प्रतिष्ठा द्वादशी का दोहरा आयोजन

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की जन्मस्थली अयोध्या अब विश्वस्तरीय तीर्थ स्थल बन चुकी है। श्रीराम के नव्य-भव्य मंदिर मंे दो साल पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति मंे प्राण प्रतिष्ठा हुई थी। इस अवसर पर तीर्थ के अनुसार प्रति वर्ष प्राण प्रतिष्ठा उत्सव होता है। इस आर प्रतिष्ठा द्वादशी 31 दिसम्बर को होगी इसलिए 27 दिसम्बर से ही पांच दिवसीय महोत्सव प्रारम्भ हो जाएगा। इसके लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां चल रही हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय के दिशा निर्देशन मंे कार्यक्रम सम्पन्न होंगे। चम्पत राय जी ने बताया कि इस साल द्वादशी तिथि दो बार आने के कारण रामलला की प्राण प्रतिष्ठा वर्षगांठ दो बार मनायी जाएगी। पहली वर्षगांठ 10 जनवरी, 2025 को मनायी जा चुकी है। चम्पत राय के अनुसार 27 दिसम्बर से 2 जनवरी 2026 तक धार्मिक एवं सांस्कृतिक अनुष्ठानों का आयोजन होगा। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और केन्द्रीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह की विशेष उपस्थिति रहेगी। ध्यान रहे कि 22 जनवरी 2024 पौष शुक्ल पक्ष द्वादशी को प्रभु राम की प्राण प्रतिष्ठा हुई थी।
अयोध्या में एक बार फिर भव्य उत्सव का आयोजन होने जा रहा है, जिसमें देश-दुनिया के राम भक्तों की सहभागिता देखने को मिलेगी। प्रभु श्रीराम के विराजमान होने की दूसरी वर्षगांठ के अवसर पर 27 दिसंबर से 2 जनवरी तक धार्मिक और सांस्कृतिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। खास बात यह है कि 31 दिसंबर को प्रतिष्ठा द्वादशी पड़ रही है, जो उसी तिथि से मेल खाती है जिस दिन 22 जनवरी 2024 को प्रभु राम की प्राण-प्रतिष्ठा हुई थी। इसे देखते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सामूहिक बैठक में प्रतिष्ठा द्वादशी कार्यक्रम की रूपरेखा को अंतिम रूप दे दिया गया है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि इस अवसर पर विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे, जिनमें देश के कई प्रमुख व्यक्ति शामिल होंगे। प्रतिष्ठा द्वादशी के दिन रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति रहेगी, वहीं देशभर के प्रसिद्ध भजन गायक, कवि और नाटक कलाकार राम मंदिर परिसर में अपनी प्रस्तुतियां देंगे।
चंपत राय ने जानकारी दी कि 27 दिसंबर से अंगद टीला पर राम कथा का आयोजन शुरू होगा, जो प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। इसके बाद छत्तीसगढ़ की रामलीला का मंचन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान मालिनी अवस्थी, अनूप जलोटा सहित कई प्रसिद्ध भजन कलाकार प्रभु श्रीराम के भजन प्रस्तुत करेंगे। राम भक्तों के लिए अंगद टीला पर भोजन की भी व्यवस्था ट्रस्ट द्वारा की जाएगी।
राम मंदिर परिसर में होने वाले प्रतिष्ठा द्वादशी समारोह को लेकर ट्रस्ट के सभी पदाधिकारियों की एक महत्वपूर्ण बैठक अयोध्या में आयोजित की गई। बैठक में कार्यक्रमों की रूपरेखा, अतिथियों की सूची और श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। ट्रस्ट ने निर्णय लिया कि यह आयोजन पूरी भव्यता और धार्मिक मर्यादा के साथ किया जाएगा। ट्रस्ट के अनुसार 27 दिसंबर से राम मंदिर परिसर में पांच दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान आरंभ होंगे। इन अनुष्ठानों का संचालन ट्रस्ट सदस्य विश्व तीर्थ प्रसन्न कर जी महाराज द्वारा किया जाएगा। वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ होने वाले ये अनुष्ठान श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। राम मंदिर के निकासी मार्ग अंगद टीला पर भी पांच दिवसीय राम कथा का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही कवि सम्मेलन, भजन संध्या और नाट्य प्रस्तुतियों का भी आयोजन होगा। छत्तीसगढ़ के एक विश्वविद्यालय की टोली भगवान राम के जीवन पर आधारित दो दिवसीय नाटक प्रस्तुत करेगी, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।
प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर देश के प्रसिद्ध भजन गायक प्रभु राम का गुणगान करेंगे। भजन गायक अनूप जलोटा सहित कई बड़े कलाकार पांच दिनों तक राम भक्ति से सराबोर प्रस्तुतियां देंगे। इसके अलावा क्षेत्रीय कवियों के माध्यम से कवि सम्मेलन आयोजित कर भगवान राम की महिमा का बखान किया जाएगा।
प्रतिष्ठा द्वादशी के अवसर पर
अयोध्या में लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए ट्रस्ट श्रद्धालुओं की मूलभूत सुविधाओं जैसे दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, स्वच्छता और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान दे रहा है। प्रशासन और ट्रस्ट मिलकर व्यापक तैयारियों में जुटे हैं। प्रतिष्ठा द्वादशी के मौके पर पूरे राम मंदिर परिसर को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया जाएगा। पूरी अयोध्या नगरी को त्रेता युग की अनुभूति देने के लिए विशेष सजावट की जाएगी। इसकी तैयारियां अभी से शुरू कर दी गई हैं, ताकि श्रद्धालुओं को एक अलौकिक अनुभव मिल सके।
राम मंदिर परिसर में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का दूसरा वर्षगांठ इस वर्ष दो बार मनाया जाएगा। दरअसल, हिंदू पंचांग के अनुसार प्रतिष्ठा द्वादशी तिथि वर्ष 2025 में दो बार पड़ रही है। इसी कारण पहली वर्षगांठ 10 जनवरी 2025 को मनाई गई थी, जबकि दूसरी वर्षगांठ 31 दिसंबर 2025 को मनाई जाएगी। गौरतलब है कि 22 जनवरी 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामलला की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई थी। चूंकि धार्मिक तिथियाँ पंचांग के अनुसार हर वर्ष परिवर्तित होती हैं, इसलिए इस बार एक ही साल में प्राण प्रतिष्ठा की द्वादशी तिथि दो बार आने से अयोध्या में दोहरी उत्सवधर्मिता देखने को मिलेगी।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि प्रतिष्ठा द्वादशी’ का अर्थ है रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का पावन दिन। 10, 22 जनवरी 2024 को जब प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई थी, उस समय भारतीय पंचांग के अनुसार पौष शुक्ल द्वादशी तिथि थी। यही दिन देशभर में कूर्म जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। भगवान विष्णु के कूर्म अवतार से संबंधित इस तिथि को ही प्रतिष्ठा द्वादशी
कहा जाता है। भारत में सभी धार्मिक पर्व भारतीय कालगणना के अनुसार ही निर्धारित होते हैं,
इसलिए
इस वर्ष द्वादशी तिथि दो बार आने
के कारण रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ भी दो बार मनायी जाएगी।
(अशोक त्रिपाठी-हिफी फीचर)



