लड़ाई लड़ने की कसम खाई है। दक्षिण-पूर्वी एशियाई पड़ोसियों के बीच बड़े पैमाने पर संघर्ष जारी है। जंग जैसे हालातों की वजह से हजारों लोगों को सीमावर्ती इलाकों से विस्थापित होना पड़ा है। रविवार को एक छोटी झड़प के बाद दोनों देशों के बीच लड़ाई शुरू हुई थी। इस झड़प में 2 थाई सैनिक घायल हो गए थे। इससे पहले जुलाई में 5 दिनों की जंग हुई थी जिसमें दोनों तरफ से दर्जनों लोग मारे गए थे।
फेसबुक और टेलीग्राम पर पोस्ट किए गए एक बयान में हुन सेन ने दावा किया कि उनके देश ने 8 दिसम्बर को जवाबी कार्रवाई करने से परहेज किया था, लेकिन इसके बाद थाई सेना पर गोलीबारी शुरू कर दी। हुन सेन ने कहा, कंबोडिया शांति चाहता है, लेकिन कंबोडिया को अपने क्षेत्र की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। हुन सेन 2023 में तब तक कंबोडिया के प्रधानमंत्री रहे, जब तक उनके बेटे हुन मानेट ने उनकी जगह नहीं ली। हुन सेन को अभी भी देश का वास्तविक नेता माना जाता है।फिलहाल, ताजा हालात की बात करें तो ऐसे संकेत नहीं मिले हैं कि कोई भी पक्ष पीछे हटने को तैयार है। थाई प्रधानमंत्री अनुतिन चर्नविराकुल ने कहा है कि कंबोडिया ने अभी तक संभावित बातचीत के बारे में थाईलैंड से संपर्क नहीं किया है और लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा, हमें वही करना है जो हमें करना है, सरकार पहले से तय योजना के अनुसार सभी तरह के सैन्य अभियानों का समर्थन करेगी। थाईलैंड की सेना ने कहा कि कंबोडिया ने तोपखाने, रॉकेट और ड्रोन से थाई ठिकानों पर हमला किया। कंबोडियाई सेना ने सैनिकों पर गोलीबारी की थी। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर पहले गोली चलाने का आरोप लगा रहे हैं। हालात को देखते हुए दोनों ओर से ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की तरफ पलायन कर गए हैं।



